रमेश
बेटी की शादी — "बजट?" "मेहमान?" "मेन्यू?" "दुकानदार?" सब एक साथ। रमेश उलझ गया — खर्चा बढ़ता गया, हिसाब नहीं रहा।
एआई से बोला: "बेटी की शादी — बजट तीन लाख, मेहमान दो सौ, गाँव में। पूरी योजना बनाओ — मेन्यू, सजावट, खरीदारी, दुकानदार, समय-सारणी।" एआई ने मदवार बजट + चेकलिस्ट दी — खर्चा बजट में रहा!
शादी की योजना — एआई से बजट और सूची
शादी = सबसे बड़ा खर्चा। एआई से बनवाओ: (एक) बजट — मदवार (दो) मेहमान सूची (तीन) मेन्यू + सामान (चार) खरीदारी सूची (पाँच) समय-सारणी — कब क्या। बजट में रहो, कुछ न छूटे।