विजय काका
विजय काका के किसान संगठन में — पंद्रह किसान का माल एक ट्रक में भेजना था। ट्रक अठारह हज़ार का, अकेले नहीं भर पाए — खाली जगह रह गई। माल ढुलाई पर्चा, सब्ज़ी के लिए ठंडा भंडार — किसी को नहीं आता। हर किसान अलग ट्रक बुलाता, सब पर महँगा पड़ता।
विजय काका ने एआई से ढुलाई खर्च बँटवारा, ट्रक बुक करने के कदम, माल ढुलाई पर्चा, ठंडे भंडार के विकल्प, रास्ता सही क्रम में लाने की योजना मँगवाई। एक ट्रक, पंद्रह किसान — बारह सौ रुपये प्रति किसान, पहले पच्चीस सौ लगते थे। पूरे समूह को उन्नीस हज़ार पाँच सौ रुपये बचत!
साझा ढुलाई — एआई से माल भेजना सस्ता
सुन, एक ट्रक में मिलकर भेजो — खर्च बाँटो। एआई बताता है खर्च कैसे बाँटें, ट्रक कैसे बुक करें, माल ढुलाई पर्चा कब चाहिए, ठंडा भंडार कब ज़रूरी। गाँव से शहर तक — हर कदम साफ़।
माल, मात्रा, कहाँ से-कहाँ बताओ
सब्ज़ी आठ टन, लखनऊ से दिल्ली
खर्च बँटवारा और बुकिंग के कदम मँगवाओ
प्रति क्विंटल या प्रति किसान — न्यायसंगत हिसाब