🏘️ SG — Subcategory Business Guide
राशन दुकान (FPS)
Ration Shop Business Guide
गाँव के हर परिवार तक सस्ता अनाज — राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा का स्तंभ
KaryoSetu Academy · Subcategory Business Guide · Community · संस्करण 1.0 · मई 2026
अध्याय 01
🏘️ परिचय — राशन दुकान (Fair Price Shop) क्या है?
राशन दुकान — जिसे Fair Price Shop (FPS) कहते हैं — सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का सबसे अहम हिस्सा है। यहाँ से सरकार 80+ करोड़ लोगों को सस्ता गेहूँ, चावल, चीनी, मिट्टी का तेल और दालें उपलब्ध कराती है। NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) 2013 के तहत यह एक कानूनी अधिकार है।
📊 PDS — एक नज़र में
- 5.4 लाख+ Fair Price Shops (FPS) पूरे भारत में
- 80+ करोड़ लाभार्थी — NFSA के तहत
- ₹2/किग्रा गेहूँ, ₹3/किग्रा चावल — सबसे सस्ता अनाज
- ePOS (Electronic Point of Sale) मशीन से बायोमेट्रिक वितरण
- One Nation One Ration Card — कहीं से भी राशन लें
FPS डीलर — वह व्यक्ति जो राशन दुकान चलाता है। सरकार उसे कमीशन देती है। यह समाज सेवा और कमाई — दोनों का अवसर है।
💡 जानें
FPS अब डिजिटल हो गई हैं। ePOS मशीन से आधार बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन होता है। यह पारदर्शिता सुनिश्चित करता है और भ्रष्टाचार रोकता है।
अध्याय 02
💰 यह काम इतना ज़रूरी क्यों है?
भारत में 80+ करोड़ लोग सरकारी राशन पर निर्भर हैं। यह सिर्फ़ सस्ता अनाज नहीं — यह करोड़ों परिवारों की खाद्य सुरक्षा है। FPS डीलर इस पूरी व्यवस्था की रीढ़ है।
FPS डीलर क्यों ज़रूरी?
- 80+ करोड़ लाभार्थी: हर महीने राशन लेते हैं — गारंटीड ग्राहक
- सरकारी कमीशन: प्रति क्विंटल ₹70–₹150 + मार्जिन
- स्थाई बिज़नेस: जब तक PDS है — FPS है
- समाज सेवा: ग़रीब परिवारों को सस्ता अनाज
- अतिरिक्त सेवाएँ: FPS + किराना = दोगुनी कमाई
🔥 FPS डीलर बनने के फ़ायदे
- गारंटीड ग्राहक: 500–2,000+ राशन कार्ड — हर महीने
- सरकारी सप्लाई: अनाज सरकार देती है — आपको ख़रीदना नहीं पड़ता
- कमीशन + मार्जिन: ₹15,000–₹40,000/माह
- अतिरिक्त किराना बिक्री: लोग राशन लेने आते हैं और किराना भी ख़रीदते हैं
- सामुदायिक सम्मान: गाँव में आपकी पहचान बनती है
🌾 उदाहरण
ओडिशा के कालाहांडी ज़िले में एक FPS डीलर 1,200 राशन कार्डों पर सेवा देता है। सरकारी कमीशन ₹25,000/माह। इसके ऊपर किराना बिक्री से ₹15,000/माह — कुल ₹40,000/माह।
⚠️ ध्यान दें
PMGKAY (प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना) के तहत मुफ़्त अनाज — FPS से ही मिलता है। इससे FPS पर लोगों की निर्भरता और बढ़ गई है।
अध्याय 03
🛠️ ज़रूरी कौशल और औज़ार
आवश्यक कौशल
- बुनियादी हिसाब-किताब — स्टॉक, बिक्री, कमीशन
- ePOS मशीन चलाना — बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन
- तौल का सही ज्ञान — किलोग्राम, क्विंटल
- ग्राहक सेवा — धैर्य (विशेषकर बुज़ुर्गों और अनपढ़ लोगों के साथ)
- सरकारी नियमों का पालन
- स्टॉक प्रबंधन — अनाज की सही देखभाल
ज़रूरी उपकरण
| उपकरण | विवरण | अनुमानित लागत |
| दुकान/गोदाम | 200–500 वर्ग फ़ीट, सूखा और हवादार | ₹3,000–₹8,000/माह किराया |
| इलेक्ट्रॉनिक तराज़ू | 100 किग्रा क्षमता | ₹3,000–₹8,000 |
| ePOS मशीन | सरकार देती है / ₹8,000–₹15,000 | सरकारी / ₹8,000–₹15,000 |
| बायोमेट्रिक डिवाइस | ePOS के साथ | ePOS में शामिल |
| तख़्ती/बोर्ड | रेट लिस्ट, समय, राशन कार्ड सूची | ₹1,000–₹3,000 |
| भंडारण बर्तन | ड्रम, बोरे, ढक्कन | ₹3,000–₹5,000 |
| सुरक्षा | ताला, ग्रिल, CCTV (वैकल्पिक) | ₹2,000–₹10,000 |
💡 गोदाम की ज़रूरत
अनाज को नमी, चूहों और कीड़ों से बचाना सबसे ज़रूरी है। फ़र्श पर सीधे बोरे ना रखें — लकड़ी की पटिया (पैलेट) पर रखें। दीवार से 6 इंच दूर रखें।
📝 अभ्यास
अपने गाँव/ब्लॉक की राशन दुकान पर जाएँ। FPS डीलर से बात करें — उनकी चुनौतियाँ, कमाई और अनुभव सुनें।
अनाज भंडारण — सही तरीक़ा
🌾 अनाज सुरक्षित रखने के 8 नियम
- फ़र्श पर सीधे बोरे ना रखें — लकड़ी की पटिया (पैलेट) पर रखें
- दीवार से कम से कम 6 इंच दूर रखें — नमी से बचाव
- छत में लीकेज ना हो — बारिश में अनाज भीगने से बचाएँ
- खिड़कियों में जाली लगाएँ — चूहों और पक्षियों से बचाव
- नीम की सूखी पत्तियाँ बोरों के बीच रखें — कीड़ों से बचाव
- हर हफ़्ते अनाज की जाँच करें — गंध, रंग, कीड़े
- FIFO (First In First Out) — पुराना अनाज पहले बाँटें
- गोदाम में सफ़ाई रखें — हर हफ़्ते झाड़ू-पोंछा
⚠️ ख़राब अनाज?
अगर गोदाम से आने वाला अनाज ख़राब/कीड़ालग्न हो — तो लेने से मना करें। SDO (Supply) को लिखित शिकायत दें। ख़राब अनाज बाँटने पर शिकायत आपके ख़िलाफ़ होगी।
अध्याय 04
🚀 शुरू कैसे करें — FPS लाइसेंस प्रक्रिया
पात्रता
- भारतीय नागरिक, 21+ वर्ष
- उस गाँव/वार्ड का निवासी
- BPL/SC/ST/OBC/महिला/दिव्यांग को प्राथमिकता (राज्य अनुसार)
- कोई आपराधिक रिकॉर्ड ना हो
- 200+ वर्ग फ़ीट दुकान/गोदाम
- सरकारी/अर्ध-सरकारी नौकरी ना हो
आवेदन प्रक्रिया
- ज़िला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग से आवेदन फ़ॉर्म लें
- दस्तावेज़ जमा करें: आधार, राशन कार्ड, निवास प्रमाण, जाति प्रमाण (यदि लागू), दुकान का प्रमाण
- ग्राम सभा/नगर पालिका से अनुशंसा
- SDM/BDO से सत्यापन
- SDO (Supply) से जाँच
- ज़िला कलेक्टर से मंज़ूरी
- FPS लाइसेंस जारी — अनाज सप्लाई शुरू
📋 ज़रूरी दस्तावेज़
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC)
- दुकान/गोदाम का स्वामित्व/किराया प्रमाण
- बैंक पासबुक
- पासपोर्ट साइज़ फ़ोटो
- ग्राम सभा का प्रस्ताव/अनुशंसा
⚠️ सावधानी
FPS लाइसेंस सरकारी प्रक्रिया से मिलता है। कोई भी दलाल ₹50,000–₹1,00,000 में लाइसेंस "दिलवाने" का वादा करे तो सतर्क रहें। सीधे ज़िला खाद्य विभाग से संपर्क करें।
अध्याय 05
⚙️ काम कैसे होता है
मासिक कार्यप्रणाली
- महीने की 1–5 तारीख़: गोदाम से अनाज उठाव (lifting) — ट्रक/ट्रैक्टर से
- 5–25 तारीख़: लाभार्थियों को राशन वितरण — ePOS मशीन से
- 25–30 तारीख़: बचे अनाज का हिसाब, रिपोर्ट जमा
वितरण प्रक्रिया (ePOS)
- ePOS मशीन चालू करें
- लाभार्थी का राशन कार्ड नंबर डालें
- आधार बायोमेट्रिक (फ़िंगरप्रिंट) से पहचान
- अनाज की मात्रा — स्क्रीन पर दिखती है
- अनाज तौलकर दें
- रसीद प्रिंट करें (ePOS से)
- ग्राहक को दें — काम पूरा
अनाज की मात्रा (NFSA के तहत)
| वर्ग | प्रति व्यक्ति/माह | दर |
| AAY (अंत्योदय) | 35 किग्रा/परिवार | ₹2/किग्रा गेहूँ, ₹3/किग्रा चावल |
| PHH (प्राथमिकता) | 5 किग्रा/व्यक्ति | ₹2/किग्रा गेहूँ, ₹3/किग्रा चावल |
| PMGKAY | 5 किग्रा/व्यक्ति अतिरिक्त | मुफ़्त |
💡 ePOS के फ़ायदे
ePOS से वितरण पारदर्शी होता है — कितना अनाज आया, कितना बाँटा, कितना बचा — सब रिकॉर्ड होता है। भ्रष्टाचार की शिकायतें कम होती हैं और आपकी विश्वसनीयता बढ़ती है।
अध्याय 06
✅ गुणवत्ता और सुरक्षा
अनाज की गुणवत्ता
- गोदाम से अनाज लेते समय गुणवत्ता जाँचें — कीड़ा, गंध, नमी
- ख़राब अनाज हो तो लेने से मना करें और SDO (Supply) को सूचित करें
- अनाज सूखी जगह में, ज़मीन से ऊँचा रखें
- चूहों और कीड़ों से बचाव — नीम की पत्तियाँ, जाली
पारदर्शिता और ईमानदारी
- सरकारी रेट से ज़्यादा चार्ज ना करें
- हर ग्राहक को ePOS रसीद दें
- राशन कार्ड सूची दुकान में टँगी हो
- वितरण के दिन और समय बोर्ड पर लिखे हों
- अनाज कभी काला बाज़ार में ना बेचें — यह गंभीर अपराध है
⚠️ गंभीर चेतावनी
राशन का अनाज काला बाज़ार में बेचना — Essential Commodities Act के तहत 7 साल की कैद और भारी जुर्माना। FPS लाइसेंस रद्द। ePOS से सब ट्रैक होता है — पकड़े जाएँगे।
📝 अभ्यास
अपने ज़िले की खाद्य विभाग की वेबसाइट पर जाएँ। FPS डीलर के लिए नियम और शर्तें पढ़ें। शिकायत तंत्र समझें।
अध्याय 07
💲 दाम कैसे तय करें — कमीशन संरचना
FPS डीलर को सरकार कमीशन देती है — यह राज्य अनुसार अलग-अलग है। अनाज की दर सरकार तय करती है — आप ज़्यादा नहीं ले सकते।
| आय का स्रोत | विवरण | मासिक अनुमान |
| लिफ़्टिंग कमीशन | ₹70–₹150/क्विंटल (राज्य अनुसार) | ₹7,000–₹15,000 |
| ePOS कमीशन | ₹30–₹50/क्विंटल (कुछ राज्यों में) | ₹3,000–₹5,000 |
| ट्रांसपोर्ट अलाउंस | ₹25–₹50/क्विंटल (दूरी अनुसार) | ₹2,500–₹5,000 |
| किराना/अतिरिक्त सामान | MRP पर बिक्री — 10–20% मार्जिन | ₹5,000–₹15,000 |
| अन्य सेवाएँ | मोबाइल रिचार्ज, फ़ोटोकॉपी | ₹1,000–₹3,000 |
🧮 कमाई का हिसाब
छोटा FPS (500 कार्ड): कमीशन ₹12,000–₹18,000 + किराना ₹5,000 = ₹17,000–₹23,000/माह
मध्यम FPS (1,000 कार्ड): कमीशन ₹20,000–₹30,000 + किराना ₹10,000 = ₹30,000–₹40,000/माह
बड़ा FPS (2,000+ कार्ड): कमीशन ₹35,000–₹50,000 + किराना ₹15,000 = ₹50,000–₹65,000/माह
💡 अतिरिक्त कमाई
राशन दुकान में किराना सामान (दाल, तेल, मसाले, साबुन, बिस्कुट) भी रखें। लोग राशन लेने आएँगे और किराना भी ख़रीदेंगे — यही सबसे बड़ा फ़ायदा है।
अध्याय 08
🤝 ग्राहक कैसे लाएं
FPS में ग्राहक सरकार द्वारा आवंटित होते हैं — आपको "ग्राहक लाने" की ज़रूरत कम है। लेकिन किराना बिक्री बढ़ाने और अच्छी सेवा से आपकी कमाई दोगुनी हो सकती है।
बेहतर सेवा = ज़्यादा किराना बिक्री
- समय पर वितरण: हर महीने तय तारीख़ पर राशन बाँटें — देरी ना करें
- सही तौल: ग्राहकों के सामने तौलें — विश्वास बढ़ेगा
- रसीद दें: ePOS रसीद हर ग्राहक को
- अच्छा व्यवहार: बुज़ुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों से सम्मान से बात करें
- किराना स्टॉक: रोज़ की ज़रूरत का सामान रखें — लोग यहीं से ख़रीदेंगे
📢 सूचना प्रसारण
- WhatsApp ग्रुप बनाएँ — "आज से राशन वितरण शुरू" जैसी सूचना दें
- दुकान पर बोर्ड लगाएँ — वितरण तारीख़ और समय
- ग्राम पंचायत की मीटिंग में जानकारी दें
- बुज़ुर्गों को फ़ोन पर बताएँ
🌾 उदाहरण
तमिलनाडु के मदुरै ज़िले में एक FPS डीलर ने दुकान में किराना + सब्ज़ी भी रखना शुरू किया। राशन की 800 ग्राहकों में से 300+ नियमित किराना भी ख़रीदते हैं — अतिरिक्त कमाई ₹12,000/माह।
ePOS मशीन के फ़ायदे
📱 डिजिटल FPS — क्यों बेहतर है?
- पारदर्शिता: कितना अनाज आया, कितना बँटा — सब रिकॉर्ड
- फ़र्ज़ी वितरण रुकता है: बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन — असली लाभार्थी को ही मिलेगा
- शिकायतें कम: रसीद मिलती है — कोई विवाद नहीं
- सरकार को रिपोर्ट: ऑटोमेटिक — आपको अलग से रिपोर्ट बनाने की ज़रूरत कम
- One Nation One Ration Card: ePOS से ही प्रवासी मज़दूर कहीं से भी राशन ले सकते हैं
💡 ePOS समस्या का समाधान
ePOS मशीन ख़राब होने पर तुरंत ज़िला खाद्य विभाग को फ़ोन करें। बैकअप विकल्प: कुछ राज्यों में OTP-आधारित वितरण भी उपलब्ध है। मशीन की बैटरी रोज़ चार्ज करें।
अध्याय 09
📈 बिज़नेस कैसे बढ़ाएं
अतिरिक्त सेवाएँ जोड़ें
- किराना दुकान: दाल, तेल, मसाले, साबुन, बिस्कुट — MRP पर
- सब्ज़ी/फल: स्थानीय किसानों से सीधे ख़रीदें और बेचें
- मोबाइल रिचार्ज: ₹2,000–₹3,000/माह अतिरिक्त आय
- CSC सेवा: आधार, पैन, बिल भुगतान — FPS + CSC = ज़्यादा ग्राहक
- BC Agent: बैंकिंग सेवा — AePS से जमा-निकासी
- LPG बुकिंग: गैस सिलेंडर बुकिंग सेवा
📊 One Nation One Ration Card का फ़ायदा
इस योजना से प्रवासी मज़दूर कहीं से भी राशन ले सकते हैं। अगर आपकी FPS शहर-गाँव के बीच है या औद्योगिक क्षेत्र के पास, तो प्रवासी मज़दूर भी आपके ग्राहक बनेंगे — ग्राहक संख्या बढ़ेगी।
📝 होमवर्क
- अपने क्षेत्र में FPS कहाँ-कहाँ ख़ाली (रिक्त) हैं — ज़िला खाद्य विभाग से पूछें
- नज़दीकी FPS डीलर से उनकी मासिक कमाई और चुनौतियों के बारे में बात करें
- FPS + किराना + CSC — इस कॉम्बो मॉडल का बजट बनाएँ
अध्याय 10
⚡ आम चुनौतियाँ और समाधान
| चुनौती | समाधान |
| ePOS मशीन ख़राब | ज़िला खाद्य विभाग को तुरंत सूचित करें। बैकअप मशीन की माँग करें |
| बायोमेट्रिक फ़ेल | OTP-आधारित वितरण का विकल्प अपनाएँ (जहाँ उपलब्ध) |
| अनाज की गुणवत्ता ख़राब | गोदाम पर ही जाँचें, ख़राब अनाज लेने से मना करें, SDO को लिखित शिकायत दें |
| ट्रांसपोर्ट महँगा | कई FPS डीलर मिलकर एक साथ अनाज उठाएँ — ट्रांसपोर्ट ख़र्चा बँटेगा |
| कमीशन कम/देर से | FPS डीलर संघ (Association) से जुड़ें, सामूहिक माँग रखें |
| झूठी शिकायतें | हर काम का रिकॉर्ड रखें, ePOS रसीदें संभालें, CCTV लगाएँ |
💡 शिकायत/सहायता
खाद्य विभाग हेल्पलाइन: 1967 (कई राज्यों में)। ऑनलाइन शिकायत: pgportal.gov.in। राज्य खाद्य विभाग की वेबसाइट पर भी शिकायत कर सकते हैं।
अध्याय 11
🌟 सफलता की कहानियाँ
कहानी 1 — मालती देवी, ग्राम भटनी, उत्तर प्रदेश
मालती देवी ने 2019 में FPS लाइसेंस लिया। 800 राशन कार्ड आवंटित हुए। शुरू में सिर्फ़ कमीशन से ₹15,000/माह कमाती थीं। फिर उन्होंने किराना सामान रखना शुरू किया। आज कमीशन ₹18,000 + किराना ₹12,000 = ₹30,000/माह। वे कहती हैं: "राशन दुकान ने मुझे गाँव की सबसे ज़रूरी महिला बना दिया।"
कहानी 2 — बालकृष्ण मीणा, ग्राम बागोर, राजस्थान
बालकृष्ण SC वर्ग से हैं। सरकारी प्राथमिकता से FPS मिली। 1,200 कार्ड। उन्होंने FPS + CSC + BC Agent — तीनों सेवाएँ एक ही दुकान से शुरू कीं। आज कुल आय ₹55,000/माह। 2 लोगों को रोज़गार दिया। ज़िला स्तर पर "श्रेष्ठ FPS डीलर" सम्मानित।
कहानी 3 — पार्वती अम्मा, ग्राम कोट्टायम, केरल
पार्वती अम्मा 60 वर्ष की हैं। 15 साल से FPS चला रही हैं। उनकी दुकान सबसे साफ़-सुथरी और पारदर्शी है। कभी कोई शिकायत नहीं आई। 1,500 कार्ड पर सेवा। मासिक आय: ₹35,000। उनकी बेटी अब CSC सेवा भी चलाती है — परिवार की कुल आय ₹60,000+/माह।
अध्याय 12
🏛️ सरकारी योजनाएँ और सब्सिडी
FPS से जुड़ी सरकारी योजनाएँ
- NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम): 80+ करोड़ लोगों को सस्ता अनाज — FPS से वितरण
- PMGKAY (PM गरीब कल्याण अन्न योजना): मुफ़्त अनाज — FPS से ही बँटता है
- One Nation One Ration Card: प्रवासी कहीं से भी राशन ले सकते हैं
- DBT: कुछ राज्यों में सब्सिडी सीधे खाते में — फिर FPS से ख़रीदी
- Annapurna Yojana: 65+ बुज़ुर्ग — 10 किग्रा मुफ़्त अनाज — FPS से
- Digital India: ePOS, बायोमेट्रिक, ऑनलाइन ट्रैकिंग — PDS का डिजिटलीकरण
💰 FPS डीलर के लिए सहायता
- कमीशन वृद्धि: कई राज्यों ने FPS कमीशन बढ़ाया है — ₹100–₹150/क्विंटल
- ePOS मशीन: कई राज्यों में सरकार मुफ़्त देती है
- FPS आधुनिकीकरण: कुछ राज्यों में दुकान सुधारने के लिए ₹50,000–₹1,00,000 अनुदान
- FPS डीलर बीमा: कुछ राज्यों में दुर्घटना बीमा
💡 जानकारी रखें
अपने राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की वेबसाइट नियमित देखें। FPS कमीशन, नई योजनाएँ और दिशा-निर्देश अपडेट होते रहते हैं।
अध्याय 13
📱 KaryoSetu पर कैसे लिस्ट करें
लिस्टिंग बनाने के चरण
- KaryoSetu ऐप डाउनलोड करें
- "सेवा जोड़ें" पर टैप करें
- कैटेगरी: "Community" → "राशन दुकान / Ration Shop" चुनें
- शीर्षक: "राशन दुकान — गेहूँ ₹2/किग्रा, चावल ₹3/किग्रा + किराना"
- विवरण: वितरण तिथि, समय, उपलब्ध सामान, अतिरिक्त सेवाएँ लिखें
- फ़ोटो: दुकान, बोर्ड, रेट लिस्ट
- लोकेशन: GPS लोकेशन दें
📝 अच्छी लिस्टिंग का नमूना
शीर्षक: "सरकारी राशन दुकान — गेहूँ, चावल, चीनी + किराना सामान"
विवरण: "NFSA अधिकृत Fair Price Shop। गेहूँ ₹2/किग्रा, चावल ₹3/किग्रा, चीनी ₹13.50/किग्रा। वितरण: 1–25 तारीख़, सुबह 9–शाम 5 बजे। ePOS मशीन से — आधार ज़रूरी। किराना सामान भी उपलब्ध।"
💡 टिप
वितरण शुरू होने पर KaryoSetu पर अपडेट करें — "आज से राशन वितरण शुरू"। इससे लोगों को समय पर जानकारी मिलेगी।
अध्याय 14
✊ आज से शुरू करें
राशन दुकान सिर्फ़ एक बिज़नेस नहीं — यह गाँव की खाद्य सुरक्षा का स्तंभ है। जब 80+ करोड़ लोगों को सस्ता अनाज आप तक पहुँचाते हैं — यह देश सेवा है।
✅ शुरुआत की चेकलिस्ट
- ज़िला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में जाकर FPS रिक्तियों की जानकारी लें
- आवेदन फ़ॉर्म लें और भरें
- ज़रूरी दस्तावेज़ तैयार करें
- ग्राम सभा/सरपंच से अनुशंसा लें
- दुकान/गोदाम की व्यवस्था करें — 200+ वर्ग फ़ीट
- तराज़ू, भंडारण बर्तन ख़रीदें
- ePOS मशीन ट्रेनिंग लें
- किराना सामान का स्टॉक रखें
- बोर्ड लगवाएँ — रेट, समय, वितरण तारीख़
- KaryoSetu ऐप पर लिस्टिंग बनाएँ
🎯 पहले 90 दिनों का लक्ष्य
- महीना 1: आवेदन + दस्तावेज़ + ग्राम सभा अनुशंसा
- महीना 2: लाइसेंस प्राप्ति + दुकान सेटअप + ePOS ट्रेनिंग — निवेश ₹20,000–₹40,000
- महीना 3: पहला वितरण + किराना शुरू — कमाई ₹15,000–₹25,000
📝 आज का काम
- ज़िला खाद्य विभाग का पता और फ़ोन नंबर निकालें
- अपने गाँव/ब्लॉक में FPS रिक्तियाँ हैं या नहीं — जानें
- नज़दीकी FPS डीलर से मिलें और उनका अनुभव सुनें
- KaryoSetu ऐप डाउनलोड करें