रमेश किसान
रमेश को व्हाट्सऐप पर संदेश आया — "आपका पैसा फँसा है, इस लिंक पर दबाएँ।" दबाया — खाते से पाँच हज़ार गायब! "यूपीआई इस्तेमाल करना बंद?" — नहीं, सीखो कैसे बचें।
अब रमेश कोई भी संदेहास्पद संदेश एआई को भेजता है — "यह असली है या ठगी?" एआई बताता है — "यह ठगी है, इसलिए: (एक) बैंक कभी लिंक नहीं भेजता (दो) ओटीपी कभी मत दो।" अब रमेश कभी नहीं फँसा!
यूपीआई सुरक्षा — ठगी पहचानो, पैसा बचाओ
यूपीआई सुरक्षित है — ठगी होती है तुम्हारी गलती से। तीन नियम: (एक) कभी ओटीपी मत दो। (दो) अजनबी लिंक मत दबाओ। (तीन) पैसा लेने के लिए कभी पिन नहीं डालना — सिर्फ भेजने के लिए। इतना याद = सुरक्षित।
असली बनाम ठगी
| असली (बैंक) | ठगी |
|---|---|
| ओटीपी नहीं माँगे | ओटीपी माँगे |
| बैंक ऐप में सूचना | लिंक भेजे |
| जल्दबाज़ी न करे | "अभी करो!" कहे |
| सही जालस्थल (.gov/.bank) | अजीब लिंक (.xyz/.info) |