💼 SG — Subcategory Business Guide

वेल्डिंग
Welding / Fabrication Work Job Guide

लोहे को जोड़ने वाला हुनर सीखो — गेट, ग्रिल, रेलिंग बनाओ और अच्छी कमाई करो

KaryoSetu Academy · Subcategory Business Guide · Jobs · संस्करण 1.0 · मई 2026

📋 विषय सूची

अध्याय 01

🔧 परिचय — वेल्डिंग क्या है?

वेल्डिंग का मतलब है दो लोहे/स्टील के टुकड़ों को गर्मी से पिघलाकर जोड़ना। फैब्रिकेशन का मतलब है लोहे/स्टील से गेट, ग्रिल, रेलिंग, शेड, टंकी जैसे ढाँचे बनाना। ग्रामीण भारत में हर नए मकान, दुकान, खेत में वेल्डिंग-फैब्रिकेशन का काम चाहिए।

वेल्डिंग एक ऐसा हुनर है जो एक बार सीख लो तो ज़िंदगी भर काम मिलता है — गाँव में भी, शहर में भी, विदेश में भी।

वेल्डिंग-फैब्रिकेशन में काम के मुख्य प्रकार

  • आर्क वेल्डिंग: इलेक्ट्रोड (छड़) से लोहा जोड़ना — सबसे आम
  • गेट बनाना: घर, खेत, फैक्ट्री के लोहे के गेट
  • ग्रिल/रेलिंग: खिड़की ग्रिल, बालकनी रेलिंग, सीढ़ी रेलिंग
  • शेड/छप्पर: लोहे का फ्रेम + टिन शीट — गोदाम, पार्किंग
  • फर्नीचर: लोहे की कुर्सी, टेबल, अलमारी, बेड
  • कृषि उपकरण: ट्रॉली, हल, कल्टीवेटर रिपेयर
  • टंकी/ड्रम: पानी की टंकी, स्टोरेज ड्रम बनाना
💡 जानने योग्य बात

भारत में हर साल 1 करोड़+ नए मकान बनते हैं — हर मकान में गेट, ग्रिल, रेलिंग चाहिए। PM आवास योजना, सरकारी भवन, स्कूल — सबमें वेल्डिंग का काम है। यह कभी न खत्म होने वाला रोज़गार है।

अध्याय 02

💰 यह काम इतना ज़रूरी क्यों है?

लोहे का काम हर जगह चाहिए — घर, खेत, दुकान, फैक्ट्री, सड़क। नया निर्माण हो या पुराना रिपेयर — वेल्डर की ज़रूरत पड़ती ही है। गाँवों में पक्के मकान बढ़ रहे हैं, इसलिए गेट-ग्रिल की माँग तेज़ी से बढ़ रही है।

बाज़ार में माँग

एक कस्बे में हर हफ्ते 5-10 गेट, 10-20 ग्रिल, 2-3 शेड का काम होता है। त्योहार और शादी के सीज़न में और ज़्यादा।

📌 असली उदाहरण

बिहार के एक ब्लॉक में PM आवास योजना के 500 मकान बन रहे हैं। हर मकान में 1 गेट (₹8,000-15,000) + 4 ग्रिल (₹2,000-4,000 प्रत्येक)। कुल वेल्डिंग काम: ₹80-1,20 लाख! एक कुशल वेल्डर इसमें से महीनों काम पा सकता है।

कमाई की संभावना

काम का प्रकारदिहाड़ी दरमासिक (25 दिन)
हेल्पर (लोहा पकड़ना, काटना)₹300-400₹7,500-10,000
सामान्य वेल्डर (आर्क वेल्डिंग)₹400-600₹10,000-15,000
कुशल वेल्डर (गेट-ग्रिल बनाना)₹500-800₹12,500-20,000
फैब्रिकेशन specialist₹600-1,000₹15,000-25,000
ठेकेदार/वर्कशॉप मालिक₹1,000-3,000₹25,000-75,000
💡 अतिरिक्त कमाई के रास्ते

कुशल वेल्डर कस्टम डिज़ाइन गेट, सजावटी ग्रिल, फैंसी रेलिंग बनाकर 50-100% ज़्यादा चार्ज कर सकता है। "डिज़ाइनर गेट" बनाने वाले की माँग बहुत ज़्यादा है।

अध्याय 03

🛠️ नौकरी पाने के लिए ज़रूरी कौशल

बुनियादी कौशल

औज़ार और उनकी लागत

औज़ारउपयोगअनुमानित कीमत
वेल्डिंग मशीन (इन्वर्टर)आर्क वेल्डिंग₹5,000-15,000
वेल्डिंग हेल्मेट (ऑटो-डार्क)आँखों की सुरक्षा₹500-2,000
ग्राइंडर (4 इंच)कटिंग और ग्राइंडिंग₹1,500-3,000
हैमर + छेनीस्लैग तोड़ना₹200-400
क्लैंप (C-clamp, F-clamp)सामान पकड़ना₹300-800
मेज़रिंग टेप + स्क्वायरनाप लेना₹200-400
दस्ताने (लेदर)हाथ सुरक्षा₹150-400
सेफ्टी शूज़पैर सुरक्षा₹500-1,500

शुरुआती निवेश

हेल्पर किट: ₹1,000-2,000 (दस्ताने, हेल्मेट, हैमर, शूज़)

वेल्डर किट: ₹8,000-15,000 (ऊपर सब + ग्राइंडर + क्लैंप)

पूरी वर्कशॉप: ₹25,000-50,000 (वेल्डिंग मशीन + ग्राइंडर + ड्रिल + सब औज़ार)

ज़्यादातर वर्कशॉप में औज़ार मालिक के होते हैं — आपको सिर्फ सेफ्टी किट चाहिए।

⚠️ सावधानी — बहुत ज़रूरी

वेल्डिंग में आँखों को सबसे ज़्यादा खतरा है — बिना हेल्मेट वेल्डिंग देखने से आँखें जल सकती हैं (आर्क आई)। स्पार्क से कपड़ों में आग लग सकती है। गर्म लोहे से जलने का खतरा। हमेशा पूरी सेफ्टी किट पहनें!

अध्याय 04

🚀 शुरू कैसे करें

चरण 1: किसी वर्कशॉप में काम सीखें (2-6 महीने)

चरण 2: ITI या स्किल ट्रेनिंग

ट्रेनिंग कहाँ मिलती है?

  • ITI — वेल्डर कोर्स: 1 साल (सबसे अच्छा, सर्टिफिकेट + प्लेसमेंट)
  • स्किल इंडिया: 2-12 सप्ताह की शॉर्ट ट्रेनिंग — मुफ्त + भत्ता
  • NSDC (National Skill Development Corporation): वेल्डर कोर्स
  • प्राइवेट वर्कशॉप ट्रेनिंग: ₹5,000-15,000 में 1-3 महीने

चरण 3: अपनी सेफ्टी किट खरीदें

₹1,500-3,000 में हेल्मेट, दस्ताने, शूज़ खरीदें। बाकी औज़ार कमाई से धीरे-धीरे खरीदें।

चरण 4: पहला काम ढूंढें

📝 अभ्यास

अपने कस्बे की 3 वेल्डिंग वर्कशॉप पर जाएं। 1 में हेल्पर बनने की बात करें। नज़दीकी ITI में वेल्डर कोर्स की जानकारी लें। YouTube पर "arc welding basics" वीडियो देखें।

अध्याय 05

⚙️ रोज़ का काम कैसा होता है

काम 1: लोहे का गेट बनाना

पूरी प्रक्रिया

  1. डिज़ाइन तय करें: ग्राहक से बात — साइज़, डिज़ाइन, बजट
  2. सामान की लिस्ट: एंगल, फ्लैट, पट्टी, शीट — कितना लगेगा, हिसाब करें
  3. कटिंग: ग्राइंडर/कटिंग मशीन से सही नाप में काटें
  4. फ्रेम बनाएं: मुख्य ढाँचा — एंगल/पाइप से
  5. डिज़ाइन भरें: अंदर का पैटर्न — पट्टी, रॉड, फ्लावर डिज़ाइन
  6. वेल्डिंग: सभी जोड़ों पर मज़बूत वेल्डिंग करें
  7. ग्राइंडिंग: सभी वेल्ड को चिकना करें — कोई उभार न हो
  8. पेंटिंग: रस्ट-प्रूफ प्राइमर + enamel पेंट
  9. फिटिंग: दीवार में लगाना — हिंज, कुंडी, ताला

काम 2: खिड़की ग्रिल बनाना

पूरी प्रक्रिया

  1. खिड़की का नाप लें — ऊँचाई, चौड़ाई, गहराई
  2. फ्रेम काटें — एंगल या फ्लैट से
  3. अंदर रॉड/पट्टी सही दूरी पर काटें और फिट करें
  4. डिज़ाइन (अगर है) — S-शेप, फ्लावर, सर्कल
  5. वेल्डिंग — हर जोड़ दोनों तरफ से
  6. ग्राइंडिंग — चिकना करें
  7. प्राइमर + पेंट
  8. दीवार में फिटिंग — रावल प्लग या वेल्डिंग

काम 3: कृषि उपकरण रिपेयर

आम रिपेयर काम

  • ट्रॉली के फ्रेम की वेल्डिंग — टूटा हुआ जोड़ ठीक करना
  • हल/कल्टीवेटर की टाइन बदलना
  • पंप के स्टैंड की मरम्मत
  • खेत का गेट/बाड़ बनाना

रिपेयर रेट: ₹200-500 प्रति जोड़/काम, 30 मिनट से 2 घंटे

💡 पेशेवर सलाह

वेल्डिंग में सबसे ज़्यादा पैसा "डिज़ाइन" में है। सादा गेट: ₹8,000-12,000 / डिज़ाइनर गेट: ₹15,000-30,000। डिज़ाइन बनाना सीखें — कमाई दोगुनी।

अध्याय 06

✅ अच्छा काम कैसे करें

अच्छे वेल्डर की 7 निशानियाँ

  1. मज़बूत वेल्ड: जोड़ कभी न टूटे — पूरी गहराई तक वेल्ड
  2. साफ बीड: वेल्ड की लाइन सीधी और एक जैसी चौड़ी
  3. चिकना फिनिश: ग्राइंडिंग के बाद कोई उभार या गड्ढा नहीं
  4. सही नाप: गेट/ग्रिल जगह पर बिलकुल फिट — न ज़्यादा, न कम
  5. अच्छी पेंटिंग: प्राइमर + 2 कोट पेंट — जंग न लगे
  6. सुरक्षा: हमेशा हेल्मेट, दस्ताने, शूज़ पहनकर काम
  7. समय पर डिलीवरी: जो बोला उतने दिन में दिया
⚠️ ये गलतियाँ कभी न करें

❌ बिना हेल्मेट वेल्डिंग — आँखें खराब हो सकती हैं (स्थायी नुकसान)।
❌ कम वेल्ड लगाना — गेट/ग्रिल भारी वज़न सहन नहीं कर पाएगा, टूटेगा।
❌ प्राइमर बिना पेंट — 6 महीने में जंग लग जाएगा।
❌ गलत नाप — गेट फिट नहीं होगा, दोबारा बनाना पड़ेगा।

गुणवत्ता चेकलिस्ट
  • सभी जोड़ मज़बूत — हैमर से ठोककर जाँचा
  • ग्राइंडिंग पूरी — कोई नुकीला किनारा नहीं
  • नाप सही — जगह पर फिट करके देखा
  • प्राइमर + पेंट के 2 कोट लगाए
  • हिंज और कुंडी आसानी से काम कर रहे
  • सेफ्टी किट पहनी थी काम के दौरान
अध्याय 07

💲 दिहाड़ी / मासिक वेतन

वेतन सारणी (ग्रामीण भारत, 2025-26)

काम का प्रकारदिहाड़ी / ठेका दरनोट
हेल्पर₹300-400/दिनकटिंग, ग्राइंडिंग, पकड़ना
सामान्य वेल्डिंग (रिपेयर)₹400-600/दिन₹200-500/जोड़
खिड़की ग्रिल₹500-700/दिन₹1,500-4,000/ग्रिल
गेट (सादा)₹500-800/दिन₹8,000-15,000/गेट
गेट (डिज़ाइनर)₹700-1,200/दिन₹15,000-35,000/गेट
रेलिंग (सीढ़ी/बालकनी)₹500-800/दिन₹250-500/रनिंग फीट
शेड/स्ट्रक्चर₹600-1,000/दिन₹60-120/sq ft
SS (स्टेनलेस स्टील) काम₹700-1,200/दिनप्रीमियम रेट
📌 ठेके का हिसाब

एक मकान में 1 मेन गेट (₹15,000) + 1 साइड गेट (₹8,000) + 6 ग्रिल (₹3,000 × 6 = ₹18,000) + 1 बालकनी रेलिंग (₹5,000) = कुल ₹46,000। सामग्री: ~₹20,000। श्रम: ₹26,000 (10-12 दिन, 2 लोग)। वेल्डर की कमाई: ~₹1,000-1,300/दिन!

अध्याय 08

🤝 नौकरी कैसे खोजें

1. वेल्डिंग वर्कशॉप

कस्बे/शहर की वेल्डिंग वर्कशॉप में नौकरी लें। ₹8,000-15,000/माह + सीखने को मिलता है। अनुभव बनाएं, फिर खुद का काम शुरू करें।

2. ठेकेदार और बिल्डर

💡 स्मार्ट तरीका

नए मकान में गेट-ग्रिल का काम ₹30,000-60,000 का होता है। ठेकेदार से दोस्ती करो — हर प्रोजेक्ट में काम मिलेगा। राजमिस्त्री से भी संपर्क रखो — वो अपने ग्राहक को आपका नंबर देगा।

3. लोहे/स्टील की दुकानें

4. फैक्ट्री और कंपनियाँ

ITI सर्टिफिकेट हो तो फैक्ट्री, कंस्ट्रक्शन कंपनी, रेलवे, ONGC में नौकरी मिल सकती है। ₹12,000-25,000/माह।

5. KaryoSetu ऐप

KaryoSetu पर "वेल्डर / फैब्रिकेशन" लिस्टिंग बनाएं। गेट-ग्रिल की फोटो डालें — ग्राहक देखकर बुलाते हैं।

📝 इस हफ्ते का काम

3 वेल्डिंग वर्कशॉप पर जाएं — नौकरी या हेल्पर बनने की बात करें। 3 लोहे की दुकानों पर नंबर दें। 2 ठेकेदारों से मिलें। KaryoSetu पर लिस्टिंग बनाएं।

अध्याय 09

📈 बेहतर वेतन के लिए कौशल बढ़ाएं

स्तर 1: डिज़ाइनर गेट-ग्रिल

सादा गेट बनाने वाले को ₹500/दिन मिलता है, डिज़ाइनर गेट बनाने वाले को ₹800-1,200। फ्लावर डिज़ाइन, S-कर्व, लेज़र कट पैनल — ये सीखें।

स्तर 2: स्टेनलेस स्टील (SS) वेल्डिंग

SS = प्रीमियम कमाई

SS गेट, रेलिंग, किचन काउंटर — यह लोहे से 2-3 गुना महँगा काम है। TIG/MIG वेल्डिंग सीखनी पड़ती है। SS वेल्डर को ₹800-1,500/दिन मिलता है। ITI या प्राइवेट ट्रेनिंग में सीख सकते हैं।

स्तर 3: शेड और स्ट्रक्चर

स्तर 4: अपनी वर्कशॉप खोलें

₹30,000-50,000 में छोटी वर्कशॉप शुरू हो सकती है। 1-2 हेल्पर रखें। मुद्रा लोन से पैसे मिल सकते हैं। मासिक कमाई ₹25,000-50,000+।

📌 कमाई का गणित

सामान्य वेल्डर: ₹500/दिन → डिज़ाइनर गेट सीखें → ₹800-1,000/दिन। SS वेल्डिंग सीखें → ₹1,000-1,500/दिन। वर्कशॉप खोलें → ₹1,500-3,000/दिन। कौशल = कमाई!

अध्याय 10

⚡ आम चुनौतियाँ और समाधान

1. आँखों की समस्या (आर्क आई)

समस्या: वेल्डिंग की रोशनी से आँखों में जलन, पानी आना, धुंधला दिखना।

समाधान: हमेशा ऑटो-डार्क हेल्मेट पहनें। दूसरों को भी वेल्डिंग न देखने दें। आँखें खराब हों तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं।

2. जलने का खतरा

समस्या: स्पार्क से कपड़ों/शरीर पर जलन, गर्म लोहे को छूना।

समाधान: लेदर दस्ताने, पूरी बाँह के कपड़े, सेफ्टी शूज़ पहनें। सिंथेटिक कपड़े न पहनें — वो पिघलते हैं। जलने पर तुरंत ठंडा पानी डालें।

3. धुएं से साँस की समस्या

समस्या: वेल्डिंग के धुएं से खाँसी, साँस में तकलीफ।

समाधान: खुले में या अच्छे हवादार जगह पर वेल्डिंग करें। मास्क पहनें। बंद कमरे में वेल्डिंग न करें। एग्ज़ॉस्ट फैन लगाएं।

4. बिजली का बिल ज़्यादा

समस्या: वेल्डिंग मशीन बहुत बिजली खाती है।

समाधान: इन्वर्टर वेल्डिंग मशीन लें — पुराने ट्रांसफॉर्मर मशीन से 40-50% कम बिजली। काम न हो तो मशीन बंद रखें।

5. ग्राहक का डिज़ाइन बदलना

समस्या: गेट आधा बनने के बाद ग्राहक बोलता है "डिज़ाइन बदलो।"

समाधान: शुरू में ही कागज़ पर डिज़ाइन बनाकर ग्राहक से sign करवाएं। बदलाव पर अतिरिक्त चार्ज बताएं। लिखित agreement रखें।

6. सामान महँगा होना

समस्या: लोहे/स्टील के दाम बढ़ गए, estimate कम पड़ गया।

समाधान: estimate में लिखें — "सामान के दाम बदलने पर रेट बदल सकता है।" एडवांस में सामान खरीद लें। थोक में खरीदें — सस्ता मिलता है।

अध्याय 11

🌟 सफलता की कहानियाँ

कहानी 1: संतोष कुशवाहा — सतना, मध्य प्रदेश

संतोष ने 8वीं के बाद एक वर्कशॉप पर हेल्पर का काम शुरू किया — ₹250/दिन। 2 साल में वेल्डिंग सीखी। फिर ITI से सर्टिफिकेट लिया। आज उसकी अपनी वर्कशॉप है — 3 लोग काम करते हैं।

पहले: ₹250/दिन (हेल्पर) | अब: ₹30,000-45,000/माह (वर्कशॉप मालिक)

उनकी सलाह: "डिज़ाइन सीखो — सादा काम सब करते हैं, लेकिन अच्छा डिज़ाइन बनाने वाले को ग्राहक ढूंढता है।"

कहानी 2: रवि कुमार — पूर्णिया, बिहार

रवि ने स्किल इंडिया से वेल्डर ट्रेनिंग (3 महीने, मुफ्त) ली। ट्रेनिंग के बाद एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में ₹12,000/माह पर नौकरी मिली। 2 साल बाद KaryoSetu पर लिस्टिंग बनाई और फ्रीलांस काम शुरू किया।

पहले: बेरोज़गार | अब: ₹18,000-25,000/माह (फ्रीलांस)

उनकी सलाह: "सरकारी ट्रेनिंग लो — मुफ्त में सीखो, सर्टिफिकेट पाओ। फिर काम की कमी नहीं होगी।"

कहानी 3: लक्ष्मी प्रसाद — जोधपुर, राजस्थान

लक्ष्मी प्रसाद ने SS (स्टेनलेस स्टील) वेल्डिंग सीखी — TIG वेल्डिंग। अब वो SS गेट, रेलिंग, किचन काउंटर बनाता है। शहर के बड़े मकानों और होटलों से ऑर्डर आते हैं।

पहले: ₹600/दिन (MS वेल्डर) | अब: ₹1,200-1,800/दिन (SS specialist)

उनकी सलाह: "SS और TIG/MIG सीखो — यह प्रीमियम काम है। जो सीख लेगा, उसकी कमाई दोगुनी-तिगुनी होगी।"

अध्याय 12

🏛️ सरकारी योजनाएँ

1. स्किल इंडिया — वेल्डर ट्रेनिंग

क्या है: मुफ्त वेल्डिंग ट्रेनिंग + सर्टिफिकेट + ₹500/दिन भत्ता

अवधि: 2 सप्ताह से 6 महीने

आवेदन: skillindia.gov.in या नज़दीकी ITI

2. ITI — वेल्डर कोर्स

अवधि: 1 साल (NCVT सर्टिफिकेट)

फीस: सरकारी ITI में बहुत कम (₹1,000-5,000/साल)

फायदा: सर्टिफिकेट + प्लेसमेंट + सरकारी/प्राइवेट नौकरी

3. मुद्रा लोन (PMMY)

शिशु: ₹50,000 तक | किशोर: ₹5 लाख तक

उपयोग: वेल्डिंग मशीन, ग्राइंडर, ड्रिल, वर्कशॉप सेटअप

आवेदन: किसी भी बैंक में

4. PM विश्वकर्मा योजना

क्या है: लोहार/वेल्डर जैसे कारीगरों के लिए विशेष योजना

फायदा: ₹15,000 टूल किट, ₹3 लाख तक कम ब्याज लोन, ट्रेनिंग

आवेदन: pmvishwakarma.gov.in या CSC सेंटर

5. ई-श्रम कार्ड + आयुष्मान भारत

ई-श्रम: दुर्घटना बीमा ₹2 लाख — eshram.gov.in

आयुष्मान: ₹5 लाख तक मुफ्त इलाज — CSC सेंटर

💡 ज़रूरी दस्तावेज़

आधार कार्ड, बैंक पासबुक, ITI सर्टिफिकेट (अगर है), ई-श्रम कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)।

अध्याय 13

📱 KaryoSetu पर कैसे लिस्ट करें

स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

  1. KaryoSetu ऐप खोलें और लॉगिन करें
  2. "लिस्टिंग बनाएं" (+) पर टैप करें
  3. कैटेगरी: "नौकरी (Jobs)" चुनें
  4. सबकैटेगरी: "वेल्डिंग (Welding/Fabrication Work)" चुनें
  5. टाइटल + विवरण + दाम + फोटो + लोकेशन
  6. "पब्लिश करें"

टाइटल के उदाहरण

📌 अच्छे टाइटल
  • "वेल्डर — गेट, ग्रिल, रेलिंग, शेड | ITI सर्टिफाइड | ₹500/दिन से"
  • "डिज़ाइनर गेट + SS रेलिंग — फैब्रिकेशन specialist | 7 साल अनुभव"
  • "वेल्डिंग + फैब्रिकेशन — कृषि उपकरण रिपेयर भी | तुरंत उपलब्ध"

विवरण का उदाहरण

"5 साल का वेल्डिंग अनुभव। गेट, ग्रिल, रेलिंग, शेड, टंकी — सब बनाता हूँ। डिज़ाइनर गेट भी बना सकता हूँ। कृषि उपकरण (ट्रॉली, हल) की रिपेयर भी करता हूँ। ITI सर्टिफिकेट है। 20 किमी तक आ सकता हूँ। पुराने काम की फोटो देखें।"

फोटो टिप्स

⚠️ ये गलतियाँ न करें

❌ बिना फोटो लिस्टिंग — वेल्डिंग में काम देखकर ही ऑर्डर आता है।
❌ सिर्फ "वेल्डर" लिखना — क्या-क्या बनाते हैं, साफ बताएं।
❌ रेट न लिखना — ग्राहक रेट देखकर कॉल करता है।

अध्याय 14

✊ आज से शुरू करें — Action Checklist

🎯 मेरी Action Checklist
  • सेफ्टी किट जाँचें — हेल्मेट, दस्ताने, शूज़ ठीक हैं?
  • 3 वेल्डिंग वर्कशॉप पर जाएं — नौकरी/हेल्पर बनने की बात करें
  • 3 लोहे/स्टील दुकानों पर नंबर दें
  • 2 ठेकेदार/बिल्डर से मिलें
  • KaryoSetu पर "वेल्डर" लिस्टिंग बनाएं — बनाए गेट/ग्रिल की फोटो डालें
  • ITI या स्किल इंडिया ट्रेनिंग की जानकारी लें
  • PM विश्वकर्मा योजना की जानकारी लें — pmvishwakarma.gov.in
  • ई-श्रम कार्ड बनवाएं
  • YouTube पर 5 वेल्डिंग/डिज़ाइन वीडियो देखें
  • अपने बनाए हर काम की फोटो खींचना शुरू करें — पोर्टफोलियो
📝 पहले हफ्ते का लक्ष्य
  • KaryoSetu पर लिस्टिंग LIVE होनी चाहिए — फोटो के साथ
  • 3+ दुकानों/ठेकेदारों को नंबर मिल जाना चाहिए
  • 1 वर्कशॉप में काम या ट्रेनिंग शुरू हो जानी चाहिए
💡 याद रखें

जब तक लोहा है, वेल्डर की ज़रूरत रहेगी। आज ₹400/दिन से शुरू करें, डिज़ाइन और SS सीखें, 3 साल में ₹1,000-1,500/दिन कमाएं। अपनी वर्कशॉप खोलें तो ₹30,000-50,000/माह। लोहे को जोड़ना सीखो — ज़िंदगी जुड़ जाएगी!