रमेश किसान
रमेश को ज़िला अस्पताल जाना था — "कौन से रास्ते से जाऊँ? कितनी दूर? बस मिलेगी?" पहले बार गया — गलत रास्ता, दो घंटे बर्बाद।
बेटे ने गूगल मैप्स खोला — "ज़िला अस्पताल" खोजा — रास्ता, दूरी, समय, बस/ऑटो सब दिख गया। अब रमेश हर जगह मैप्स से जाते — कभी नहीं भटकते!
गूगल मैप्स — कहीं भी जाओ, कभी न भटको
गूगल मैप्स = फोन में नक्शा। (एक) जगह खोजो — अस्पताल, मंडी, स्कूल, पेट्रोल पंप। (दो) रास्ता — कितनी दूर, कितना समय, कैसे जाएँ। (तीन) आसपास — नज़दीकी दुकान, एटीएम, होटल।
गूगल मैप्स खोलो
फोन में पहले से है — नीले-हरे-पीले नक्शे वाला चिह्न
ऊपर खोज पट्टी में लिखो/बोलो
"ज़िला अस्पताल" या "नज़दीकी पेट्रोल पंप"
"दिशा-निर्देश" (Direction) दबाओ
नीला बटन — रास्ता दिखेगा
"शुरू करो" दबाओ
आवाज़ में बताएगा — "दो सौ मीटर बाद दाएँ मुड़ो"