🛒 SG — Subcategory Business Guide

चिप्स-नमकीन
Chips & Namkeen Business Guide

घर की कड़ाही से बाज़ार तक — कुरकुरे चिप्स और चटपटे नमकीन का बिज़नेस शुरू करें

KaryoSetu Academy · Subcategory Business Guide · Products · संस्करण 1.0 · मई 2026

📋 विषय सूची

अध्याय 01

🛒 परिचय — चिप्स-नमकीन क्या है?

भारत के हर गाँव, कस्बे और शहर में चिप्स और नमकीन सबसे ज़्यादा बिकने वाले स्नैक्स हैं। चाय के साथ, त्योहार पर, मेहमानों की आवभगत में — हर जगह चिप्स-नमकीन की ज़रूरत होती है। यह एक ऐसा बिज़नेस है जो घर की रसोई से शुरू होकर लाखों रुपये की कमाई तक पहुँच सकता है।

चिप्स-नमकीन के प्रमुख प्रकार

कौन बना सकता है?

कोई भी व्यक्ति जो खाना बनाना जानता हो, यह बिज़नेस शुरू कर सकता है। ख़ासतौर पर गृहिणियाँ, महिला स्वयं सहायता समूह, छोटे किसान और युवा उद्यमी। शुरुआत में सिर्फ़ ₹5,000-₹15,000 का निवेश काफ़ी है।

📌 क्षेत्रीय विशेषता

हर क्षेत्र की अपनी ख़ास नमकीन होती है — बीकानेर की भुजिया, रतलाम की सेव, इंदौर का नमकीन मिक्स, केरल के केले के चिप्स, गुजरात के गाँठिया। अपने क्षेत्र की पारंपरिक रेसिपी को ब्रांड बनाकर बेचने में बड़ा फ़ायदा है — लोग अपने क्षेत्र का स्वाद याद करके ख़रीदते हैं।

💡 जानकारी

भारत का नमकीन बाज़ार ₹40,000 करोड़ से अधिक का है और हर साल 12-15% बढ़ रहा है। छोटे और घरेलू ब्रांड्स की माँग तेज़ी से बढ़ रही है क्योंकि लोग ताज़ा और बिना प्रिज़र्वेटिव वाले उत्पाद चाहते हैं।

अध्याय 02

💰 यह बिज़नेस इतना ज़रूरी क्यों है?

चिप्स-नमकीन एक ऐसा उत्पाद है जिसकी माँग कभी कम नहीं होती। हर मौसम में, हर उम्र के लोग इसे खाते हैं। गाँवों में किराना दुकानों पर सबसे ज़्यादा बिकने वाला आइटम चिप्स-नमकीन ही होता है।

बाज़ार की माँग

कमाई की संभावना

स्तरदैनिक उत्पादनमासिक बिक्रीशुद्ध मुनाफ़ा
शुरुआती (घरेलू)5-10 किलो₹15,000-₹30,000₹5,000-₹10,000
मध्यम20-40 किलो₹60,000-₹1,20,000₹18,000-₹40,000
बड़ा100+ किलो₹3,00,000+₹80,000-₹1,50,000

मौसमी पैटर्न

सीज़न के अनुसार माँग

  • दीपावली/होली (अक्टूबर-मार्च): सबसे ज़्यादा माँग — मठरी, शक्करपारे, नमकीन मिक्स
  • गर्मियाँ (अप्रैल-जून): आलू चिप्स, केले के चिप्स की अच्छी माँग
  • बरसात (जुलाई-सितंबर): पकोड़ा मिक्स, भुजिया — चाय के साथ माँग बढ़ती है
  • शादी का सीज़न: थोक ऑर्डर — नमकीन मिक्स, सेव, चिप्स
📌 उदाहरण

राजस्थान के एक गाँव में सुनीता देवी ने ₹8,000 से भुजिया बनाना शुरू किया। आज वो हर महीने 200 किलो भुजिया बनाती हैं और ₹25,000 कमाती हैं।

अध्याय 03

🛠️ ज़रूरी कौशल और सामग्री

चिप्स-नमकीन बनाने के लिए खाना पकाने का बुनियादी ज्ञान ज़रूरी है। साथ ही तेल का सही तापमान, मसालों का अनुपात और पैकेजिंग की समझ होनी चाहिए।

ज़रूरी कौशल

ज़रूरी उपकरण और सामग्री

सामग्री/उपकरणविवरणअनुमानित लागत (₹)
कड़ाही (बड़ी)लोहे या स्टील की — 15-20 लीटर₹800-₹1,500
स्लाइसर/चिप्स कटरमैन्युअल या इलेक्ट्रिक₹500-₹3,000
झारा/छलनीतेल छानने के लिए₹100-₹300
सेव मशीन (झारा)बेसन की सेव निकालने के लिए₹300-₹800
गैस चूल्हा + सिलेंडरकमर्शियल बर्नर अच्छा रहेगा₹2,000-₹4,000
पैकिंग मशीन (हैंड सीलर)पाउच सील करने के लिए₹500-₹1,500
तराज़ू (डिजिटल)सही वज़न के लिए₹500-₹1,000
फ़ूड-ग्रेड पाउच100 पाउच का बंडल₹200-₹500
तेल (रिफ़ाइंड/सरसों)15 लीटर टिन₹1,800-₹2,500
मसाले (मिर्च, हल्दी, नमक, चाट मसाला)1 महीने का स्टॉक₹500-₹1,000
💡 बचत का तरीक़ा

शुरुआत में मैन्युअल स्लाइसर (₹500) से काम चलाएँ। जब रोज़ 20 किलो से ज़्यादा उत्पादन हो, तब इलेक्ट्रिक स्लाइसर (₹3,000-₹5,000) ख़रीदें। तेल थोक में ख़रीदें — 15 लीटर टिन लेने पर प्रति लीटर ₹10-15 बचत होती है।

⚠️ सावधानी

एक ही तेल को बार-बार न तलें — 3 बार से ज़्यादा इस्तेमाल करने पर तेल में हानिकारक ट्रांस फ़ैट बनता है। पुराने तेल से चिप्स का रंग काला पड़ जाता है और स्वाद भी ख़राब होता है।

अध्याय 04

🚀 शुरू कैसे करें — शून्य से शुरुआत

चिप्स-नमकीन का बिज़नेस सबसे कम निवेश में शुरू होने वाले फ़ूड बिज़नेस में से एक है। आप अपनी रसोई से ही शुरुआत कर सकते हैं।

चरण-दर-चरण शुरुआत

  1. सप्ताह 1-2: बाज़ार में जाकर देखें कौन से चिप्स/नमकीन सबसे ज़्यादा बिकते हैं। दुकानदारों से बात करें।
  2. सप्ताह 3: 2-3 तरह के चिप्स/नमकीन बनाकर परिवार और पड़ोसियों को चखाएँ। फ़ीडबैक लें।
  3. सप्ताह 4: ज़रूरी सामान ख़रीदें — कड़ाही, स्लाइसर, पाउच, सीलर।
  4. सप्ताह 5: 5-10 किलो बनाकर नज़दीकी 3-5 दुकानों में सैंपल दें।
  5. सप्ताह 6: FSSAI रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करें (₹100, ऑनलाइन)।
  6. सप्ताह 7-8: नियमित ऑर्डर लेना शुरू करें। पैकिंग पर अपना नाम, FSSAI नंबर, वज़न और MRP छपवाएँ।

शुरुआती निवेश (न्यूनतम)

  • कड़ाही + चूल्हा: ₹3,000
  • स्लाइसर + झारा: ₹600
  • पहला कच्चा माल (आलू, तेल, मसाले): ₹2,000
  • पाउच + सीलर: ₹700
  • FSSAI रजिस्ट्रेशन: ₹100
  • कुल: ₹6,400 से शुरुआत संभव
📝 गतिविधि

आज ही अपने गाँव/मोहल्ले की 5 किराना दुकानों पर जाएँ और पूछें: "आपकी दुकान पर कौन से चिप्स/नमकीन सबसे ज़्यादा बिकते हैं? रोज़ कितने पैकेट बिकते हैं? क्या आप लोकल बनी नमकीन रखना चाहेंगे?"

अध्याय 05

⚙️ बनाने की प्रक्रिया

हर प्रकार के चिप्स-नमकीन बनाने का तरीक़ा अलग होता है। यहाँ सबसे लोकप्रिय उत्पादों की विस्तृत प्रक्रिया दी गई है।

आलू चिप्स बनाने की प्रक्रिया

  1. आलू धोकर छीलें — एक समान आकार के आलू चुनें
  2. स्लाइसर से 1-1.5 मिमी मोटे स्लाइस काटें
  3. स्लाइस को ठंडे पानी में 15-20 मिनट भिगोएँ (स्टार्च निकालने के लिए)
  4. पानी से निकालकर साफ़ कपड़े पर सुखाएँ
  5. कड़ाही में तेल गरम करें — 170°C-180°C तापमान
  6. छोटे-छोटे बैच में तलें — एक बार में 200-300 ग्राम
  7. सुनहरे होने पर निकालें, झारे पर रखें
  8. हल्का ठंडा होने पर मसाला छिड़कें — नमक, मिर्च, चाट मसाला
  9. पूरी तरह ठंडा होने दें, फिर पाउच में पैक करें

भुजिया/सेव बनाने की प्रक्रिया

  1. बेसन में नमक, मिर्च, हल्दी, अजवाइन मिलाएँ
  2. गरम तेल (2-3 चम्मच) डालकर मोयन दें
  3. पानी से सख़्त आटा गूँधें
  4. सेव मशीन (झारे) में आटा भरें
  5. गरम तेल (170°C) में सीधे दबाकर सेव निकालें
  6. कुरकुरी होने पर निकालें — 2-3 मिनट में तैयार
  7. ठंडा करके पैक करें

केले के चिप्स बनाने की प्रक्रिया

  1. कच्चे केले (नेन्द्रन/रोबस्टा) छीलकर 1-2 मिमी स्लाइस करें
  2. हल्दी मिले पानी में 5 मिनट भिगोएँ (रंग के लिए)
  3. पानी निकालकर कपड़े पर सुखाएँ
  4. नारियल तेल या रिफ़ाइंड तेल गरम करें (170°C)
  5. छोटे बैच में तलें — 3-4 मिनट — कुरकुरे होने तक
  6. निकालकर नमक छिड़कें, ठंडा करें और पैक करें

नमकीन मिक्स बनाने की प्रक्रिया

  1. मूँगफली (200 ग्राम) छिलके सहित तलें — कुरकुरी होने तक
  2. चना दाल (100 ग्राम) 1 घंटे भिगोकर, सुखाकर तलें
  3. सेव (200 ग्राम) अलग से बनाएँ या तैयार ख़रीदें
  4. भुना मुरमुरा (200 ग्राम) मिलाएँ
  5. करी पत्ता, हरी मिर्च (सूखी), हल्दी का तड़का लगाएँ
  6. सब मिलाकर नमक, मिर्च, चाट मसाला डालें
  7. ठंडा करके पैक करें
💡 तेल प्रबंधन

तेल का तापमान जाँचने का आसान तरीक़ा: एक छोटा टुकड़ा तेल में डालें — अगर तुरंत ऊपर आकर चटकने लगे तो तेल तैयार है। तेल को छानकर रखें और अगले दिन फिर इस्तेमाल करें। एक ही तेल अधिकतम 3 बार इस्तेमाल करें।

📌 उत्पादन गणना

1 किलो आलू से लगभग 250-300 ग्राम चिप्स बनते हैं। 1 किलो बेसन से लगभग 800-900 ग्राम सेव बनती है। 1 लीटर तेल से लगभग 2-3 किलो चिप्स तले जा सकते हैं। 1 किलो कच्चे केले से 350-400 ग्राम चिप्स बनते हैं।

⚠️ तलते समय सावधानी

गरम तेल से जलने का ख़तरा रहता है। हमेशा लंबे हैंडल वाला झारा इस्तेमाल करें। बच्चों को कड़ाही से दूर रखें। गीले स्लाइस तेल में डालने पर तेल छलकता है — इसलिए पहले अच्छे से सुखाएँ। आग बुझाने के लिए पानी नहीं, रेत या गीला कंबल रखें।

अध्याय 06

✅ गुणवत्ता कैसे बनाएं

चिप्स-नमकीन बिज़नेस में गुणवत्ता ही सब कुछ है। एक बार ग्राहक को ख़राब क्वालिटी मिली तो वो दोबारा नहीं ख़रीदेगा।

FSSAI रजिस्ट्रेशन

FSSAI बेसिक रजिस्ट्रेशन

  • कौन: ₹12 लाख से कम सालाना टर्नओवर वाले
  • फ़ीस: ₹100 (5 साल के लिए)
  • कैसे: foscos.fssai.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन
  • दस्तावेज़: आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो, पते का प्रमाण
  • समय: 7-15 दिन में मिल जाता है

पैकेजिंग के नियम

शेल्फ़ लाइफ़

उत्पादबिना पैकिंगसही पैकिंग के साथ
आलू चिप्स3-5 दिन30-45 दिन
केले के चिप्स5-7 दिन45-60 दिन
भुजिया/सेव7-10 दिन60-90 दिन
नमकीन मिक्स5-7 दिन45-60 दिन
⚠️ ज़रूरी सावधानी

बरसात के मौसम में नमी से चिप्स जल्दी नरम हो जाते हैं। इसलिए पैकिंग extra tight करें, सिलिका जेल पाउच (₹1/पीस) डालें, और स्टोरेज सूखी जगह पर करें। नम चिप्स बेचने से ग्राहक हमेशा के लिए चले जाते हैं।

अध्याय 07

💲 दाम कैसे तय करें

सही दाम तय करना बहुत ज़रूरी है — बहुत कम रखेंगे तो मुनाफ़ा नहीं, बहुत ज़्यादा रखेंगे तो ग्राहक नहीं मिलेंगे। नीचे एक आसान तरीक़ा बताया गया है।

लागत गणना (1 किलो आलू चिप्स)

कच्चा माल

  • आलू (3.5 किलो @ ₹20/किलो): ₹70
  • तेल (500 मिली @ ₹150/लीटर): ₹75
  • मसाले: ₹15
  • पैकिंग (5 पाउच × ₹3): ₹15
  • गैस: ₹10
  • कुल लागत: ₹185 प्रति किलो

मूल्य निर्धारण सारणी

उत्पादपैकेट साइज़लागतबिक्री मूल्य (MRP)मुनाफ़ा
आलू चिप्स100 ग्राम₹18-20₹30₹10-12
आलू चिप्स200 ग्राम₹36-40₹55-60₹15-24
केले के चिप्स200 ग्राम₹30-35₹50₹15-20
भुजिया200 ग्राम₹28-32₹50₹18-22
नमकीन मिक्स250 ग्राम₹32-38₹60₹22-28
मठरी250 ग्राम₹30-35₹50₹15-20
💡 मूल्य निर्धारण का नियम

लागत पर 40-60% मार्जिन रखें। दुकानदार को 10-15% कमीशन दें। ₹10 और ₹20 वाले छोटे पैकेट सबसे ज़्यादा बिकते हैं — गाँवों में ₹5-₹10 के पैकेट रखना बहुत फ़ायदेमंद है।

अध्याय 08

🤝 ग्राहक कैसे लाएं

अच्छा उत्पाद बनाना आधी सफलता है — बाक़ी आधी सफलता उसे सही जगह पहुँचाने में है।

बिक्री के तरीक़े

मार्केटिंग के तरीक़े

कम ख़र्च में प्रचार

  • मुफ़्त सैंपल बाँटें — हर नई दुकान पर 2-3 पैकेट मुफ़्त दें
  • WhatsApp ग्रुप पर फ़ोटो/वीडियो शेयर करें
  • पैकेट पर अपना मोबाइल नंबर लिखें
  • ग्राहकों से रिव्यू माँगें और WhatsApp स्टेटस पर लगाएँ
  • गाँव के कार्यक्रमों/मेलों में स्टॉल लगाएँ
📌 मार्केटिंग टिप

पहले 100 ग्राहकों को पाने के लिए: 10 दुकानों पर मुफ़्त सैंपल दें + WhatsApp पर "फ़्री टेस्टिंग" का मैसेज भेजें + गाँव की चाय दुकान पर अपने चिप्स का छोटा बोर्ड लगवाएँ (₹200-₹500 में बनता है)।

💡 रिपीट ग्राहक बनाएँ

नए ग्राहक लाने से ज़्यादा ज़रूरी है पुराने ग्राहक को बनाए रखना। हर बार एक जैसी गुणवत्ता दें। नए फ़्लेवर ट्राई करवाएँ। त्योहारों पर स्पेशल पैक बनाएँ। 5 पैकेट ख़रीदने पर 1 मुफ़्त — ऐसी स्कीम चलाएँ।

ऑनलाइन बिक्री

ऑनलाइन बेचने के तरीक़े

  • WhatsApp Business: कैटलॉग बनाएँ, ऑर्डर लें, डिलीवरी करें
  • Instagram: बनाने की प्रक्रिया का वीडियो डालें — लोग ताज़ा देखकर ख़रीदते हैं
  • KaryoSetu: अपने क्षेत्र + दूसरे शहरों के ग्राहक
  • Facebook Marketplace: लोकल बिक्री के लिए
अध्याय 09

📈 बिज़नेस कैसे बढ़ाएं

एक बार बिज़नेस जम जाए तो उसे बढ़ाना ज़रूरी है। नहीं तो प्रतिस्पर्धी आपसे आगे निकल जाएँगे।

विस्तार की रणनीति

  1. उत्पाद विविधता: सिर्फ़ चिप्स से शुरू करें, फिर सेव, नमकीन मिक्स, मठरी भी जोड़ें
  2. क्षेत्र विस्तार: अपने गाँव से शुरू करें, फिर पड़ोसी गाँव, फिर ब्लॉक, फिर ज़िला स्तर तक जाएँ
  3. थोक बिक्री: बड़ी दुकानों और डिस्ट्रीब्यूटर्स को सप्लाई करें
  4. ऑनलाइन बिक्री: KaryoSetu, Amazon, Flipkart पर लिस्ट करें
  5. मशीनीकरण: इलेक्ट्रिक स्लाइसर, ऑटोमैटिक फ्रायर, पैकिंग मशीन

मशीनीकरण का रोडमैप

  • ₹30,000 बिक्री/माह: इलेक्ट्रिक स्लाइसर (₹5,000) ख़रीदें
  • ₹60,000 बिक्री/माह: सेमी-ऑटोमैटिक फ्रायर (₹15,000-₹25,000)
  • ₹1,00,000+ बिक्री/माह: पैकिंग मशीन (₹20,000-₹40,000) + अलग वर्कशॉप
💡 स्केलिंग टिप

2-3 महिलाओं को ट्रेनिंग देकर उत्पादन बढ़ाएँ। उन्हें प्रति किलो के हिसाब से मज़दूरी दें (₹30-₹50/किलो)। इससे आपका समय मार्केटिंग और नए ऑर्डर लाने में लगेगा।

📝 विस्तार योजना बनाएँ

एक कॉपी में लिखें: (1) अभी मैं कितने किलो/दिन बना रहा/रही हूँ (2) अगले 3 महीने में कितना बढ़ाना है (3) इसके लिए क्या चाहिए — ज़्यादा लोग, मशीन, या नए ग्राहक? (4) कौन से नए उत्पाद जोड़ सकता/सकती हूँ। यह योजना लिखने से दिशा साफ़ होगी।

ब्रांड बनाने के टिप्स

अपना ब्रांड कैसे बनाएँ

  • एक आसान और याद रहने वाला नाम चुनें — जैसे "माँ की रसोई", "देसी कुरकुरे"
  • लोगो बनवाएँ — ₹200-₹500 में Canva या लोकल डिज़ाइनर से
  • हर पैकेट पर एक जैसा लेबल लगाएँ — ब्रांड पहचान बनती है
  • एक WhatsApp Business नंबर रखें सिर्फ़ बिज़नेस के लिए
  • ग्राहकों की शिकायत तुरंत सुनें और सुधारें — यही ब्रांड की नींव है
अध्याय 10

⚡ आम चुनौतियाँ और समाधान

हर बिज़नेस में चुनौतियाँ आती हैं। पहले से तैयार रहें तो समाधान आसान होता है।

चुनौतीकारणसमाधान
चिप्स नरम हो जाते हैंपैकिंग में हवा/नमी जानामेटलाइज़्ड पाउच + सिलिका जेल + अच्छी सीलिंग
चिप्स जल जाते हैंतेल बहुत गरममध्यम आँच पर तलें, थर्मामीटर इस्तेमाल करें
तेल बहुत ख़र्च होता हैसही तापमान नहीं170°C पर तलें, छोटे बैच में तलें, तेल छानकर रखें
स्वाद हर बार अलगमसालों का अनुपात बदलनाएक रेसिपी लिखकर रखें, चम्मच से नापकर मसाला डालें
दुकानदार पैसे देर से देते हैंउधारी का चलनपहले कैश में बेचें, बाद में 7 दिन का क्रेडिट दें
बरसात में बिक्री कमआलू महँगे, नमी ज़्यादाबेसन उत्पाद (सेव, भुजिया) बनाएँ जो बरसात में ज़्यादा बिकते हैं
प्रतिस्पर्धा ज़्यादाकई लोग यही बनाते हैंअनोखा स्वाद बनाएँ, पैकिंग अच्छी रखें, नियमित सप्लाई करें
⚠️ स्वास्थ्य चेतावनी

कभी भी कृत्रिम रंग (सिंथेटिक कलर) का इस्तेमाल न करें। यह FSSAI के नियमों के ख़िलाफ़ है और सेहत के लिए हानिकारक है। प्राकृतिक रंग के लिए हल्दी, लाल मिर्च, पालक पाउडर इस्तेमाल करें।

📝 समस्या-समाधान अभ्यास

अपने पहले 5 बैच में जो भी समस्या आए उसे एक रजिस्टर में लिखें — तारीख़, समस्या, कारण, और क्या किया। यह "ग़लती रजिस्टर" आगे बहुत काम आएगा। हर बार ग़लती से सीखें और अगले बैच में सुधारें। 10 बैच बनाने के बाद आप एक्सपर्ट हो जाएँगे।

अध्याय 11

🌟 सफलता की कहानियाँ

ये कहानियाँ सच्ची हैं और आपको प्रेरणा देंगी कि छोटी शुरुआत से बड़ा बिज़नेस कैसे बनता है।

🌟 कहानी 1 — कमला देवी, जोधपुर (राजस्थान)

कमला देवी ने 2021 में ₹10,000 से भुजिया और सेव बनाना शुरू किया। शुरुआत में सिर्फ़ अपने गाँव की 5 दुकानों में सप्लाई करती थीं। आज उनकी "कमला भुजिया" ब्रांड ज़िले की 80+ दुकानों में बिकती है। उनकी मासिक आमदनी ₹45,000 है और उन्होंने 4 महिलाओं को रोज़गार दिया है।

🌟 कहानी 2 — राजेश पटेल, रतलाम (मध्य प्रदेश)

राजेश ने रतलामी सेव का बिज़नेस ₹15,000 से शुरू किया। उन्होंने अपनी दादी की पारंपरिक रेसिपी को पैक करके बेचना शुरू किया। WhatsApp मार्केटिंग और KaryoSetu पर लिस्टिंग से उन्हें शहरों से भी ऑर्डर मिलने लगे। अब उनका मासिक टर्नओवर ₹1,80,000 है।

🌟 कहानी 3 — सखी महिला SHG, बारामती (महाराष्ट्र)

बारामती के 12 महिलाओं के इस ग्रुप ने केले के चिप्स बनाना शुरू किया। PMFME योजना से ₹75,000 की सब्सिडी मिली। अब वे रोज़ 100 किलो चिप्स बनाती हैं, 3 ज़िलों में सप्लाई करती हैं, और हर सदस्य को ₹8,000-₹12,000 मासिक मिलता है।

अध्याय 12

🏛️ सरकारी योजनाएँ

सरकार छोटे खाद्य उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ चला रही है। इनका फ़ायदा ज़रूर उठाएँ।

प्रमुख योजनाएँ

1. PMFME (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना)

  • 35% सब्सिडी (अधिकतम ₹10 लाख तक)
  • ₹10 लाख तक के प्रोजेक्ट पर लागू
  • ट्रेनिंग + तकनीकी सहायता भी मिलती है
  • आवेदन: ज़िला उद्योग केंद्र या pmfme.mofpi.gov.in

2. मुद्रा लोन (MUDRA)

  • शिशु: ₹50,000 तक — बिना गारंटी
  • किशोर: ₹50,000 से ₹5 लाख तक
  • तरुण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक
  • किसी भी बैंक में आवेदन करें — आधार + पैन + बिज़नेस प्लान चाहिए

3. PMEGP (प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम)

  • 25-35% सब्सिडी (श्रेणी के अनुसार)
  • ₹25 लाख तक के प्रोजेक्ट के लिए
  • KVIC/DIC के माध्यम से आवेदन

4. FSSAI रजिस्ट्रेशन

  • ₹100 में 5 साल का रजिस्ट्रेशन
  • ऑनलाइन: foscos.fssai.gov.in
  • ₹12 लाख से कम टर्नओवर — बेसिक रजिस्ट्रेशन काफ़ी
📝 गतिविधि

अपने नज़दीकी ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) में जाकर PMFME और PMEGP योजना का फ़ॉर्म लें। CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर FSSAI रजिस्ट्रेशन करवाएँ।

अध्याय 13

📱 KaryoSetu पर कैसे लिस्ट करें

KaryoSetu ऐप पर अपने चिप्स-नमकीन को लिस्ट करके आप अपने गाँव से बाहर के ग्राहकों तक पहुँच सकते हैं।

लिस्टिंग के चरण

  1. KaryoSetu ऐप डाउनलोड करें और अपना प्रोफ़ाइल बनाएँ
  2. नई लिस्टिंग बनाएँ → कैटेगरी चुनें: उत्पाद (Products)
  3. सबकैटेगरी चुनें: चिप्स-नमकीन (Chips & Namkeen)
  4. उत्पाद का नाम लिखें — जैसे "घर के बने आलू चिप्स — मसालेदार (200g)"
  5. 2-3 अच्छी फ़ोटो डालें — उत्पाद + पैकेट दोनों की
  6. विवरण में लिखें: सामग्री, वज़न, शेल्फ़ लाइफ़, FSSAI नंबर
  7. दाम और उपलब्ध मात्रा भरें
  8. डिलीवरी का तरीक़ा चुनें — ख़ुद डिलीवरी / कूरियर / दोनों
💡 बेहतर लिस्टिंग के लिए

फ़ोटो में उत्पाद को सफ़ेद या हल्के रंग की प्लेट पर रखें। प्राकृतिक रोशनी में खींचें। पैकेट पर FSSAI नंबर और MRP दिखना चाहिए। विवरण में "घर का बना", "ताज़ा", "बिना प्रिज़र्वेटिव" जैसे शब्द लिखें।

📌 लिस्टिंग उदाहरण

शीर्षक: "घर के बने आलू चिप्स — चटपटे मसालेदार (200g) | FSSAI प्रमाणित"

विवरण: "ताज़ा आलू से बने कुरकुरे चिप्स। शुद्ध सरसों के तेल में तले। बिना प्रिज़र्वेटिव, बिना कृत्रिम रंग। सामग्री: आलू, सरसों का तेल, नमक, लाल मिर्च, चाट मसाला। वज़न: 200 ग्राम। शेल्फ़ लाइफ़: 30 दिन। FSSAI नं: XXXXXXXXX। न्यूनतम ऑर्डर: 5 पैकेट।"

अध्याय 14

✊ आज से शुरू करें — कार्य योजना

अब आपके पास सारी जानकारी है। बस शुरुआत करनी है। नीचे दी गई चेकलिस्ट को फ़ॉलो करें:

🚀 30 दिन की कार्य योजना
  • 5 किराना दुकानों पर जाकर बाज़ार सर्वे करें
  • 2-3 तरह के चिप्स/नमकीन बनाकर ट्रायल करें
  • परिवार और पड़ोसियों से फ़ीडबैक लें
  • ज़रूरी सामान ख़रीदें (कड़ाही, स्लाइसर, पाउच, सीलर)
  • FSSAI रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करें (₹100)
  • पैकेट का लेबल/स्टीकर डिज़ाइन करवाएँ
  • पहला बैच बनाकर 5-10 दुकानों में सैंपल दें
  • WhatsApp पर अपने उत्पाद की फ़ोटो शेयर करें
  • KaryoSetu ऐप पर लिस्टिंग बनाएँ
  • पहले 10 ग्राहकों से फ़ीडबैक लें और सुधार करें
  • DIC में जाकर PMFME योजना की जानकारी लें
  • एक रजिस्टर बनाएँ — रोज़ की लागत, बिक्री और मुनाफ़ा लिखें
📝 आज का होमवर्क
  • 1. अपनी रसोई में 500 ग्राम आलू चिप्स बनाएँ और 5 लोगों को चखाएँ
  • 2. नज़दीकी किराना दुकान पर बिकने वाले चिप्स के दाम नोट करें
  • 3. FSSAI की वेबसाइट (foscos.fssai.gov.in) पर जाकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया देखें
  • 4. एक कॉपी में लिखें: "मैं कौन से 2 उत्पाद बनाऊँगा/बनाऊँगी और किसे बेचूँगा/बेचूँगी"
💡 याद रखें

हर बड़ा ब्रांड एक छोटी रसोई से शुरू हुआ था। बीकानेर की भुजिया हो या केरल के चिप्स — सबने घर से शुरुआत की। आपकी कड़ाही ही आपकी फ़ैक्ट्री है। आज शुरू करें, कल बिज़नेस बड़ा होगा!