🔧 SG — Subcategory Business Guide

तेल घानी
Oil Mill Business Guide

शुद्ध तेल, शुद्ध सेहत — गाँव की घानी से निकलता है असली स्वाद

KaryoSetu Academy · Subcategory Business Guide · Services · संस्करण 1.0 · मई 2026

📋 विषय सूची

अध्याय 01

🔧 परिचय — तेल घानी क्या है?

तेल घानी (कोल्हू/ऑयल मिल) वह व्यवसाय है जिसमें तिलहनी बीजों — सरसों, मूँगफली, तिल, नारियल, अलसी — से तेल निकाला जाता है। भारत के गाँवों में सदियों से बैलों द्वारा कोल्हू चलाकर तेल निकाला जाता रहा है। आज मशीनों से यही काम तेज़ और बड़ी मात्रा में होता है।

पिछले कुछ सालों में "कोल्ड-प्रेस्ड तेल" और "लकड़ी घानी तेल" की माँग बहुत बढ़ी है। शहरी ग्राहक ₹300-500/लीटर में शुद्ध घानी तेल खरीद रहे हैं — जबकि रिफाइंड तेल ₹120-150 का बिकता है। यह premium market गाँव के घानी वालों के लिए सुनहरा अवसर है।

तेल घानी के मुख्य प्रकार

  • लकड़ी घानी (Wood Pressed): पारंपरिक, धीमी गति, सबसे शुद्ध तेल
  • कोल्ड-प्रेस्ड मशीन: बिजली से चलती है, तापमान कम रहता है
  • ऑयल एक्सपेलर: तेज़ गति, ज़्यादा तेल निकलता है, बड़े पैमाने पर
  • फिल्टर प्रेस: तेल साफ करने का उपकरण
💡 जानने योग्य बात

भारत हर साल ₹1.5 लाख करोड़ से ज़्यादा का खाद्य तेल import करता है। स्थानीय घानी का तेल इस import पर निर्भरता कम कर सकता है। सरकार भी "आत्मनिर्भर तिलहन अभियान" चला रही है — घानी वालों के लिए अच्छे दिन आ रहे हैं!

अध्याय 02

💰 यह काम इतना ज़रूरी क्यों है?

हर रसोई में तेल चाहिए — रोटी बनाओ या सब्ज़ी, अचार बनाओ या पकौड़े। एक परिवार महीने में 2-5 लीटर तेल इस्तेमाल करता है। गाँव में 500 घर = 1,500-2,500 लीटर/माह की माँग। अगर इसका 30% भी आपकी घानी से जाए — बिज़नेस बढ़िया चलेगा।

कमाई की संभावना

घानी का स्तरप्रतिदिन उत्पादनप्रतिदिन मुनाफाप्रतिमाह (26 दिन)
छोटी घानी (5HP)20-40 लीटर₹400-800₹10,000-20,000
मध्यम घानी (10HP)50-100 लीटर₹1,000-2,000₹25,000-50,000
बड़ी घानी (20HP+)150-300 लीटर₹2,500-5,000₹65,000-1,30,000
ब्रांडेड पैकेट + ऑनलाइन100+ लीटर₹3,000-8,000₹80,000-2,00,000+
📌 असली हिसाब — सरसों तेल

100 किलो सरसों = ₹5,500-6,000 (खरीद)। इससे 33-35 लीटर तेल निकलता है + 65 किलो खली। तेल: 35 लीटर × ₹180/लीटर = ₹6,300। खली: 65 किलो × ₹20/किलो = ₹1,300। कुल आमदनी = ₹7,600। बिजली+मज़दूरी ₹300। शुद्ध मुनाफा = ₹1,300-1,800 (100 किलो पर)।

मौसमी पैटर्न

साल भर का हाल

  • रबी कटाई (मार्च-अप्रैल): 🔥 सरसों की फसल — सबसे ज़्यादा काम
  • खरीफ कटाई (अक्टूबर-नवंबर): 🔥 मूँगफली, तिल, सोयाबीन — दूसरा peak
  • त्योहार (दिवाली-होली): अच्छी माँग — तेल की खपत बढ़ती है
  • गर्मी (मई-जुलाई): सामान्य माँग — स्टोर किए बीजों से काम
💡 बड़ी बात

तेल घानी का बिज़नेस "दोहरी कमाई" देता है — तेल बेचो और खली भी बेचो। खली पशुओं का चारा बनती है और इसकी हमेशा माँग रहती है। कोई कचरा नहीं, कोई बरबादी नहीं!

अध्याय 03

🛠️ ज़रूरी कौशल और उपकरण

ज़रूरी कौशल

उपकरण और लागत

उपकरणउपयोगअनुमानित कीमत
ऑयल एक्सपेलर (5HP)छोटे पैमाने पर तेल निकालना₹40,000-70,000
ऑयल एक्सपेलर (10HP)मध्यम पैमाने पर₹1,00,000-1,80,000
लकड़ी घानी मशीनकोल्ड-प्रेस्ड premium तेल₹50,000-1,00,000
फिल्टर प्रेसतेल साफ/छानना₹15,000-30,000
बीज क्लीनरबीजों से मिट्टी/कंकड़ निकालना₹10,000-20,000
इलेक्ट्रॉनिक तराज़ूबीज और तेल तौलना₹3,000-6,000
स्टील टंकी (200 लीटर)तेल स्टोर करना₹3,000-5,000
पैकिंग मशीनबोतल/पाउच भरना₹5,000-15,000

शुरुआती निवेश का हिसाब

छोटी घानी: ₹60,000-1,00,000 (5HP मशीन + फिल्टर + बीज खरीद)

मध्यम घानी: ₹2,00,000-3,50,000 (10HP + फिल्टर + शेड + वर्किंग कैपिटल)

बड़ी घानी + ब्रांड: ₹5,00,000-10,00,000 (20HP + पैकिंग + FSSAI + मार्केटिंग)

⚠️ ध्यान रखें

सस्ती मशीन में तेल ज़्यादा गर्म होता है — पोषक तत्व नष्ट होते हैं और ग्राहक को "कोल्ड-प्रेस्ड" नहीं कह सकते। अगर premium बाज़ार चाहते हैं तो अच्छी quality की लकड़ी घानी या कोल्ड-प्रेस मशीन लें।

अध्याय 04

🚀 शुरू कैसे करें — ज़ीरो से शुरुआत

चरण 1: कौन सा तेल बनाएंगे — तय करें

इलाके के हिसाब से चुनें

  • उत्तर भारत (UP, MP, राजस्थान): सरसों का तेल — सबसे ज़्यादा माँग
  • गुजरात, महाराष्ट्र: मूँगफली का तेल
  • दक्षिण भारत: नारियल, तिल का तेल
  • मध्य भारत (MP, छत्तीसगढ़): अलसी, सोयाबीन

चरण 2: जगह और बिजली

300-500 वर्ग फुट जगह चाहिए — मशीन, बीज स्टोरेज, तेल स्टोरेज। 3-फेज़ बिजली ज़रूरी। मुख्य सड़क पर हो तो ग्राहक सीधे आ सकें।

चरण 3: मशीन और सेटअप

चरण 4: लाइसेंस

📌 शुरुआत की कहानी

रामनारायण ने ₹80,000 में एक छोटी एक्सपेलर मशीन खरीदी। पहले अपने खेत की सरसों का तेल निकाला — 5 क्विंटल सरसों से 170 लीटर तेल। फिर पड़ोसियों की सरसों भी पेरने लगे — ₹5/किलो पेराई शुल्क। 3 महीने में मशीन की कीमत वसूल हो गई।

📝 अभ्यास

अपने इलाके में कौन-कौन से तिलहन उगते हैं, उनकी कीमत क्या है, और कितने किसान हैं — यह जानकारी इकट्ठा करें। यह आपका "कच्चा माल सर्वे" है।

अध्याय 05

⚙️ काम कैसे होता है — पूरी प्रक्रिया

काम 1: सरसों का तेल निकालना

पूरी प्रक्रिया (100 किलो बैच)

  1. सरसों की जाँच — नमी 6-8% होनी चाहिए, ज़्यादा हो तो सुखाएं
  2. बीज क्लीनर से मिट्टी, कंकड़, खराब बीज अलग करें
  3. एक्सपेलर में डालें — मशीन चालू करें
  4. एक छोर से तेल निकलेगा, दूसरे छोर से खली
  5. कच्चा तेल इकट्ठा करें — गंदला होगा
  6. फिल्टर प्रेस से छानें — साफ सुनहरा तेल तैयार
  7. 2-3 दिन settle होने दें — तलछट नीचे बैठेगी
  8. ऊपर का साफ तेल बोतल/टिन में भरें

उत्पादन: 100 किलो सरसों = 33-36 लीटर तेल + 64-67 किलो खली

काम 2: मूँगफली का तेल निकालना

पूरी प्रक्रिया

  1. मूँगफली के दाने छिलके से अलग करें (अगर साबुत हैं)
  2. दानों को हल्का गर्म करें (50-60°C) — तेल आसानी से निकलता है
  3. एक्सपेलर में डालें — तेल और खली अलग-अलग
  4. फिल्टर करें, settle करें, पैक करें

उत्पादन: 100 किलो मूँगफली दाना = 40-45 लीटर तेल + 55-60 किलो खली

काम 3: ग्राहक की पेराई सेवा

पूरी प्रक्रिया

  1. किसान अपने बीज लेकर आए — तौलें, रसीद दें
  2. मशीन में डालकर तेल निकालें
  3. तेल और खली दोनों किसान को दें
  4. पेराई शुल्क लें — ₹4-8/किलो (बीज के वज़न पर)

शुल्क: सरसों ₹4-6/किलो, मूँगफली ₹6-8/किलो, तिल ₹8-10/किलो

💡 प्रोफेशनल टिप

हर बैच का तेल अलग रखें — मिक्स न करें। ग्राहक को दिखाएं कि उसी के बीजों से कितना तेल निकला। पारदर्शिता से भरोसा बनता है।

अध्याय 06

✅ गुणवत्ता कैसे बनाएं

शुद्ध तेल की पहचान

  1. रंग: सरसों — गहरा पीला, मूँगफली — हल्का पीला, तिल — सुनहरा
  2. गंध: तीखी प्राकृतिक गंध — कोई रासायनिक गंध नहीं
  3. साफ: कोई तलछट, मिट्टी, या गंदगी नहीं
  4. स्वाद: सरसों का तेल जीभ पर हल्की जलन, मूँगफली मीठापन
⚠️ ये गलतियाँ बिलकुल न करें

❌ सस्ता पाम ऑयल मिलाकर "शुद्ध सरसों तेल" बोलना — यह अपराध है (FSSAI कानून)।
❌ गीले/सड़े बीजों से तेल निकालना — तेल बदबूदार और हानिकारक होगा।
❌ बिना फिल्टर किए बेचना — गंदला तेल कोई नहीं खरीदता।
❌ प्लास्टिक के डिब्बे में रखना — तेल प्लास्टिक के केमिकल सोखता है।

गुणवत्ता चेकलिस्ट
  • बीज साफ और सूखे हैं — नमी 8% से कम
  • मशीन साफ है — पिछली बैच का residue नहीं
  • तेल फिल्टर किया — कोई तलछट नहीं
  • तेल settle हुआ — 2-3 दिन बाद पैक किया
  • स्टील/काँच के बर्तन में रखा — प्लास्टिक नहीं
  • ठंडी और अँधेरी जगह में स्टोर किया
अध्याय 07

💲 दाम कैसे तय करें

तेल बाज़ार दर (2025-26)

तेल का प्रकारघानी तेल (खुला)पैकेट (ब्रांडेड)कोल्ड-प्रेस्ड premium
सरसों₹140-180/लीटर₹180-220/लीटर₹250-400/लीटर
मूँगफली₹160-200/लीटर₹200-280/लीटर₹300-500/लीटर
तिल₹250-350/लीटर₹350-500/लीटर₹500-800/लीटर
नारियल₹180-250/लीटर₹250-350/लीटर₹400-600/लीटर
अलसी₹200-300/लीटर₹300-450/लीटर₹450-700/लीटर

पेराई शुल्क

  • सरसों: ₹4-6/किलो बीज
  • मूँगफली: ₹6-8/किलो दाना
  • तिल: ₹8-12/किलो
  • नारियल: ₹3-5/नारियल
📌 मुनाफे का हिसाब

सरसों: बीज ₹55/किलो × 100 किलो = ₹5,500। तेल 35 लीटर × ₹170 = ₹5,950। खली 65 किलो × ₹22 = ₹1,430। कुल आमदनी ₹7,380। बिजली + मज़दूरी ₹400। मुनाफा = ₹1,480 (100 किलो बैच पर)।

अध्याय 08

🤝 ग्राहक कैसे लाएं

1. किसानों को पेराई सेवा दें

फसल कटाई के बाद किसानों के पास बीज होते हैं — उन्हें पेराई सेवा दें। वो बीज लाएंगे, आप तेल निकालकर दो। शुल्क कमाओ और ग्राहक बनाओ।

2. शुद्धता का भरोसा

💡 भरोसा कैसे बनाएं

ग्राहक के सामने उसी के बीजों से तेल निकालो। बोतल पर लिखो "शुद्ध कोल्ड-प्रेस्ड, कोई मिलावट नहीं।" FSSAI लाइसेंस नंबर छपवाओ। एक बार भरोसा बना — ग्राहक कभी नहीं छोड़ता।

3. किराना दुकानों में सप्लाई

1 लीटर, 2 लीटर, 5 लीटर की बोतलें/टिन में भरकर दुकानों को दें। ₹10-20/लीटर कमीशन दो — दुकानदार बेचेगा।

4. शहरी ग्राहक (Premium Market)

"कोल्ड-प्रेस्ड, ऑर्गेनिक" लेबल लगाकर ऑनलाइन (Amazon, Flipkart) या WhatsApp से शहर में बेचो। शहरी ग्राहक ₹300-500/लीटर देने को तैयार हैं।

5. KaryoSetu पर लिस्टिंग

आसपास के लोगों के लिए KaryoSetu पर "तेल घानी" लिस्टिंग बनाएं।

📝 इस हफ्ते का काम

अपने 5 किमी दायरे में कितने किसान सरसों/मूँगफली/तिल उगाते हैं — पता करें। 10 किसानों से बात करें: "अगर मैं पेराई सेवा शुरू करूं तो आप आएंगे?"

अध्याय 09

📈 बिज़नेस कैसे बढ़ाएं

स्तर 1: पेराई सेवा से शुरू

पहले सिर्फ किसानों के बीजों की पेराई करें — कम जोखिम, steady कमाई।

स्तर 2: खुद बीज खरीदें और तेल बेचें

📌 गणित

मंडी से 10 क्विंटल सरसों ₹55,000 में खरीदो। 350 लीटर तेल + 650 किलो खली बनेगी। तेल ₹170/लीटर × 350 = ₹59,500। खली 650 × ₹22 = ₹14,300। कुल ₹73,800। खर्च ₹59,000। मुनाफा ₹14,800।

स्तर 3: अपना ब्रांड बनाएं

बोतल पर लेबल लगाओ — "गाँव की शुद्ध घानी, कोल्ड-प्रेस्ड सरसों तेल।" ब्रांडेड तेल ₹30-50/लीटर ज़्यादा बिकता है।

स्तर 4: ऑनलाइन और शहरी बाज़ार

Amazon, Flipkart, या WhatsApp से शहरी ग्राहकों को बेचें। "Farm to Table" — यह trend में है।

स्तर 5: मल्टी-ऑयल प्लांट

सरसों + मूँगफली + तिल + नारियल — सब तरह के तेल बनाएं। खली से पशु आहार बनाकर बेचें।

💡 5 साल का विज़न

साल 1: पेराई सेवा, ₹10-15K/माह → साल 2: खुद बीज खरीद+बिक्री, ₹25-40K/माह → साल 3: ब्रांड, ₹50-80K/माह → साल 4-5: ऑनलाइन+मल्टी-ऑयल, ₹1-2L/माह।

अध्याय 10

⚡ आम चुनौतियाँ और समाधान

1. बीजों की कीमत में उतार-चढ़ाव

समस्या: सरसों ₹50/किलो से ₹70/किलो हो गई — मुनाफा कम।

समाधान: फसल कटाई के समय सस्ते में बड़ी मात्रा में खरीदकर स्टोर करें। किसानों से सीधे खरीदें — मंडी से सस्ता मिलता है।

2. मिलावट का आरोप

समस्या: "तुम्हारे तेल में मिलावट है" — ऐसा अफवाह फैल जाती है।

समाधान: FSSAI लाइसेंस दिखाएं। ग्राहक के सामने तेल निकालने का ऑफर दें। lab testing करवाकर रिपोर्ट दुकान पर लगाएं।

3. बड़ी कंपनियों से competition

समस्या: Fortune, Dhara जैसे ब्रांड सस्ता रिफाइंड तेल बेच रहे हैं।

समाधान: अपनी USP बताएं — "ताज़ा, कोल्ड-प्रेस्ड, कोई रसायन नहीं।" सेहत-जागरूक ग्राहक premium देने को तैयार हैं।

4. तेल खराब होना (rancidity)

समस्या: 2-3 महीने बाद तेल में बदबू आने लगती है।

समाधान: स्टील के बंद डिब्बे में रखें। ठंडी, अँधेरी जगह पर स्टोर करें। 3-4 महीने में बिकने लायक ही उत्पादन करें — ज़्यादा स्टॉक न रखें।

5. बिजली की समस्या

समस्या: गाँव में बिजली 8-10 घंटे ही आती है।

समाधान: बिजली के समय का पूरा उपयोग करें। डीज़ल जनरेटर (₹50,000-80,000) बैकअप रखें। सोलर पैनल से बिजली बिल भी बचेगा।

अध्याय 11

🌟 सफलता की कहानियाँ

कहानी 1: बालकिशन — अलवर, राजस्थान

बालकिशन के पास 5 बीघा ज़मीन में सरसों उगती थी। पहले मंडी में बेचते थे — ₹4,500/क्विंटल। फिर ₹70,000 में घानी मशीन ली। अब सरसों पेरकर तेल बेचते हैं — एक क्विंटल से ₹6,000-7,000 की कमाई (तेल+खली)। पड़ोसियों की सरसों भी पेरते हैं। कुल कमाई 3 गुना बढ़ गई।

पहले: ₹8,000-10,000/माह (सरसों बिक्री) | अब: ₹30,000-40,000/माह (घानी)

उनकी सलाह: "किसान हो तो अनाज मत बेचो — प्रोसेस करके बेचो। मुनाफा 3 गुना है।"

कहानी 2: प्रभा बहन — जूनागढ़, गुजरात

प्रभा बहन ने SHG (स्वयं सहायता समूह) के 10 महिलाओं के साथ मिलकर मूँगफली घानी शुरू की। NABARD से ₹2 लाख का लोन लिया। "प्रभा ऑर्गेनिक ऑयल" ब्रांड बनाया। आज Amazon पर भी बिकता है — ₹450/लीटर। 10 महिलाओं को रोज़गार मिला।

शुरुआत: SHG, ₹0 कमाई | अब: ₹1,50,000/माह (समूह की कुल कमाई)

उनकी सलाह: "अकेले मत करो — समूह बनाओ। ताकत बढ़ती है, जोखिम बँटता है।"

कहानी 3: शंकर लाल — सतना, मध्य प्रदेश

शंकर लाल 15 साल से तेल घानी चला रहे हैं। शुरू में एक छोटी मशीन थी। आज 3 मशीनें हैं — सरसों, अलसी, और तिल। "शंकर शुद्ध तेल" 30 गाँवों की दुकानों में बिकता है। 5 लोगों को रोज़गार दिया।

पहले: ₹10,000/माह (एक मशीन) | अब: ₹80,000-1,00,000/माह

उनकी सलाह: "शुद्धता से कभी समझौता मत करो। एक बार मिलावट की तो ब्रांड खत्म।"

अध्याय 12

🏛️ सरकारी योजनाएँ

1. पीएम विश्वकर्मा योजना

फायदे: ₹15,000 तक मुफ्त टूलकिट, 5% ब्याज पर ₹3 लाख तक लोन

आवेदन: pmvishwakarma.gov.in या CSC सेंटर

2. मुद्रा लोन (PMMY)

शिशु: ₹50,000 तक | किशोर: ₹5 लाख तक | तरुण: ₹10 लाख तक

आवेदन: किसी भी बैंक या mudra.org.in

3. PMEGP

सब्सिडी: ग्रामीण क्षेत्र 25-35% | आवेदन: kviconline.gov.in

4. FSSAI रजिस्ट्रेशन

शुल्क: बेसिक ₹100/साल | आवेदन: foscos.fssai.gov.in

5. राष्ट्रीय तिलहन मिशन (NMOOP)

क्या है: तिलहन उत्पादन बढ़ाने की योजना — प्रोसेसिंग यूनिट के लिए सब्सिडी

फायदा: मशीनरी पर 40-50% सब्सिडी

आवेदन: कृषि विभाग, ज़िला कार्यालय

💡 सबसे पहले करें

FSSAI रजिस्ट्रेशन + उद्यम रजिस्ट्रेशन — ये दोनों मुफ्त/सस्ते हैं और बैंक लोन के लिए ज़रूरी हैं। फिर PMEGP या मुद्रा लोन अप्लाई करें।

अध्याय 13

📱 KaryoSetu पर कैसे लिस्ट करें

स्टेप-बाय-स्टेप

  1. KaryoSetu ऐप खोलें → लॉगिन करें
  2. "लिस्टिंग बनाएं" (+) पर टैप करें
  3. कैटेगरी: "सेवाएँ (Services)"
  4. सबकैटेगरी: "तेल घानी (Oil Mill)"
  5. टाइटल और विवरण लिखें
  6. दाम: "सरसों पेराई ₹5/किलो, तेल ₹170/लीटर"
  7. फोटो: मशीन, तेल की बोतल, दुकान
  8. "पब्लिश करें"
📌 अच्छे टाइटल
  • "शुद्ध कोल्ड-प्रेस्ड सरसों तेल — घानी का ताज़ा | FSSAI लाइसेंस"
  • "तेल पेराई सेवा — सरसों, मूँगफली, तिल | ₹5/किलो से"
  • "गाँव की घानी — शुद्ध तेल + खली | होम डिलीवरी"
⚠️ ये गलतियाँ न करें

❌ "शुद्ध" लिखना लेकिन FSSAI न होना — कानूनी मुसीबत।
❌ फोटो न डालना — ग्राहक बिना फोटो भरोसा नहीं करता।
❌ दरें न बताना — "दाम पूछो" लिखने से ग्राहक नहीं आता।

अध्याय 14

✊ आज से शुरू करें — Action Checklist

🎯 मेरी Action Checklist
  • इलाके में कौन से तिलहन उगते हैं — सर्वे करें
  • 2-3 मशीन डीलरों से कोटेशन और demo देखें
  • जगह और 3-फेज़ बिजली की उपलब्धता जाँचें
  • FSSAI बेसिक रजिस्ट्रेशन करें (₹100)
  • उद्यम रजिस्ट्रेशन करें (मुफ्त)
  • मुद्रा लोन या PMEGP के लिए बैंक से बात करें
  • 10 किसानों से मिलें — पेराई सेवा का प्रस्ताव दें
  • KaryoSetu पर "तेल घानी" लिस्टिंग बनाएं
  • एक छोटा बैच (50 किलो) trial के लिए पेरें
  • तेल का sample 5 दुकानदारों को दें — feedback लें
📝 पहले हफ्ते का लक्ष्य
  • इलाके का तिलहन सर्वे पूरा होना चाहिए
  • कम से कम 2 मशीन डीलरों से मिलना चाहिए
  • FSSAI और उद्यम रजिस्ट्रेशन शुरू होना चाहिए
  • KaryoSetu पर लिस्टिंग LIVE होनी चाहिए
💡 याद रखें

शुद्ध तेल की माँग हर साल बढ़ रही है। लोग सेहत के प्रति जागरूक हो रहे हैं — रिफाइंड छोड़कर घानी तेल खरीद रहे हैं। आपकी घानी सिर्फ बिज़नेस नहीं, लोगों की सेहत की सेवा है! 🫒