👗 SG — Subcategory Business Guide
पेटीकोट-इनरवियर
Petticoat & Innerwear Business Guide
हर महिला की रोज़ाना की ज़रूरत — साल भर बिकने वाला सदाबहार बिज़नेस
KaryoSetu Academy · Subcategory Business Guide · Clothes & Fashion · संस्करण 1.0 · मई 2026
अध्याय 01
परिचय — पेटीकोट-इनरवियर बिज़नेस क्या है?
पेटीकोट और इनरवियर हर महिला की रोज़ाना की ज़रूरत है। साड़ी पहनने वाली हर महिला को पेटीकोट चाहिए। इनरवियर तो हर उम्र, हर वर्ग की ज़रूरत है। यह एक ऐसा बिज़नेस है जो कभी बंद नहीं होता।
प्रमुख प्रकार
- सादा पेटीकोट: सूती, पॉलिएस्टर — रोज़ाना इस्तेमाल
- शिमर/सैटिन पेटीकोट: पार्टी, शादी के लिए
- इनस्कर्ट/शेपवियर: मॉडर्न स्टाइल, शहरी माँग
- महिला इनरवियर: ब्रा, पैंटी, कैमिसोल, स्लिप
- पुरुष इनरवियर: बनियान, अंडरवियर
- बच्चों का इनरवियर: बनियान, अंडरवियर
बाज़ार का दायरा
भारत का इनरवियर बाज़ार ₹50,000+ करोड़ का है और हर साल 12-15% बढ़ रहा है। ग्रामीण बाज़ार अभी भी underserved है — यहाँ बड़ा अवसर है।
💡 क्या आप जानते हैं?
भारत में हर साल 400 करोड़+ पेटीकोट बिकते हैं। यह रोटी-कपड़ा-मकान की "कपड़ा" ज़रूरत का अनिवार्य हिस्सा है!
कौन शुरू कर सकता है?
यह बिज़नेस इनके लिए ideal है
- महिलाएं — women customers comfortable feel करती हैं
- सिलाई जानने वाली — खुद बनाकर बेचें, margin 2x
- किराना/जनरल स्टोर — add-on product
- ऑनलाइन sellers — Meesho, Amazon reselling
- ग्रामीण entrepreneurs — door-to-door model
बाज़ार segmentation
| Segment | Target Customer | Price Range | Volume |
| Budget | ग्रामीण, daily use | ₹50–100 | बहुत ज़्यादा |
| Mid-range | कस्बा, शहर | ₹100–250 | ज़्यादा |
| Premium/Branded | शहरी, online | ₹250–500+ | कम, high margin |
| Manufacturing | थोक buyers | ₹30–80 | bulk volume |
अध्याय 02
यह काम इतना ज़रूरी क्यों है?
पेटीकोट-इनरवियर daily essential है — लोग हर 3-6 महीने में नया खरीदते हैं। कोई सीज़न नहीं, कोई festival dependency नहीं — साल भर बिक्री।
कमाई की संभावना
| बिज़नेस मॉडल | मासिक निवेश | मासिक कमाई | लाभ % |
| छोटी दुकान (गाँव) | ₹10,000–20,000 | ₹18,000–35,000 | 30–40% |
| कस्बे की दुकान | ₹25,000–50,000 | ₹40,000–80,000 | 25–35% |
| सिलाई + बिक्री | ₹8,000–15,000 | ₹20,000–40,000 | 50–70% |
| थोक व्यापार | ₹50,000–1,00,000 | ₹70,000–1,50,000 | 15–25% |
📌 उदाहरण
₹60 में खरीदा पेटीकोट → ₹120 में बिक्री = ₹60 मुनाफ़ा। रोज़ 15 पीस = ₹900/दिन = ₹27,000/माह मुनाफ़ा।
अध्याय 03
ज़रूरी कौशल और औज़ार
कौशल
- कपड़े की पहचान — सूती, पॉलिएस्टर, सैटिन, लाइक्रा
- साइज़ और फिटिंग की समझ
- महिला ग्राहकों से सहज बातचीत (संवेदनशीलता)
- अगर सिलाई: बेसिक टेलरिंग, मशीन चलाना
- स्टॉक मैनेजमेंट — साइज़ और रंग वार
ज़रूरी सामान और निवेश
| सामान | अनुमानित लागत | कहाँ से लें |
| पेटीकोट स्टॉक (50-100 पीस) | ₹5,000–12,000 | तिरुपुर, सूरत, दिल्ली |
| इनरवियर स्टॉक | ₹10,000–25,000 | तिरुपुर, मुंबई, कोलकाता |
| सिलाई मशीन (अगर बनाना है) | ₹5,000–15,000 | लोकल/ऑनलाइन |
| दुकान रैक/डिस्प्ले | ₹3,000–8,000 | लोकल कारपेंटर |
| पैकिंग सामान | ₹1,000–3,000 | पैकेजिंग मार्केट |
💡 सुझाव
तिरुपुर (तमिलनाडु) भारत की "इनरवियर राजधानी" है। यहाँ से 40-50% सस्ते दामों पर माल मिलता है।
अध्याय 04
शुरू कैसे करें — कदम-दर-कदम
चरण 1: बाज़ार समझें
अपने गाँव/कस्बे में पता करें — महिलाएं कहाँ से पेटीकोट/इनरवियर खरीदती हैं, कौन से ब्रांड पसंद हैं।
चरण 2: सोर्सिंग
प्रमुख खरीदारी केंद्र
- तिरुपुर (तमिलनाडु): इनरवियर/होज़री का सबसे बड़ा केंद्र
- सूरत (गुजरात): पेटीकोट, इनस्कर्ट
- दिल्ली (गांधी नगर): थोक इनरवियर
- कोलकाता (बड़ा बाज़ार): सस्ता इनरवियर
- मुंबई (लालबाग): ब्रांडेड + अनब्रांडेड
चरण 3: दुकान लगाएं
महिला ग्राहकों के लिए privacy ज़रूरी — दुकान में पर्दा/partition रखें। महिला कर्मचारी हो तो बेहतर।
चरण 4: पहला स्टॉक
सभी साइज़ (S, M, L, XL, XXL) और 4-5 रंगों में स्टॉक रखें।
⚠️ ध्यान रखें
इनरवियर बिज़नेस में hygiene और privacy सबसे ज़रूरी है। packed/sealed प्रोडक्ट ही बेचें। trial/exchange नहीं।
रजिस्ट्रेशन और दस्तावेज़
ज़रूरी कागज़ात
- Udyam Registration (MSME) — मुफ़्त ऑनलाइन
- GST Registration — ₹40 लाख+ turnover पर
- Shop License — नगरपालिका/पंचायत से
- PAN Card + Current Account
- BIS Certification — अगर manufacturing (optional but recommended)
size chart की समझ
| Size | कमर (inches) | Target |
| S (28) | 26–28" | पतली, teenage |
| M (30) | 28–30" | young women |
| L (32) | 30–34" | most common |
| XL (36) | 34–38" | very popular rural |
| XXL (40) | 38–42" | high demand rural |
| XXXL (44) | 42–46" | plus size |
💡 सुझाव
L, XL, XXL सबसे ज़्यादा बिकते हैं ग्रामीण इलाकों में। शुरू में इन्हीं 3 sizes पर focus करें — 70% demand cover हो जाएगी।
अध्याय 05
काम कैसे होता है — रोज़ाना की प्रक्रिया
दुकान का रोज़मर्रा
- सुबह दुकान खोलें, स्टॉक चेक करें
- ग्राहक आएं — साइज़, रंग, बजट पूछें
- packed प्रोडक्ट दिखाएं, ब्रांड/quality बताएं
- बिल बनाएं, अच्छी packaging में दें
- शाम को बिक्री record करें, कम स्टॉक note करें
- हर हफ़्ते order दें — fast-selling items पहले
सिलाई बिज़नेस (पेटीकोट बनाना)
- कपड़ा खरीदें (थोक) — सूती, पॉलिएस्टर
- काटें, सिलें — elastic/naada लगाएं
- इस्तरी करें, pack करें
- दुकानों/ग्राहकों को supply करें
size chart master
standard sizing system
| Size | कमर (inches) | लम्बाई | target audience |
| S | 26-28 | 36-38" | young girls, slim |
| M | 30-32 | 38-40" | average build |
| L | 34-36 | 40-42" | ज़्यादातर महिलाएं |
| XL | 38-40 | 42-44" | high demand |
| XXL | 42-44 | 44-46" | growing demand |
| XXXL | 46-48 | 46-48" | plus size segment |
quality check process
हर piece check करें — return कम होगा
- elastic/naada tight check — stretch test
- stitching — double lock stitch, no loose threads
- fabric — no holes, stains, colour fade
- size — measurement match with label
- packaging — poly bag sealed, label visible
💡 सुझाव
सबसे ज़्यादा बिकने वाले साइज़ L और XL हैं (ग्रामीण इलाकों में)। इनका स्टॉक ज़्यादा रखें।
अध्याय 06
गुणवत्ता और सुरक्षा
अच्छे प्रोडक्ट की पहचान
- कपड़ा मुलायम, त्वचा-अनुकूल (skin-friendly)
- elastic मज़बूत, अच्छी तरह सिली हुई
- रंग पक्का — पहली धुलाई में भी न निकले
- सही साइज़ — चार्ट के अनुसार
- सिलाई साफ़, कोई धागा न निकलता हो
✅ गुणवत्ता जाँच
- पैकिंग sealed है?
- लेबल पर साइज़, material, wash instructions?
- elastic stretch करें — ढीली तो नहीं?
- कपड़ा सूँघें — chemical smell तो नहीं?
- सिलाई सीधी और मज़बूत है?
⚠️ सावधानी
synthetic, non-breathable कपड़े से skin infection हो सकता है। cotton या cotton-blend प्रोडक्ट को प्राथमिकता दें।
अध्याय 07
दाम कैसे तय करें
दाम तालिका
| प्रकार | थोक दाम | खुदरा दाम | मुनाफ़ा/पीस |
| सूती पेटीकोट (सादा) | ₹50–80 | ₹100–150 | ₹40–70 |
| सैटिन/शिमर पेटीकोट | ₹80–150 | ₹150–300 | ₹70–150 |
| महिला बनियान | ₹25–50 | ₹50–100 | ₹25–50 |
| ब्रा (अनब्रांडेड) | ₹30–60 | ₹70–140 | ₹35–80 |
| ब्रा (ब्रांडेड) | ₹80–200 | ₹150–400 | ₹70–200 |
| पुरुष बनियान (3-पैक) | ₹80–120 | ₹150–250 | ₹70–130 |
| पुरुष अंडरवियर (3-पैक) | ₹70–110 | ₹130–220 | ₹60–110 |
📌 उदाहरण
₹50 में खरीदी सूती पेटीकोट → ₹120 में बिक्री = ₹70 मुनाफ़ा (140% markup)। daily 20 पीस = ₹1,400/दिन मुनाफ़ा।
अध्याय 08
ग्राहक कैसे लाएं
ऑफलाइन तरीके
- साड़ी/कपड़ा दुकानों के साथ अपनी दुकान खोलें
- महिला SHG ग्रुप में संपर्क करें — bulk order
- हाट-बाज़ार, साप्ताहिक मार्केट में स्टॉल
- "3 पेटीकोट ₹300" जैसे offer
- door-to-door — ग्रामीण इलाकों में कारगर
ऑनलाइन तरीके
- KaryoSetu ऐप पर लिस्ट करें
- WhatsApp Business कैटलॉग
- Meesho, GlowRoad पर reselling
- Amazon, Flipkart पर अपना ब्रांड
💡 सुझाव
महिला ग्राहक भरोसे से खरीदती हैं। एक बार अच्छा प्रोडक्ट दें — वो बार-बार आएंगी और दूसरों को भी बताएंगी।
combo offers — sales बढ़ाने का तरीका
proven combo strategies
- "3 पेटीकोट combo ₹300" (individual ₹120 each = ₹360)
- "ब्रा + पेटीकोट set ₹200" (individual ₹250)
- "शादी special pack" — 5 पेटीकोट + 5 ब्रा = ₹800
- "बारिश combo" — quick-dry innerwear set
- festive gift pack — decorative bag packaging
📌 Combo Power
combo offer से average bill ₹100 से ₹250 हो जाता है। 20 customers/दिन × ₹250 = ₹5,000/दिन = ₹1,50,000/माह revenue — combo magic!
अध्याय 09
बिज़नेस कैसे बढ़ाएं
विस्तार के तरीके
- प्रोडक्ट रेंज: पेटीकोट + इनरवियर + nightwear + legging
- manufacturing: खुद सिलाई कर बनाएं — मार्जिन 2-3 गुना
- अपना ब्रांड: label/packaging बनवाएं
- wholesale: छोटी दुकानों को supply करें
- ऑनलाइन: e-commerce platforms पर बेचें
ग्रोथ प्लान
साल 1: एक दुकान, ₹25,000/माह → साल 2: 2 दुकानें + ऑनलाइन, ₹80,000/माह → साल 3: manufacturing + brand, ₹2,00,000+/माह
manufacturing unit कैसे शुरू करें
पेटीकोट बनाने का setup
- जगह: 200-300 sq ft room — घर से भी शुरू कर सकते हैं
- मशीनें: 2-3 सिलाई मशीन (₹5,000-15,000 each)
- कपड़ा: थोक में कॉटन/पॉलिएस्टर — ₹30-50/meter
- elastic, thread: ₹2,000-3,000/माह
- कर्मचारी: 2-3 महिलाएं — piece rate पर
- production: 50-100 pieces/दिन possible
📌 Manufacturing उदाहरण
कपड़ा ₹15 + सिलाई ₹10 + elastic ₹3 + packing ₹2 = ₹30 per piece cost → ₹80-100 में बिक्री = ₹50-70 मुनाफ़ा/piece × 100 pieces/दिन = ₹5,000-7,000/दिन = ₹1.5-2 लाख/माह!
SHG model — group business
10 महिलाओं की SHG = micro factory
- 5 महिलाएं सिलाई — 50 pieces/दिन/person = 250/दिन
- 3 महिलाएं काटना + packing
- 2 महिलाएं marketing + delivery
- investment: SHG loan ₹2-5 लाख (low interest)
- revenue: 250 × ₹70 profit = ₹17,500/दिन
- प्रति member: ₹50,000+/माह income!
अध्याय 10
आम चुनौतियाँ और समाधान
चुनौती 1: ग्राहक size बताने में हिचकिचाती हैं
समाधान: size chart दिखाएं, महिला कर्मचारी रखें, privacy maintain करें।
चुनौती 2: branded products से competition
समाधान: branded + unbranded दोनों रखें। ग्रामीण में unbranded ज़्यादा बिकता है — सस्ता जो है।
चुनौती 3: return/exchange नहीं हो सकता
समाधान: खरीदते समय size ठीक से match करें। sealed पैक में दें — "hygienic product, no return"।
चुनौती 4: size range बहुत बड़ी
समाधान: शुरुआत में top 4 sizes (M, L, XL, XXL) और 3-4 रंगों पर focus करें।
door-to-door बिक्री model
ग्रामीण इलाकों में कैसे बेचें
- बड़ा बैग/ट्रॉली में sorted stock लेकर जाएं
- SHG meeting, आँगनवाड़ी, school gate — gathering points
- महिलाओं को privacy में दिखाएं — respect ज़रूरी
- 3-4 गाँव cover करें per day
- regular visit schedule बनाएं — हर 15-20 दिन same गाँव
- credit option दें trusted ग्राहकों को — loyalty बनती है
branded vs unbranded strategy
| Parameter | Branded | Unbranded |
| Price | ₹150-500 | ₹50-150 |
| Margin | 20-30% | 40-70% |
| Target | शहरी, middle class | ग्रामीण, budget |
| Trust | Brand name helps | आपकी service matters |
| Return | Brand handles | No return — sealed |
💡 सुझाव
ग्रामीण दुकान: 70% unbranded + 30% branded। शहरी दुकान: 50-50 mix। दोनों रखें — हर customer satisfied!
अध्याय 11
सफलता की कहानियाँ
🌟 कहानी 1: ममता पटेल, अहमदनगर (महाराष्ट्र)
ममता जी ने ₹15,000 से घर पर पेटीकोट सिलना शुरू किया। गाँव की 10 साड़ी दुकानों को supply करती हैं। आज 3 सिलाई मशीनें, 2 हेल्पर, मासिक कमाई ₹35,000।
🌟 कहानी 2: रेखा सिंह, वाराणसी (उत्तर प्रदेश)
रेखा जी ने तिरुपुर से इनरवियर मंगवाकर गाँवों में door-to-door बेचना शुरू किया। ₹20,000 का शुरुआती माल। 6 महीने में 200 regular ग्राहक बनीं। मासिक कमाई ₹28,000।
🌟 कहानी 3: अरुण कुमार, तिरुपुर (तमिलनाडु)
अरुण ने छोटी manufacturing unit शुरू की — ₹2 लाख का निवेश (मुद्रा लोन)। 5 मशीनें, 8 कर्मचारी। हर महीने 10,000 पीस बनाते हैं। मासिक बिक्री ₹4 लाख, मुनाफ़ा ₹1.2 लाख।
अध्याय 12
सरकारी योजनाएँ और सहायता
🏛️ PMEGP
₹25 लाख तक लोन, 15–35% सब्सिडी। गारमेंट manufacturing।
🏛️ मुद्रा योजना
₹50,000–₹10 लाख। छोटा कपड़ा बिज़नेस शुरू करने के लिए।
🏛️ PM विश्वकर्मा
सिलाई कारीगर — ₹3 लाख लोन, 5% ब्याज, toolkit।
🏛️ स्टैंड-अप इंडिया
SC/ST/महिला — ₹10 लाख–₹1 करोड़। manufacturing unit।
🏛️ राज्य योजनाएँ
तमिलनाड: THADCO सब्सिडी। महाराष्ट्र: CMEGP। बिहार: मुख्यमंत्री उद्यमी योजना।
अध्याय 13
KaryoSetu पर कैसे लिस्ट करें
स्टेप-बाय-स्टेप
- KaryoSetu ऐप डाउनलोड करें
- रजिस्टर करें
- "Clothes & Fashion" → "पेटीकोट-इनरवियर" चुनें
- प्रोडक्ट नाम, विवरण, available sizes लिखें
- product photos (packed) अपलोड करें
- दाम, minimum order, delivery भरें
- संपर्क नंबर डालें
- पब्लिश!
💡 लिस्टिंग टिप्स
packed/sealed product की फोटो डालें। size chart ज़रूर शामिल करें। "cotton", "comfortable", "all sizes available" keywords use करें।
अध्याय 14
आज से शुरू करें — एक्शन प्लान
✅ 30-दिन एक्शन चेकलिस्ट
- अपने इलाके में माँग survey करें
- तिरुपुर/सूरत के 3 wholesaler से बात करें
- ₹15,000–25,000 का बजट तय करें
- पहला stock खरीदें — top sizes में
- दुकान/स्टॉल लगाएं — privacy ध्यान रखें
- महिला SHG ग्रुप से जुड़ें
- WhatsApp Business शुरू करें
- KaryoSetu पर लिस्टिंग बनाएं
- पहले 30 ग्राहकों को सर्व करें
- feedback लें, re-order प्लान करें
📝 होमवर्क
- अपने गाँव में 15 महिलाओं से पूछें — कहाँ से खरीदती हैं?
- तिरुपुर के 2 manufacturer का contact लें
- ₹500 के sample खरीदकर quality check करें
- simple बिज़नेस प्लान लिखें
- KaryoSetu ऐप download करें
💡 याद रखें
यह बिज़नेस शर्म का नहीं, ज़रूरत का है। हर महिला को quality innerwear चाहिए — आप वो ज़रूरत पूरी करें!
daily sales tracking
हिसाब-किताब template
- daily register: product name, size, colour, quantity, amount
- weekly summary: total sales, total cost, profit
- fast-sellers: top 5 items mark करें — priority reorder
- slow-sellers: discount/combo offer पर दें
- app recommendation: Khata Book, Vyapar — free digital ledger
📌 Daily Tracking उदाहरण
आज बिक्री: पेटीकोट 8 × ₹120 = ₹960 | बनियान 5 × ₹80 = ₹400 | ब्रा 6 × ₹140 = ₹840 | Total: ₹2,200 | Cost: ₹1,100 | Profit: ₹1,100 | Monthly: ₹33,000 profit!
🎯 अंतिम गतिविधि
Khata Book app डाउनलोड करें (free)। अपनी inventory डालें — size, colour, quantity। एक महीने track करें — आपको exactly पता चलेगा क्या ज़्यादा बिकता है!