🍽️ SG — Subcategory Business Guide

छाछ-मट्ठा
Buttermilk & Chaas Business Guide

गर्मियों का देसी सुपरफ़ूड — सेहतमंद, सस्ता और हर जगह चलने वाला बिज़नेस

KaryoSetu Academy · Subcategory Business Guide · Food & Dining · संस्करण 1.0 · मई 2026

📋 विषय सूची

अध्याय 01

🍽️ परिचय — छाछ-मट्ठा बिज़नेस क्या है?

छाछ (Buttermilk/Chaas) भारत का सबसे पुराना और सेहतमंद पेय है। हज़ारों सालों से भारतीय घरों में दही को मथकर छाछ बनाई जाती है। गर्मियों में ठंडी छाछ पीना शरीर को ठंडक और ऊर्जा देता है।

आज छाछ सिर्फ़ घरेलू पेय नहीं रहा — यह एक बड़ा बिज़नेस बन गया है। सड़क किनारे छाछ के ठेले, पैकेट छाछ (अमूल, मदर डेयरी), और प्रीमियम मसाला छाछ — सब की माँग बढ़ रही है। कम लागत में बनता है और मार्जिन बहुत अच्छा है।

छाछ के प्रकार

🥛 क्या आप जानते हैं?

छाछ में प्रोबायोटिक बैक्टीरिया होते हैं जो पाचन को सुधारते हैं। आयुर्वेद में छाछ को "तक्र" कहा जाता है और इसे "अमृत समान" बताया गया है। इसमें कैल्शियम, विटामिन B12, प्रोटीन और पोटैशियम भरपूर होता है। डॉक्टर भी गर्मियों में छाछ पीने की सलाह देते हैं।

💡 सुझाव

छाछ बिज़नेस की सबसे बड़ी ख़ूबी यह है कि कच्चा माल (दही/दूध) सस्ता है और एक लीटर दही से 3–4 लीटर छाछ बनती है। यानी बहुत कम लागत, बहुत ज़्यादा मुनाफ़ा। गर्मियों में तो यह सोने की खान है!

अध्याय 02

💰 यह काम ज़रूरी क्यों — माँग और कमाई

छाछ का बिज़नेस इसलिए ज़बरदस्त है क्योंकि 1 लीटर दही (₹40–₹50) से 3–4 लीटर छाछ बनती है जो ₹45–₹80 में बिकती है। प्रॉफ़िट मार्जिन 70–80% तक जाता है। गर्मियों में हर व्यक्ति ठंडा पेय चाहता है और छाछ सबसे सस्ता और स्वस्थ विकल्प है।

कमाई की संभावना

स्तररोज़ाना बिक्रीदैनिक मुनाफ़ामासिक आय (सीज़न)
छोटा ठेला50–100 गिलास₹400–₹800₹12,000–₹24,000
मध्यम दुकान150–300 गिलास₹1,000–₹2,500₹30,000–₹75,000
बड़ा सेटअप (+ लस्सी + पैकेट)300–600 गिलास₹2,500–₹5,000₹75,000–₹1,50,000

क्यों चुनें छाछ बिज़नेस?

📌 उदाहरण — दैनिक कमाई का हिसाब

रोज़ 200 गिलास छाछ + 50 गिलास लस्सी बिक्री:

  • दही ख़रीद: 20 लीटर × ₹45 = ₹900
  • चीनी, मसाले, बर्फ़, गिलास: ₹200
  • कुल लागत: ₹1,100
  • छाछ बिक्री: 200 × ₹15 = ₹3,000
  • लस्सी बिक्री: 50 × ₹25 = ₹1,250
  • कुल बिक्री: ₹4,250
  • शुद्ध मुनाफ़ा: ₹3,150/दिन = ₹94,500/माह (पीक सीज़न)
अध्याय 03

🛠️ ज़रूरी कौशल और उपकरण

ज़रूरी कौशल

उपकरण और सामान

सामानअनुमानित लागतटिप्पणी
मिक्सर/ब्लेंडर₹2,000–₹5,000छाछ/लस्सी मिक्स करने के लिए
मिट्टी के घड़े / स्टील कंटेनर₹500–₹2,000मिट्टी के घड़े में छाछ ठंडी रहती है
ठेला / स्टॉल₹3,000–₹8,000छत वाला ठेला
गिलास (स्टील/कुल्हड़/डिस्पोज़ेबल)₹300–₹1,000कुल्हड़ में छाछ = प्रीमियम फ़ील
बर्फ़ बक्सा₹1,000–₹2,500छाछ ठंडी रखने के लिए
मथनी / बिलोना (पारंपरिक)₹200–₹500देसी स्टाइल मथने के लिए
मसाले (जीरा, हींग, पुदीना, नमक)₹200–₹4001–2 हफ़्ते का स्टॉक
दही (शुरुआती स्टॉक)₹500–₹1,00010–20 लीटर

💵 कुल शुरुआती निवेश

न्यूनतम (छोटा ठेला): ₹3,000–₹8,000

मध्यम (ठेला + मिक्सर + वैरायटी): ₹10,000–₹25,000

बड़ा (दुकान + लस्सी + पैकेट छाछ): ₹30,000–₹70,000

⚠️ सावधानी

छाछ और लस्सी दूध से बने उत्पाद हैं — गर्मी में बहुत जल्दी ख़राब होते हैं। तापमान नियंत्रण बहुत ज़रूरी है। ख़राब छाछ पीने से फ़ूड पॉइज़निंग हो सकती है। हमेशा ठंडा रखें और बासी छाछ कभी न बेचें।

अध्याय 04

🚀 शुरू कैसे करें

चरण 1 — छाछ बनाना सीखें

अच्छी छाछ बनाने का फ़ॉर्मूला: 1 लीटर दही + 2–3 लीटर ठंडा पानी + नमक + भुना जीरा + हींग + पुदीना। मिक्सर में 2 मिनट फेंटें। स्वाद चखें और ज़रूरत अनुसार मसाले मिलाएं। 10–15 बार बनाकर प्रैक्टिस करें।

चरण 2 — दही का स्रोत तय करें

चरण 3 — जगह चुनें

चरण 4 — लाइसेंस

FSSAI बेसिक रजिस्ट्रेशन (₹100/वर्ष) लें। नगर निगम से ठेला परमिट।

चरण 5 — पहला दिन

5 लीटर दही से 15–20 लीटर छाछ बनाएं। 2 वैरायटी रखें — सादी छाछ और मसाला छाछ। ₹10–₹15/गिलास रखें।

📌 उदाहरण — संगीता की शुरुआत

संगीता ने जोधपुर में ₹5,000 लगाकर छाछ का ठेला शुरू किया। मिट्टी के घड़ों में ठंडी मसाला छाछ बेचती थीं। ₹10/गिलास। पहले हफ़्ते 50 गिलास/दिन बिके। "मिट्टी के घड़े की छाछ" की बात फैल गई। अब रोज़ 200+ गिलास बिकते हैं। मासिक कमाई ₹40,000।

📝 गतिविधि

घर पर 3 तरह की छाछ बनाएं: (1) सादी नमक वाली, (2) जीरा-हींग-पुदीना मसाला, (3) मीठी लस्सी। परिवार और पड़ोसियों को चखाएं। पूछें कौन-सी सबसे अच्छी लगी। यही आपका सिग्नेचर ड्रिंक होगा।

अध्याय 05

⚙️ काम कैसे होता है

दैनिक कार्यक्रम

  1. सुबह 5:00–6:00: दही ख़रीदें या पिछली रात जमाया दही चेक करें
  2. सुबह 6:00–7:00: छाछ बनाएं — दही मथें, मसाले मिलाएं, ठंडा करें
  3. सुबह 8:00: ठेला सजाएं, बर्फ़ डालें, घड़े/कंटेनर में छाछ भरें
  4. सुबह 9:00–12:00: सुबह की बिक्री
  5. दोपहर 12:00–3:00: पीक टाइम — लंच के बाद ज़बरदस्त माँग
  6. दोपहर 3:00–6:00: दोपहर की गर्मी — अच्छी बिक्री
  7. शाम 6:00–7:00: बचा माल, सफ़ाई, हिसाब, कल की तैयारी

छाछ बनाने की विधि (20 लीटर)

🔑 सबसे अच्छी छाछ का राज़

दही की क्वालिटी: अच्छी छाछ का राज़ अच्छा दही है। खट्टा या बासी दही इस्तेमाल न करें — हल्का खट्टा और गाढ़ा दही सबसे बेहतर।

मिट्टी का घड़ा: मिट्टी के घड़े में छाछ प्राकृतिक रूप से ठंडी रहती है और स्वाद भी अलग आता है — ग्राहक इसे प्रीमियम मानते हैं।

भुना जीरा: कच्चा जीरा नहीं, भुना जीरा डालें — स्वाद में ज़मीन-आसमान का फ़र्क़।

लस्सी बनाने की विधि (10 लीटर)

💡 दही ख़ुद जमाएं — 30% बचत

बाज़ार से दही ₹45–₹50/लीटर में मिलता है। लेकिन अगर ख़ुद दही जमाएं (दूध ₹55–₹65/लीटर × 1 लीटर = 1.1–1.2 लीटर दही) तो लागत ₹30–₹35/लीटर दही। रात को दूध गर्म करें, हल्का गुनगुना होने पर जामन (एक चम्मच पुराना दही) मिलाएं, ढककर रखें — सुबह ताज़ा दही तैयार।

अध्याय 06

✅ गुणवत्ता और सुरक्षा

FSSAI मानक

खाद्य सुरक्षा — बहुत ज़रूरी

स्वच्छता

⚠️ फ़ूड पॉइज़निंग का ख़तरा

दूध/दही से बने उत्पाद में बैक्टीरिया बहुत तेज़ी से बढ़ते हैं — ख़ासकर गर्मियों में। ख़राब छाछ से उल्टी, दस्त, फ़ूड पॉइज़निंग हो सकती है। हमेशा ताज़ा बनाएं, ठंडा रखें, और 6 घंटे से पुरानी छाछ कभी न बेचें।

💡 भरोसे का तरीक़ा

ग्राहकों के सामने दही मथकर छाछ बनाएं — इससे उन्हें यक़ीन होता है कि छाछ ताज़ी है। बोर्ड पर लिखें: "ताज़ी छाछ — आपके सामने बनती है"। FSSAI नंबर भी दिखाएं।

अध्याय 07

💲 दाम कैसे तय करें

मूल्य सूची

आइटमलागत/गिलासबिक्री मूल्यमुनाफ़ा
सादी छाछ (गिलास)₹3–₹4₹10–₹15₹6–₹11
मसाला छाछ (गिलास)₹4–₹5₹15–₹20₹10–₹15
पुदीना स्पेशल छाछ₹5–₹6₹15–₹20₹9–₹14
मीठी लस्सी (गिलास)₹8–₹10₹20–₹30₹12–₹20
मलाई लस्सी (बड़ा)₹12–₹15₹30–₹50₹18–₹35
मैंगो लस्सी₹15–₹18₹35–₹50₹17–₹32
छाछ बोतल (500ml)₹5–₹7₹20–₹25₹13–₹18
💡 मुनाफ़ा बढ़ाने का तरीक़ा

सादी छाछ ₹10 में बेचें (ग्राहक आकर्षित होंगे), लेकिन "स्पेशल मसाला छाछ" ₹20 और "मलाई लस्सी" ₹40–₹50 में। मिट्टी के कुल्हड़ में सर्व करें — ₹3 एक्स्ट्रा लगता है लेकिन ₹5–₹10 ज़्यादा चार्ज कर सकते हैं। "देसी घड़े की छाछ" लिखें — प्रीमियम फ़ील।

अध्याय 08

🤝 ग्राहक कैसे लाएं

ऑफ़लाइन मार्केटिंग

ऑनलाइन मार्केटिंग

📌 उदाहरण — ऑफ़िस डिलीवरी

अहमदाबाद के कैलाश ने 10 ऑफ़िस में लंच टाइम (1–2 बजे) पर छाछ डिलीवरी शुरू की। हर ऑफ़िस से 15–20 गिलास/दिन ऑर्डर। ₹15/गिलास। 10 ऑफ़िस × 15 गिलास = 150 गिलास/दिन सिर्फ़ डिलीवरी से। बाक़ी ठेले पर भी 100+ गिलास। मासिक कमाई ₹55,000।

अध्याय 09

📈 बिज़नेस कैसे बढ़ाएं

स्टेप 1 — वैरायटी बढ़ाएं

स्टेप 2 — बोतल/पैकेट में बेचें

स्टेप 3 — सर्दी में वैकल्पिक उत्पाद

स्टेप 4 — मल्टिपल ठेले

एक जगह से अच्छा चले तो 2–3 और जगह कर्मचारी रखकर ठेले लगाएं। एक जगह छाछ बनाएं, सब ठेलों पर भेजें।

🎯 साल भर की योजना

  • मार्च-सितंबर (7 महीने): छाछ + लस्सी — ₹40,000–₹80,000/माह
  • अक्टूबर-फ़रवरी (5 महीने): लस्सी + दही + गर्म दूध — ₹15,000–₹30,000/माह
  • सालाना कुल: ₹3,55,000–₹7,10,000

स्टेप 5 — पैकेट छाछ ब्रांड

अमूल छाछ ₹20–₹25 में बिकती है। आप भी अपनी पैकेट छाछ बना सकते हैं:

📌 उदाहरण — पैकेट छाछ ब्रांड

राजस्थान की एक महिला SHG (स्वयं सहायता समूह) ने "राजस्थानी मसाला छाछ" ब्रांड बनाया। 200ml पाउच ₹10 में बेचती हैं। PM FME से पैकिंग मशीन पर सब्सिडी मिली। रोज़ 500 पाउच बिकते हैं। 10 महिलाओं को रोज़गार मिला। मासिक टर्नओवर ₹1.5 लाख।

📝 गतिविधि — क्षेत्र विश्लेषण

अपने इलाक़े में पता करें: (1) कितने ऑफ़िस/दुकानें हैं जहाँ लंच टाइम पर छाछ बेच सकते हैं, (2) क्या कोई और छाछ/लस्सी बेचता है — उनका दाम और क्वालिटी, (3) सबसे अच्छी जगह कहाँ है ठेला लगाने की। यह जानकारी नोट करें।

अध्याय 10

⚡ आम चुनौतियाँ और समाधान

चुनौती 1 — सीज़नल बिज़नेस

समस्या: सर्दियों में छाछ की माँग 70% गिर जाती है।

समाधान: गर्मियों में अच्छी बचत करें। सर्दियों में गर्म दूध, रबड़ी, खीर बेचें। लस्सी साल भर बिकती है।

चुनौती 2 — छाछ ख़राब होना

समस्या: गर्मी में 4–5 घंटे में छाछ खट्टी/ख़राब हो जाती है।

समाधान: छोटे बैच में बनाएं। बर्फ़ और ठंडे पानी का इस्तेमाल करें। इंसुलेटेड कंटेनर में रखें। बची छाछ फेंक दें।

चुनौती 3 — दही की क्वालिटी

समस्या: सप्लायर का दही कभी अच्छा, कभी ख़राब आता है।

समाधान: ख़ुद दही जमाएं (लागत भी कम)। या 2–3 सप्लायर रखें। दही को इस्तेमाल से पहले चखें।

चुनौती 4 — प्रतिस्पर्धा (कोल्ड ड्रिंक्स)

समस्या: कोका-कोला, पेप्सी जैसे ब्रांड प्रतिस्पर्धी हैं।

समाधान: "हेल्दी" और "देसी" पर ज़ोर दें। बोर्ड पर लिखें: "कोल्ड ड्रिंक छोड़ो, देसी छाछ पियो — सेहत के लिए!" स्वास्थ्य-जागरूक ग्राहक बढ़ रहे हैं।

⚠️ पानी की गुणवत्ता

छाछ में 60–70% पानी होता है। अगर पानी गंदा है तो ग्राहक बीमार पड़ेंगे। हमेशा फ़िल्टर्ड/RO पानी इस्तेमाल करें। बर्फ़ भी साफ़ पानी से बनी होनी चाहिए। यह आपकी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है।

चुनौती 5 — ग्राहक की पसंद

समस्या: किसी को ज़्यादा खट्टा चाहिए, किसी को कम नमक, किसी को ज़्यादा पानी।

समाधान: 2–3 वैरायटी तैयार रखें — हल्की छाछ, गाढ़ी छाछ, मसालेदार छाछ। ग्राहक से पूछें "कैसी चाहिए?" — यह छोटी सी बात बड़ा फ़र्क़ लाती है। रेगुलर ग्राहकों की पसंद याद रखें।

अध्याय 11

🌟 सफलता की कहानियाँ

कहानी 1 — भगवान लाल, जोधपुर (राजस्थान)

भगवान लाल 2017 से जोधपुर के घंटाघर बाज़ार में "देसी घड़े की छाछ" बेच रहे हैं। शुरुआत ₹4,000 से की — 2 मिट्टी के घड़े और एक छोटा ठेला। उनकी छाछ में पुदीना और भुना जीरा का ज़बरदस्त स्वाद है। "₹10 में देसी छाछ" इतनी हिट हुई कि रोज़ 300+ गिलास बिकते हैं। पीक सीज़न (अप्रैल-जून) में ₹80,000/माह कमाते हैं। दो सहायकों को रोज़गार भी दिया है।

कहानी 2 — नीलम पटेल, अहमदाबाद (गुजरात)

नीलम ने 2020 में मुद्रा लोन (₹50,000) से "Fresh Chaas" नाम से छाछ-लस्सी की दुकान खोली। छाछ, मसाला छाछ, मीठी लस्सी, मैंगो लस्सी — 8 वैरायटी। ऑफ़िस डिलीवरी भी शुरू की। 1 साल में 3 ऑफ़िस कॉम्प्लेक्स में रेगुलर सप्लाई। मासिक आय ₹65,000। अब बोतल में पैक करके ऑनलाइन भी बेचती हैं।

कहानी 3 — सूरज मीणा, जयपुर (राजस्थान)

सूरज 12वीं पास हैं। 2022 में ₹8,000 से छाछ का ठेला शुरू किया। जयपुर के हवा महल रोड पर। टूरिस्ट इलाक़ा होने से विदेशी पर्यटक भी आते हैं। उन्होंने "Traditional Rajasthani Chaas" का बोर्ड अंग्रेज़ी में भी लगाया। ₹20/गिलास। गर्मियों में रोज़ 250+ गिलास बिकते हैं। मासिक कमाई ₹60,000+। अब एक और ठेला आमेर क़िले के पास लगाने की तैयारी है।

अध्याय 12

🏛️ सरकारी योजनाएँ

योजनालाभपात्रताआवेदन
PM SVANidhi ₹10,000–₹50,000 लोन, 7% ब्याज सब्सिडी स्ट्रीट वेंडर, ठेला वाले pmsvanidhi.mohua.gov.in
PM FME योजना ₹10 लाख तक लोन, 35% सब्सिडी खाद्य प्रसंस्करण उद्यमी pmfme.mofpi.gov.in
FSSAI रजिस्ट्रेशन कानूनी मान्यता, ग्राहक भरोसा सभी खाद्य विक्रेता foscos.fssai.gov.in
मुद्रा लोन ₹50,000–₹10 लाख बिना गारंटी छोटे व्यवसायी mudra.org.in / बैंक
ODOP ट्रेनिंग, ब्रांडिंग, मार्केट लिंकेज ज़िला-स्तरीय उत्पादक odop.mofpi.gov.in
💡 PM FME — पैकेट छाछ बिज़नेस के लिए

अगर आप छाछ को बोतल/पैकेट में पैक करके बेचना चाहते हैं तो PM FME योजना से पैकेजिंग मशीन, कूलिंग यूनिट और लेबलिंग पर 35% सब्सिडी मिल सकती है। ज़िले के खाद्य प्रसंस्करण विभाग में संपर्क करें। ODOP में अगर आपके ज़िले का उत्पाद डेयरी है तो और भी सहायता मिलती है।

📄 ज़रूरी दस्तावेज़

  • आधार कार्ड
  • बैंक खाता
  • ठेले/दुकान का फ़ोटो
  • FSSAI रजिस्ट्रेशन
  • पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
  • मोबाइल नंबर (आधार से लिंक)
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📱 KaryoSetu पर लिस्ट करें

लिस्टिंग के चरण

  1. KaryoSetu ऐप डाउनलोड करें (Google Play Store)
  2. मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें
  3. कैटेगरी: "खाना-पीना" → "छाछ-मट्ठा / लस्सी"
  4. विवरण: दुकान का नाम, पता, वैरायटी, दाम, समय
  5. फ़ोटो: मिट्टी के घड़े, छाछ के गिलास, ठेले की फ़ोटो
  6. "लिस्ट करें" दबाएं
📌 लिस्टिंग उदाहरण

शीर्षक: "देसी घड़े की ठंडी मसाला छाछ और लस्सी"

विवरण: "FSSAI रजिस्टर्ड | सादी छाछ ₹10, मसाला ₹15, लस्सी ₹25, मैंगो लस्सी ₹40 | मिट्टी के घड़े में सर्व | ताज़ी — आपके सामने बनती है | सुबह 9 से शाम 7 | ऑफ़िस डिलीवरी उपलब्ध"

💡 लिस्टिंग टिप

"मिट्टी के घड़े" और "ताज़ी छाछ" ज़रूर लिखें — ये शब्द ग्राहकों को आकर्षित करते हैं। घड़े में छाछ की सुंदर फ़ोटो डालें। "हेल्दी विकल्प" लिखें — स्वास्थ्य-जागरूक ग्राहक आएंगे।

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✊ आज से शुरू करें

✅ शुरुआती चेकलिस्ट
  • छाछ बनाने की प्रैक्टिस करें (5 दिन)
  • दही सप्लायर ढूंढें या ख़ुद जमाना सीखें
  • भीड़ वाली जगह चुनें
  • ₹3,000–₹10,000 का बजट तैयार करें
  • ठेला, मिक्सर, घड़े, गिलास ख़रीदें
  • FSSAI बेसिक रजिस्ट्रेशन करें
  • PM SVANidhi / मुद्रा लोन के लिए आवेदन करें
  • बैनर/बोर्ड बनवाएं
  • 2–3 वैरायटी तैयार करें
  • KaryoSetu पर लिस्टिंग करें
  • पहले दिन 5 लीटर दही से शुरू करें
  • रोज़ का हिसाब डायरी में लिखें
📝 होमवर्क — पहले 7 दिन
  • दिन 1: 3 तरह की छाछ बनाकर परिवार को चखाएं
  • दिन 2: दही सप्लायर से मिलें, थोक रेट पूछें
  • दिन 3: 3 जगहें देखें जहाँ ठेला लगा सकते हैं
  • दिन 4: ठेला, मिक्सर, मिट्टी के घड़े ख़रीदें
  • दिन 5: FSSAI रजिस्ट्रेशन करें, बैनर बनवाएं
  • दिन 6: 5 लीटर दही से 15 लीटर छाछ बनाकर प्रैक्टिस
  • दिन 7: पहला दिन! ठेला लगाएं, ₹10 में छाछ बेचना शुरू करें!
💪 प्रेरणा

छाछ भारत का सबसे पुराना सुपरफ़ूड है — और आज फिर से इसकी माँग तेज़ी से बढ़ रही है। कोल्ड ड्रिंक छोड़कर लोग देसी छाछ की तरफ़ लौट रहे हैं। ₹3,000 से शुरू करके ₹80,000/माह तक पहुँचना संभव है। बस ताज़ा, स्वादिष्ट और स्वच्छ छाछ बनाएं — ग्राहक ख़ुद आएंगे!

📞 सहायता संपर्क