Chapter 1
हमारा गाँव, हमारी ज़िम्मेदारी
1.1 प्रकृति क्यों ज़रूरी है
भाई-बहनो, सोचो — हम खाना कहाँ से खाते हैं? ज़मीन से। पानी कहाँ से पीते हैं? नदी-कुएं से। साँस कहाँ से लेते हैं? हवा से। ये सब प्रकृति देती है — मुफ़्त में! लेकिन अगर हमने इसका ख्याल नहीं रखा, तो ये सब ख़त्म हो जाएगा।
1.2 गाँव की समस्याएं
पिछले 20-30 सालों में क्या बदला है:
- पानी: कुएं सूख रहे हैं, बोरवेल 300-400 फ़ीट जा रहे हैं
- मिट्टी: ज़्यादा chemical खाद से ज़मीन कमज़ोर हो रही है
- पेड़: जंगल कट रहे हैं, गर्मी बढ़ रही है
- कचरा: plastic हर जगह है — खेत में, नाले में, सड़क पर
- मौसम: बारिश कभी बहुत ज़्यादा, कभी बिल्कुल नहीं
1.3 समस्या का समाधान — हम ही हैं
सरकार करेगी, कोई और करेगा — ये सोचना बंद करो। बदलाव अपने घर से, अपने खेत से, अपने गाँव से शुरू होता है। इस booklet में हम सीखेंगे — पानी कैसे बचाएं, मिट्टी कैसे सुधारें, पेड़ कैसे लगाएं, और इन सबसे कमाई भी कैसे करें!
💡 जानो क्या
पर्यावरण की रक्षा करना सिर्फ़ "अच्छा काम" नहीं है — ये कमाई का रास्ता भी है! Organic farming, nursery business, कचरे से compost, solar energy — सबसे पैसे बनते हैं।
📝 अभ्यास
- अपने गाँव में देखो: सबसे बड़ी पर्यावरण समस्या क्या है? (पानी? कचरा? पेड़ कटना?)
- अपने दादा-दादी से पूछो: 30 साल पहले गाँव कैसा था? पानी, पेड़, मौसम — क्या बदला?
Chapter 2
पानी बचाओ — Rainwater Harvesting & Well Recharge
2.1 पानी का संकट
भारत में हर साल पानी की समस्या बढ़ रही है। गाँवों में बोरवेल 200-500 फ़ीट जा रहे हैं। 20 साल पहले 50 फ़ीट पर पानी मिलता था। क्या होगा अगले 20 साल में?
कारण: बारिश का पानी ज़मीन में जाने की बजाय बहकर नदी-नालों में चला जाता है। हम बारिश का पानी store नहीं करते।
2.2 Rainwater Harvesting — बारिश का पानी इकट्ठा करो
Rainwater harvesting का मतलब है — बारिश का पानी बहने मत दो, इकट्ठा करो!
छत से पानी इकट्ठा करना (Rooftop Harvesting)
- छत पर गटर (pipe) लगाओ जो पानी को एक जगह ले जाए
- एक फ़िल्टर बनाओ (बालू + कंकड़ + कपड़ा — 3 layer)
- पानी को tank या कुएं में जमा करो
- 1000 sq ft छत + 100 cm बारिश = ~1 लाख लीटर पानी/साल!
खेत में पानी रोकना
- मेड़बंदी: खेत के चारों तरफ़ मिट्टी की मेड़ बनाओ — पानी खेत में ही रहेगा
- ट्रेंच: खेत में छोटी-छोटी नालियाँ (trenches) बनाओ — पानी ज़मीन में जाएगा
- Farm Pond: खेत में एक छोटा तालाब बनाओ — बारिश का पानी जमा होगा
2.3 कुआं / बोरवेल Recharge
पुराना कुआं सूख गया है? Recharge करो:
- कुएं के पास एक गड्ढा खोदो (3×3×3 फ़ीट)
- इसमें बालू, कंकड़, ईंट के टुकड़े भरो (filter)
- बारिश का पानी इस गड्ढे में लाओ (pipe से)
- पानी filter होकर कुएं में जाएगा — कुआं फिर से भरने लगेगा!
🧮 पानी बचत का हिसाब
एक 1000 sq ft छत से हर साल ~1,00,000 लीटर पानी मिलता है। एक परिवार 1 दिन में ~200 लीटर पानी इस्तेमाल करता है। यानी 500 दिन का पानी सिर्फ़ बारिश से!
💡 सरकारी मदद
Jal Jeevan Mission और MGNREGA के तहत rainwater harvesting और farm pond बनाने के लिए सरकार पैसे देती है। अपने Gram Panchayat में पूछो।
📝 अभ्यास
- अपनी छत का area नापो — कितना पानी इकट्ठा हो सकता है?
- गाँव में कितने कुएं सूख गए हैं? List बनाओ
- Gram Panchayat में rainwater harvesting scheme के बारे में पूछो
Chapter 3
मिट्टी की सेहत — Composting & Organic Farming
3.1 मिट्टी — सबसे कीमती चीज़
किसान के लिए सबसे कीमती चीज़ क्या है? सोना? नहीं — मिट्टी! अच्छी मिट्टी = अच्छी फसल = अच्छी कमाई। लेकिन chemical खाद और pesticide ने मिट्टी को बीमार कर दिया है।
3.2 मिट्टी कैसे ख़राब होती है
- ज़्यादा chemical खाद: DAP, Urea — ज़्यादा डालने से मिट्टी सख़्त हो जाती है
- Pesticide: कीड़ों के साथ-साथ अच्छे जीवाणु (bacteria) भी मर जाते हैं
- एक ही फसल बार-बार: मिट्टी से एक ही nutrient खींचता रहता है
- जलाना: फसल के अवशेष (parali) जलाने से मिट्टी के जीवाणु मर जाते हैं
3.3 Composting — कचरे से खाद बनाओ
Vermicompost (केंचुआ खाद)
- एक गड्ढा बनाओ (6×3×2 फ़ीट) या cement tank
- नीचे सूखी पत्तियाँ और गोबर डालो
- 500-1000 केंचुए डालो (लाल केंचुए — Eisenia fetida)
- ऊपर से सब्ज़ी के छिलके, गोबर, पत्तियाँ डालते रहो
- हल्का पानी छिड़कते रहो — 45-60 दिन में खाद तैयार!
- 1 kg केंचुए 1 दिन में 1 kg waste को खाद बनाते हैं
NADEP Composting
एक brick tank (12×5×3 फ़ीट) बनाओ। इसमें layer by layer: गोबर, मिट्टी, सूखा कचरा, हरा कचरा, पानी। 3-4 महीने में 2-3 टन खाद तैयार!
🧮 कमाई का हिसाब — Vermicompost
Setup cost: ~₹5,000 (गड्ढा + केंचुए)
हर महीने 200-300 kg vermicompost तैयार
बाज़ार में ₹8-15/kg बिकता है
कमाई: ₹2,000-4,500/माह — और ये बढ़ता जाता है!
3.4 Organic Farming के फ़ायदे
- मिट्टी साल-दर-साल बेहतर होती जाती है
- पानी कम लगता है (मिट्टी पानी रोकती है)
- खर्चा कम — गोबर, compost मुफ़्त या सस्ता
- Organic उपज 30-50% ज़्यादा price पर बिकती है
- परिवार की सेहत अच्छी रहती है
💡 Jaivik Kheti Portal
सरकार का jaivikkheti.in portal — organic products सीधे consumer को बेचो। Registration मुफ़्त है।
📝 अभ्यास
- घर में एक छोटा compost pit बनाओ — सब्ज़ी के छिलके डालना शुरू करो
- पड़ोस के किसी किसान से पूछो: क्या वो organic farming करता है?
Chapter 4
पेड़ लगाओ — फ़ायदे और नर्सरी बिज़नेस
4.1 पेड़ क्यों ज़रूरी हैं
- ऑक्सीजन: एक पेड़ 1 साल में इतनी ऑक्सीजन देता है जो 2 लोगों के लिए काफ़ी है
- ठंडक: 1 पेड़ = 10 AC की cooling
- बारिश: जहाँ ज़्यादा पेड़ = ज़्यादा बारिश
- मिट्टी: जड़ें मिट्टी को बाँधती हैं — कटाव रुकता है
- कमाई: फल, लकड़ी, औषधि — सब पेड़ से मिलता है
4.2 कौन से पेड़ लगाएं
| पेड़ | फ़ायदा | कमाई शुरू | सालाना आय |
| आम | फल + लकड़ी | 5-7 साल | ₹5,000-20,000/पेड़ |
| नीम | दवाई + कीटनाशक | 3-4 साल | ₹2,000-5,000/पेड़ |
| बाँस | फर्नीचर, construction | 3-4 साल | ₹3,000-10,000/clump |
| सागवान (Teak) | बेशकीमती लकड़ी | 15-20 साल | ₹20,000-50,000/पेड़ |
| अमरूद | फल | 2-3 साल | ₹3,000-8,000/पेड़ |
| मोरिंगा (सहजन) | पत्ती, फली, दवाई | 1 साल | ₹2,000-5,000/पेड़ |
4.3 नर्सरी बिज़नेस — पौधे बेचो
पौधे उगाकर बेचना बहुत अच्छा बिज़नेस है:
- छोटी ज़मीन पर (500-1000 sq ft) nursery बनाओ
- बीज या कलम (cutting) से पौधे उगाओ
- Poly bags में पौधे तैयार करो
- 3-6 महीने में पौधे बिक्री के लिए तैयार
- एक पौधा ₹20-100 में बिकता है
🧮 नर्सरी कमाई
1000 पौधे तैयार करने का खर्च: ~₹5,000
बिक्री: 1000 × ₹30 (average) = ₹30,000
मुनाफ़ा: ₹25,000 (हर 3-4 महीने में)
KaryoSetu पर nursery plants की listing डालो — शहर से भी order आएंगे!
4.4 MGNREGA से पेड़ लगवाओ
MGNREGA में पेड़ लगाने का काम आता है — मज़दूरी भी मिलती है और गाँव हरा-भरा भी होता है। Gram Panchayat में demand letter दो।
📝 अभ्यास
- इस हफ्ते कम से कम 1 पेड़ लगाओ — घर में, खेत में, या सड़क किनारे
- Nursery business में interest है तो 10 poly bags में बीज डालकर शुरुआत करो
Chapter 5
कचरा प्रबंधन — अलग करो, कमाओ
5.1 कचरे की समस्या
गाँव में भी अब शहर जैसा कचरा आ रहा है — plastic bottles, chips packets, कपड़े, electronic waste। ये कचरा ज़मीन में दबता है, नालों में जाता है, जानवर खाते हैं — सब ख़राब।
5.2 कचरा अलग करो — Segregation
| Category | क्या-क्या | क्या करें |
| 🟢 गीला कचरा | सब्ज़ी छिलके, खाना, पत्ते, गोबर | Compost बनाओ → खाद |
| 🔵 सूखा कचरा | कागज़, plastic, बोतल, डिब्बे | कबाड़ीवाले को बेचो |
| 🔴 ख़तरनाक | Battery, दवाई, broken glass | अलग रखो, disposal centre भेजो |
5.3 कचरे से कमाई
- Compost बेचो: गीले कचरे से compost — ₹5-10/kg
- Recycling: Plastic bottles: ₹10-15/kg, कागज़: ₹8-12/kg, लोहा: ₹25-35/kg
- Biogas: गोबर + गीले कचरे से biogas — cooking gas मुफ़्त!
- Plastic to Fuel: कुछ organizations plastic से fuel बनाती हैं — वो भी collect करती हैं
🌟 सफलता की कहानी
कर्नाटक के एक गाँव ने "Zero Waste Village" बनने का फ़ैसला किया। हर घर में 2 कूड़ेदान — हरा (गीला) और नीला (सूखा)। गीले कचरे से compost बनता है — खेत में जाता है। सूखा कचरा recycle होता है। गाँव ने waste management से ₹2 लाख/साल कमाए!
5.4 Plastic कम करो
- कपड़े का थैला ले जाओ — plastic bag मत लो
- पानी की बोतल घर से भरकर ले जाओ
- दुकान से रिफ़िल करवाओ (तेल, शैम्पू)
- बच्चों को सिखाओ: कचरा कूड़ेदान में, ज़मीन पर नहीं
📝 अभ्यास
- आज से घर में 2 कूड़ेदान रखो: गीला और सूखा अलग-अलग
- 1 हफ्ते में कितना सूखा कचरा इकट्ठा हुआ? Weight करो
- नज़दीकी कबाड़ीवाले से rate पूछो
Chapter 6
सौर ऊर्जा — बिजली बचाओ, पैसे बचाओ
6.1 Solar Energy क्या है
सूरज की रोशनी से बिजली बनाना = Solar Energy। सूरज तो रोज़ निकलता है, मुफ़्त में! तो क्यों न इससे बिजली बनाएं?
6.2 Solar Panel कैसे काम करता है
बहुत simple है:
- छत पर Solar Panel लगाओ (नीले रंग के panel)
- सूरज की रोशनी panel पर पड़ती है
- Panel बिजली बनाता है (DC current)
- Inverter इसे AC current में बदलता है (जो हम घर में use करते हैं)
- बिजली सीधे घर में चलती है — बाकी battery में store होती है
6.3 कितना खर्चा, कितनी बचत
| System Size | Price (subsidy के बाद) | बिजली/माह | बचत/माह |
| 1 kW | ₹25,000-35,000 | 120-150 units | ₹600-900 |
| 2 kW | ₹50,000-70,000 | 240-300 units | ₹1,200-1,800 |
| 3 kW | ₹80,000-1,00,000 | 360-450 units | ₹1,800-2,700 |
6.4 PM Surya Ghar Yojana — Free Solar
सरकार की बहुत अच्छी scheme — छत पर solar panel लगवाओ, भारी subsidy मिलेगी:
- 1 kW तक: ₹30,000 subsidy
- 2 kW तक: ₹60,000 subsidy
- 3 kW तक: ₹78,000 subsidy
- Apply: pmsuryaghar.gov.in पर या DISCOM office में
6.5 Solar Pump — खेत के लिए
PM-KUSUM scheme के तहत किसानों को solar pump मिलता है:
- 60% subsidy — सरकार देती है
- बिजली बिल ख़त्म — सूरज से pump चलेगा
- Extra बिजली grid को बेच सकते हो — कमाई!
💡 Solar = पैसे कमाओ
अगर आपका solar panel ज़रूरत से ज़्यादा बिजली बनाता है, तो extra बिजली grid (सरकार) को बेचो — meter उल्टा चलेगा, आपको पैसे मिलेंगे! इसे "Net Metering" कहते हैं।
📝 अभ्यास
- अपना बिजली बिल देखो — महीने में कितने unit खर्च करते हो?
- pmsuryaghar.gov.in पर जाकर check करो — आपको कितनी subsidy मिलेगी
Chapter 7
जलवायु परिवर्तन — किसानों पर असर
7.1 Climate Change क्या है
सीधी भाषा में — धरती गर्म हो रही है। factories, गाड़ियाँ, और AC से निकलने वाली गैसें (CO₂) एक चादर की तरह धरती को ढँक रही हैं। इससे मौसम बदल रहा है।
7.2 किसानों पर क्या असर
- बारिश अनियमित: कभी बहुत ज़्यादा (बाढ़), कभी बिल्कुल नहीं (सूखा)
- गर्मी बढ़ना: फसलों को ज़्यादा पानी चाहिए, मज़दूर काम नहीं कर पाते
- नए कीड़े-बीमारियां: गर्मी से नए कीड़े आ रहे हैं जो फसल खा रहे हैं
- फसल का time बदलना: बुआई-कटाई का सही time समझ नहीं आता
- पानी की कमी: ग्लेशियर पिघल रहे हैं, नदियाँ सूख रही हैं
7.3 क्या कर सकते हैं
- मौसम की जानकारी: Meghdoot app download करो — अपने ज़िले की weather forecast मिलेगी
- Crop diversification: एक ही फसल मत लो — 2-3 फसलें लो ताकि risk बँटे
- Drought-resistant बीज: KVK (कृषि विज्ञान केंद्र) से सूखा-सहनशील बीज लो
- Crop insurance: PM Fasal Bima Yojana में ज़रूर register करो
- पेड़ लगाओ: खेत की मेड़ पर पेड़ लगाओ — ठंडक + extra income
⚠️ Fasal Bima ज़रूर लो
PM Fasal Bima Yojana — बहुत कम premium में फसल का insurance। बारिश, सूखा, बाढ़, कीड़े — किसी भी कारण से फसल ख़राब हो तो मुआवज़ा मिलता है। CSC या bank से apply करो।
📝 अभ्यास
- Meghdoot app download करो — 1 हफ्ते तक weather forecast check करो
- PM Fasal Bima Yojana में register हो या नहीं? Check करो
Chapter 8
टिकाऊ खेती के तरीके
8.1 Natural Farming — Zero Budget
Natural Farming में chemical खाद या pesticide नहीं लगता — सब कुछ प्रकृति से:
- जीवामृत: गोबर + गोमूत्र + गुड़ + बेसन + मिट्टी — 200 लीटर पानी में मिलाओ, 7 दिन रखो — liquid manure तैयार!
- बीजामृत: बीज को treat करने के लिए — गोबर + गोमूत्र + नीम से बनाओ
- घनजीवामृत: solid manure — जीवामृत को सुखाकर बनाओ
8.2 Intercropping — मिश्रित खेती
एक खेत में 2-3 फसलें साथ लगाओ:
- धान + मछली — Rice-Fish farming (पानी भरे खेत में मछली भी पालो)
- गेहूँ + सरसों — दोनों साथ उगते हैं
- सब्ज़ी + फूल — Marigold लगाओ, कीड़े दूर रहते हैं
8.3 Mulching — मिट्टी ढँको
फसल के बीच में सूखी पत्तियाँ, पराली, या plastic sheet बिछाओ:
- पानी कम लगता है (50% तक बचत)
- खरपतवार कम उगते हैं
- मिट्टी ठंडी रहती है
8.4 Drip Irrigation — बूँद-बूँद सिंचाई
पाइप में छोटे-छोटे छेद — पानी सीधे पौधे की जड़ में जाता है:
- 70% पानी बचता है
- PM Krishi Sinchayee Yojana से 55-60% subsidy
- सब्ज़ियों और फलों में बहुत फ़ायदेमंद
💡 KVK से संपर्क करो
KVK (Krishi Vigyan Kendra) — हर ज़िले में है। मुफ़्त training, बीज, और सलाह मिलती है। Sustainable farming सीखने के लिए best जगह।
📝 अभ्यास
- जीवामृत बनाकर देखो — ingredients आपके पास हैं!
- अगले season में एक छोटे हिस्से में organic farming try करो
Chapter 9
स्वच्छ गाँव अभियान
9.1 स्वच्छ गाँव = स्वस्थ गाँव
जब गाँव साफ़ होता है तो:
- बीमारियाँ कम होती हैं (malaria, dengue, diarrhea)
- बच्चे स्वस्थ रहते हैं
- गाँव का नाम होता है — award मिलता है (ODF Plus)
- Tourism बढ़ता है — लोग आते हैं, कमाई होती है
9.2 Swachh Bharat Mission — गाँव के लिए
- शौचालय: अभी तक नहीं बना? सरकार ₹12,000 देती है — बनवाओ!
- ODF Plus: खुले में शौच मुक्त + कचरा प्रबंधन + grey water management
- GOBARdhan: गोबर से biogas और compost बनाने की scheme
9.3 श्रमदान — मिलकर सफ़ाई
महीने में 1 दिन पूरा गाँव मिलकर सफ़ाई करे:
- Gram Panchayat के साथ मिलकर तारीख़ तय करो
- सड़कें, नाले, तालाब — सब साफ़ करो
- कचरे को segregate करो (गीला/सूखा)
- पेड़ लगाओ — हर श्रमदान में कम से कम 10 पेड़
- Photo खींचो, social media पर डालो — दूसरे गाँव भी inspire होंगे
9.4 Grey Water Management
नहाने, बर्तन धोने, कपड़े धोने का पानी (grey water) गली में मत बहने दो:
- Soak pit बनाओ — 3×3×3 फ़ीट का गड्ढा, अंदर कंकड़ भरो
- Kitchen garden बनाओ — grey water से सब्ज़ियाँ उगाओ
- मच्छर नहीं पैदा होंगे — बीमारी कम होगी
🌟 Ideal Village — कैसा दिखता है
हर घर में शौचालय। सड़कें साफ़। कचरा segregated। गीले कचरे से compost। नाले ढँके हुए। Soak pit बने हुए। हर गली में पेड़। तालाब साफ़। Biogas plant चल रहा है। Solar panel लगे हैं। बच्चे स्कूल जाते हैं। — ये impossible नहीं है! बहुत से गाँव ऐसे बन चुके हैं।
📝 अभ्यास
- अपने घर के सामने grey water management करो — soak pit या kitchen garden
- Gram Panchayat में श्रमदान की बात करो
Chapter 10
पर्यावरण से कमाई
10.1 Organic Certification — ज़्यादा दाम मिलेगा
अगर आप organic farming करते हो, तो certification लो:
- PGS (Participatory Guarantee System): Group में certification — आसान और सस्ता
- NPOP Certification: Individual — export करने के लिए
- Certified organic उपज 30-100% ज़्यादा price पर बिकती है
- jaivikkheti.in पर register करो — सीधे consumer को बेचो
10.2 Carbon Credits — नया concept
जब आप पेड़ लगाते हो, organic farming करते हो, तो CO₂ कम होती है। बड़ी companies इसके लिए "carbon credits" ख़रीदती हैं — यानी आपको पैसे मिलते हैं पर्यावरण बचाने के लिए!
- अभी India में शुरुआत हो रही है
- Farmer Producer Organizations (FPO) के through participate करो
- Future में ये बहुत बड़ी कमाई हो सकती है
10.3 Eco-Tourism — गाँव में पर्यटन
अगर आपका गाँव सुंदर है — पहाड़, नदी, जंगल — तो tourists आएंगे:
- Home stay — अपने घर में tourists को ठहराओ (₹500-2000/रात)
- गाँव का खाना खिलाओ — शहर के लोग पागल हैं देसी खाने के लिए
- Nature walk, farming experience, cooking class — activities करवाओ
- KaryoSetu पर "Eco-Tourism" listing डालो
10.4 कचरे से कमाई — Summary
| Source | Product | कमाई |
| गोबर | Biogas + compost | Gas बचत ₹500/माह + compost ₹2000/माह |
| गीला कचरा | Vermicompost | ₹2,000-5,000/माह |
| सूखा कचरा | Recycling | ₹500-2,000/माह |
| Organic farming | Premium produce | 30-100% ज़्यादा price |
| पेड़ | फल, लकड़ी, nursery | ₹5,000-50,000/साल per tree |
| Solar | बिजली बचत + net metering | ₹600-2,700/माह बचत |
💡 पर्यावरण = पैसा + सेहत + भविष्य
पर्यावरण बचाना sacrifice नहीं है — ये investment है। आप जो पेड़ आज लगाओगे, वो 10 साल बाद लाखों देगा। जो compost आज बनाओगे, वो खेत को सोना बनाएगा।
Appendix
Setup Guides, Templates, Glossary
A.1 Rainwater Harvesting Setup Guide
| Step | क्या करना है | सामान | खर्चा |
| 1 | छत पर gutter pipe लगाओ | PVC pipe, bracket | ₹1,000-2,000 |
| 2 | Filter unit बनाओ | ड्रम, बालू, कंकड़ | ₹500-1,000 |
| 3 | Storage tank/sump | Plastic tank या pit | ₹2,000-10,000 |
| 4 | Overflow pipe लगाओ | PVC pipe | ₹500 |
Total cost: ₹4,000-13,000 (size पर depend करता है)
A.2 Composting Guide — Quick Reference
| Method | Space | Time | Output | Cost |
| Vermicompost | 6×3×2 ft pit | 45-60 दिन | 200-300 kg/माह | ₹5,000 setup |
| NADEP | 12×5×3 ft tank | 3-4 महीने | 2-3 टन/batch | ₹8,000 setup |
| Pot composting | 2 बड़े गमले | 2-3 महीने | 5-10 kg/batch | ₹500 |
A.3 Solar Subsidy Application Steps
- pmsuryaghar.gov.in पर register करो (बिजली bill number चाहिए)
- अपने DISCOM से approval लो
- Empanelled vendor से solar panel लगवाओ
- Net meter लगवाओ
- Commissioning report upload करो
- Subsidy सीधे bank account में आ जाएगी (30-60 दिन)
A.4 Tree Plantation Guide — कौन सा पेड़ कब लगाएं
| पेड़ | बोने का समय | जगह | देखभाल |
| आम | जून-जुलाई (बारिश) | खेत की मेड़ | हफ्ते में 1 बार पानी (शुरू में) |
| नीम | जून-अगस्त | कहीं भी | कम देखभाल |
| बाँस | जून-सितंबर | खेत का कोना | 2 साल पानी देना |
| मोरिंगा | फ़रवरी-मार्च | घर/खेत | बहुत कम पानी |
| अमरूद | जुलाई-अगस्त | बगीचा | हफ्ते में 2 बार पानी |
A.5 Waste Management Plan Template
- ☐ हर घर में 2 कूड़ेदान (गीला + सूखा)
- ☐ गीला कचरा → community compost pit
- ☐ सूखा कचरा → collection point → कबाड़ीवाला
- ☐ ख़तरनाक कचरा → अलग collection → disposal
- ☐ हफ्ते में 1 बार collection drive
- ☐ महीने में 1 बार श्रमदान
- ☐ Record रखो — कितना कचरा, कितनी कमाई
A.6 शब्दावली — Glossary
| शब्द | मतलब |
| Rainwater Harvesting | बारिश का पानी इकट्ठा करना |
| Vermicompost | केंचुओं से बनी जैविक खाद |
| Organic Farming | बिना chemical के खेती |
| Solar Panel | सूरज की रोशनी से बिजली बनाने वाला उपकरण |
| Net Metering | Extra solar बिजली grid को बेचना |
| Carbon Credit | CO₂ कम करने के बदले मिलने वाला पैसा |
| Mulching | मिट्टी को ढँकना (पत्तियों/plastic से) |
| Drip Irrigation | बूँद-बूँद सिंचाई |
| Biogas | गोबर से बनी cooking gas |
| PGS | Participatory Guarantee System — group organic certification |
| MGNREGA | सरकारी रोज़गार गारंटी योजना |
| KVK | कृषि विज्ञान केंद्र |