रमेश
रमेश उत्तर प्रदेश के छोटे गाँव का युवक है। जन सेवा केंद्र के बाहर रोज़ लोग लाइन में खड़े रहते — किसान सम्मान निधि, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड के आवेदन भरवाने आते हैं। रमेश भी भरता था, पर गलती हो जाती, लोग वापस जाते, पैसा नहीं मिलता। एक दिन उसने एआई से फ़ॉर्म भरना सीखा — अब रोज़ आठ-दस आवेदन, महीने में पंद्रह हज़ार रुपये!
रमेश ने एआई से बोला: "किसान सम्मान निधि का आवेदन — किसान रामप्रसाद, आधार बारह चौंतीस, खाता पाँच छह सात आठ, दो बीघा ज़मीन।" एआई ने पूरा आवेदन सही क्रम में लिख दिया। रमेश ने ऑनलाइन भरा, अस्सी रुपये लिए — दस मिनट का काम! अब वो केंद्र, तहसील, बैंक — जहाँ भी लोग परेशान, वहाँ बैठता है।
फ़ॉर्म भरवाने का धंधा — एआई से कमाओ
गाँव और कस्बे में अस्सी प्रतिशत लोग सरकारी फ़ॉर्म से डरते हैं — किसान सम्मान निधि, आयुष्मान, राशन कार्ड, जाति प्रमाण, आय प्रमाण, कृषि ऋण। एआई फ़ॉर्म लिखता है, तुम भरते हो — पचास से सौ रुपये साधारण फ़ॉर्म, दो सौ जटिल फ़ॉर्म। रोज़ पाँच-दस फ़ॉर्म = पाँच सौ से एक हज़ार रुपये!
ग्राहक से सारी जानकारी लिख लो
नाम, आधार, खाता, ज़मीन, पता — कॉपी में
एआई को फ़ॉर्म का नाम और जानकारी दो
किसान सम्मान निधि, आयुष्मान, राशन कार्ड — साफ़ बताओ
एआई का जवाब पढ़कर ऑनलाइन या कागज़ पर भरो
जन सेवा केंद्र, यूमंग ऐप, या हाथ से
पचास-सौ रुपये (साधारण) या दो सौ (जटिल) लो
व्हाट्सऐप पर रसीद की तस्वीर भेजो — भरोसा बढ़े