इकबाल
इकबाल खाड़ी देश जाना चाहता — घर बनेगा, बच्चे पढ़ेंगे। दलाल बोला "दो लाख में वीज़ा पक्का" — भरोसा आ गया। पासपोर्ट, वीज़ा असली या नकली — सब उलझन। गाँव में सब कहते, "जल्दी भेज, मौका चला जाएगा।"
सहायक से खाड़ी के कदम, धोखे की पहचान, वीज़ा जाँच, दूतावास के नंबर — सब मिला। दलाल जल्दी पैसा माँगता — सहायक ने पहले ही चेतावनी दी थी। पंजीकृत दलाल से काम — दुबई सुरक्षित!
विदेश जाना — सावधानी से, कानूनी रास्ते
खाड़ी का सपना अच्छा है — गलत दलाल से सब बर्बाद। सहायक सही प्रक्रिया, धोखे की पहचान, कागज़ बताता है। रसीद बिना नकद मत दो, बेटा। आख़िरी फ़ैसला तुम्हारा — दूतावास और सरकारी जालस्थल ही सच।
देश और नौकरी बताओ
संयुक्त अरब अमीरात, ईंट-बजरी का काम
दलाल का प्रस्ताव सहायक को भेजो
हर बात लिखकर — राशि, समय, कागज़
धोखे के संकेत पूछो
रसीद नहीं, पासपोर्ट पहले — क्या मतलब?
सरकारी कदम पक्का करो
पासपोर्ट, प्रवासी पोर्टल, दूतावास — मिलाकर जाँचो