गीता अध्यापिका
गीता का एआई सहायक अच्छा था — पर कभी-कभी बहुत लंबा लिख देता, कभी अंग्रेज़ी शब्द डाल देता, कभी बच्चों के लिए कठिन। "काश मैं बता सकूँ — ये गलतियाँ मत करो!"
गीता ने "मत करो" नियम जोड़े: "कभी अंग्रेज़ी मत लिखो। कभी पाँच पंक्ति से ज़्यादा मत लिखो। कभी कठिन शब्द मत डालो। हमेशा उदाहरण दो।" — अब एआई इन सीमाओं में रहता है, गलतियाँ बंद!
एआई को नियम दो — "करो" और "मत करो"
नियम दो प्रकार के: (एक) "हमेशा करो" — सरल हिंदी, उदाहरण दो, तारीख लिखो। (दो) "कभी मत करो" — अंग्रेज़ी नहीं, पाँच पंक्ति से ज़्यादा नहीं, असत्य आँकड़े नहीं। दोनों मिलाकर एआई को सीमा में रखते हैं — जैसे नदी को किनारे रखते हैं ताकि बाढ़ न आए।
नदी और बाँध
बिना बाँध — नदी कहीं भी बहे, बाढ़ आए। बाँध लगाओ — पानी सही जगह जाए, फसल सिंचे। "मत करो" नियम = बाँध। एआई सही दिशा में रहे।
बड़ी कंपनियों के एआई सहायक में सैकड़ों नियम होते हैं — "ग्राहक को कभी बुरा मत बोलो", "कीमत गलत मत बताओ"। तुम्हारे पाँच-दस नियम = बहुत शक्तिशाली।