⚖️ LS-03 — Life Skills · Apne Haq Jaano
अपने हक़ जानो
Know Your Rights
क़ानून आपकी तरफ़ है — बस आपको अपने अधिकार जानने होंगे
KaryoSetu Academy · Life Skills Series · संस्करण 1.0 · मई 2026
अध्याय 1
⚖️ क़ानून आपकी तरफ़ है
बहुत से लोग सोचते हैं कि क़ानून सिर्फ़ अमीरों के लिए है, पढ़े-लिखों के लिए है, ताक़तवरों के लिए है। यह ग़लत है। भारत का संविधान (Constitution) हर नागरिक को बराबर अधिकार देता है — चाहे अमीर हो या ग़रीब, पढ़ा-लिखा हो या अनपढ़।
आपके मूल अधिकार (Fundamental Rights)
- समानता का अधिकार (Article 14-18): सब बराबर हैं — जाति, धर्म, लिंग के आधार पर भेदभाव ग़ैर-क़ानूनी है
- स्वतंत्रता का अधिकार (Article 19-22): बोलने, घूमने, काम करने की आज़ादी
- शोषण के विरुद्ध अधिकार (Article 23-24): बंधुआ मज़दूरी और बाल मज़दूरी ग़ैर-क़ानूनी
- शिक्षा का अधिकार (Article 21A): 6-14 साल के बच्चों को मुफ़्त शिक्षा
- सूचना का अधिकार (RTI Act): सरकार से कोई भी जानकारी माँगने का हक़
🌾 जानो तो ताक़त है
एक गाँव में सड़क बनाने का बजट आया ₹50 लाख। सड़क बनी ही नहीं। गाँव के एक नौजवान ने RTI लगाई — "₹50 लाख कहाँ गए?" जवाब में पता चला कि कागज़ों में सड़क "बन चुकी" है! मामला सामने आया, जाँच हुई, पैसे वापस आए और सड़क सच में बनी।
अधिकार क्यों नहीं मिलते?
- अनजानता: लोगों को पता ही नहीं कि उनके क्या अधिकार हैं
- डर: "अगर बोलेंगे तो मुसीबत होगी" — यह डर तोड़ना होगा
- भ्रष्टाचार: अफ़सर जानबूझकर काम नहीं करते — RTI से डरते हैं
- जटिल प्रक्रिया: फ़ॉर्म, दस्तावेज़, office — सब मुश्किल लगता है
💡 इस Booklet का वादा
इस booklet को पढ़ने के बाद आप RTI लगा पाएँगे, consumer complaint कर पाएँगे, अपनी ज़मीन के कागज़ समझ पाएँगे, और पुलिस-कोर्ट में अपने अधिकार जान पाएँगे। ज्ञान ही सबसे बड़ा हथियार है!
अध्याय 2
📝 RTI — सूचना का अधिकार
RTI (Right to Information Act, 2005) भारत का सबसे ताक़तवर क़ानून है। इसके तहत आप किसी भी सरकारी विभाग से कोई भी जानकारी माँग सकते हो — और उन्हें 30 दिन में जवाब देना ज़रूरी है।
RTI से क्या-क्या पूछ सकते हो
- गाँव में कितना बजट आया और कहाँ ख़र्च हुआ
- सड़क/नाली/स्कूल बनाने का ठेका किसे मिला, कितने में
- राशन कार्ड / BPL list में अपना नाम क्यों नहीं है
- सरकारी नौकरी में भर्ती की प्रक्रिया क्या हुई
- पंचायत / नगर पालिका का हिसाब-किताब
RTI Application कैसे लिखें
- एक सादे कागज़ पर लिखो (कोई special form नहीं चाहिए)
- ऊपर लिखो: "सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत आवेदन"
- To: जन सूचना अधिकारी (PIO), [विभाग का नाम], [पता]
- From: अपना नाम, पता, फ़ोन नंबर
- अपने सवाल साफ़-साफ़ लिखो (नंबर लगाकर)
- ₹10 का postal order / court fee stamp लगाओ (BPL हो तो मुफ़्त)
- Registered post से भेजो या ख़ुद जमा करो (receipt ज़रूर लो)
📄 RTI Application — नमूना
सेवा में,
जन सूचना अधिकारी,
ग्राम पंचायत __________, ज़िला __________
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना प्राप्ति हेतु आवेदन
महोदय/महोदया,
कृपया निम्नलिखित जानकारी उपलब्ध कराएँ:
1. वित्तीय वर्ष 2025-26 में ग्राम पंचायत को कुल कितना बजट मिला?
2. इसमें से कितना ख़र्च हुआ और किन-किन कार्यों पर?
3. _________ गाँव में सड़क निर्माण का ठेका किसे दिया गया और कितनी राशि का?
₹10 का शुल्क संलग्न है।
आवेदक: ___________
पता: ___________
दिनांक: ___________
RTI के बाद क्या होता है?
- 30 दिन में जवाब मिलना चाहिए
- अगर जवाब न मिले → First Appeal (PIO के ऊपर के officer को)
- First Appeal का भी जवाब न मिले → Second Appeal (State Information Commission)
- Second Appeal में officer पर ₹250/दिन जुर्माना लग सकता है!
⚠️ RTI अस्वीकार कब हो सकती है
राष्ट्रीय सुरक्षा, किसी की privacy, court pending matter — इन मामलों में RTI reject हो सकती है। लेकिन reject का कारण बताना ज़रूरी है।
📝 अभ्यास
- ऊपर दिए template से एक RTI application लिखो (practice)
- अपने गाँव/ward की पंचायत से एक सवाल सोचो जो पूछना चाहते हो
- ₹10 का postal order कहाँ मिलता है — पता लगाओ
अध्याय 3
🛒 उपभोक्ता संरक्षण — ठगे गए? लड़ो!
अगर आपने कोई सामान ख़रीदा और वो ख़राब निकला, या दुकानदार ने ज़्यादा पैसे लिए, या कोई सेवा ठीक से नहीं मिली — तो आप उपभोक्ता (consumer) के रूप में शिकायत कर सकते हो।
Consumer Protection Act 2019 — आपके अधिकार
- सुरक्षा का अधिकार: ख़तरनाक सामान से बचाव
- सूचना का अधिकार: सामान की quality, price, expiry — सब जानने का हक़
- चुनने का अधिकार: कोई ज़बरदस्ती सामान नहीं बेच सकता
- शिकायत का अधिकार: ठगी हो तो complaint करने का हक़
- मुआवज़े का अधिकार: नुकसान हुआ तो हर्जाना माँगने का हक़
शिकायत कहाँ करें
| राशि | कहाँ शिकायत | कैसे |
| ₹1 करोड़ तक | District Consumer Forum | ज़िला न्यायालय में |
| ₹1-10 करोड़ | State Consumer Commission | राज्य स्तर पर |
| ₹10 करोड़+ | National Consumer Commission | दिल्ली में |
| कोई भी | Online: consumerhelpline.gov.in | घर बैठे |
Online Complaint कैसे करें
- consumerhelpline.gov.in पर जाओ या 1800-11-4000 पर call करो (मुफ़्त)
- Register करो (Name, Mobile, Email)
- Complaint लिखो: क्या ख़रीदा, कब, कहाँ से, क्या समस्या
- Receipt/Bill की photo upload करो
- Submit करो — Complaint number मिलेगा
- Company को 15 दिन में जवाब देना होगा
🛒 असली कहानी
मीना ने एक online shopping site से ₹2,000 का फ़ोन ख़रीदा। ख़राब निकला। Company ने बदलने से मना कर दिया। मीना ने consumerhelpline.gov.in पर complaint की। 20 दिन में Company ने नया फ़ोन भेजा + ₹500 मुआवज़ा दिया!
💡 हमेशा Bill लो!
कोई भी सामान ख़रीदो — bill ज़रूर लो। बिना bill के complaint करना मुश्किल है। Bill = सबूत।
📝 अभ्यास
- consumerhelpline.gov.in पर जाकर देखो — कैसा दिखता है
- अगली बार सामान ख़रीदो तो bill ज़रूर लो
- 1800-11-4000 नंबर अपने फ़ोन में save करो
अध्याय 4
👷 श्रमिक अधिकार — मज़दूर के हक़
अगर आप किसी के यहाँ काम करते हो — factory में, दुकान में, खेत में, घर में — तो आपके कुछ पक्के अधिकार हैं जो कोई नहीं छीन सकता।
Minimum Wages — न्यूनतम मज़दूरी
- सरकार ने हर काम के लिए minimum wages तय किए हैं
- इससे कम देना ग़ैर-क़ानूनी है
- Minimum wages राज्य और काम के हिसाब से अलग-अलग हैं
- जानने के लिए: Labour Commissioner Office या labourbureau.gov.in
काम की शर्तें — आपके अधिकार
| अधिकार | क्या कहता है क़ानून |
| काम के घंटे | 8 घंटे/दिन, 48 घंटे/हफ़्ता — इससे ज़्यादा overtime + double pay |
| छुट्टी | हफ़्ते में 1 दिन paid छुट्टी, साल में 12+ earned leave |
| सुरक्षा | ख़तरनाक काम में safety equipment देना मालिक की ज़िम्मेदारी |
| Bonus | साल में minimum 8.33% bonus (कुछ जगहों पर) |
| ESI (Health) | 10+ कर्मचारियों वाली जगह — ESI card = मुफ़्त इलाज |
| PF (Pension) | 20+ कर्मचारी — EPF कटेगा, retirement पर मिलेगा |
| Maternity Leave | महिलाओं को 26 हफ़्ते paid maternity leave |
E-Shram Card — असंगठित मज़दूरों का Registration
- कोई भी असंगठित मज़दूर (ठेला, रिक्शा, मज़दूरी, घरेलू काम) register करे
- eshram.gov.in पर या CSC center पर
- ₹2 लाख दुर्घटना बीमा मुफ़्त मिलता है
- सरकारी योजनाओं का फ़ायदा मिलता है
🚨 बंधुआ मज़दूरी = अपराध
अगर कोई आपसे उधार के बदले मुफ़्त में काम करवा रहा है, या बंद कमरे में रखकर काम करवा रहा है — तो यह बंधुआ मज़दूरी है और ग़ैर-क़ानूनी है। Helpline: 14461 या ज़िला magistrate को शिकायत करो।
📝 अभ्यास
- अपने काम की minimum wage क्या है — पता लगाओ
- E-Shram card बनवाओ (eshram.gov.in)
- अगर ESI/PF कटता है तो अपना balance check करो
अध्याय 5
🌾 ज़मीन के अधिकार
गाँव में ज़मीन सबसे बड़ी सम्पत्ति है। लेकिन ज़मीन के कागज़ात, नामांतरण (mutation), और विवाद — ये सब बहुत उलझन पैदा करते हैं। आइए समझते हैं।
ज़रूरी दस्तावेज़
| दस्तावेज़ | क्या है | कहाँ मिलेगा |
| खसरा (Khasra) | ज़मीन का नक्शा और details | तहसील / राजस्व विभाग |
| खतौनी (Khatauni) | मालिक का नाम और हिस्सा | तहसील / online |
| Registry | ज़मीन ख़रीद-बिक्री का प्रमाण | Sub-Registrar Office |
| Mutation (नामांतरण) | मालिक बदलने का record | तहसीलदार |
| 7/12 (सात-बारह) | महाराष्ट्र में ज़मीन record | तलाठी कार्यालय |
ज़मीन का Record Online कैसे देखें
- UP: bhulekh.up.nic.in
- MP: mpbhulekh.gov.in
- Maharashtra: bhulekh.mahabhumi.gov.in
- Bihar: biharbhumi.bihar.gov.in
- Rajasthan: apnakhata.raj.nic.in
नामांतरण (Mutation) कैसे करवाएँ
- तहसील office में आवेदन दो
- ज़रूरी documents: मृत्यु प्रमाण पत्र (अगर पिता/माता के नाम से), Registry, Aadhaar
- तहसीलदार जाँच करेगा — गवाहों से पूछेगा
- 30-90 दिन में mutation हो जाना चाहिए
- अगर नहीं हो रहा तो RTI लगाओ
💡 ज़मीन की सुरक्षा
अपनी ज़मीन के सभी कागज़ात की photocopy बनवाओ और अलग-अलग जगह रखो। Phone से photo लेकर Google Drive या WhatsApp पर अपने आप को भेजो — कागज़ गुम भी हों तो digital copy रहेगी।
📝 अभ्यास
- अपनी ज़मीन का online record देखो (ऊपर दी websites पर)
- सभी ज़मीन के कागज़ात इकट्ठा करो और photo लो
- अगर mutation बाक़ी है तो तहसील जाकर apply करो
अध्याय 6
👩 महिलाओं के अधिकार
भारतीय क़ानून महिलाओं को बहुत से विशेष अधिकार देता है। ये अधिकार हर महिला को जानने चाहिए — और हर पुरुष को भी, ताकि वो अपनी बहन, बेटी, पत्नी के अधिकारों का सम्मान करे।
घरेलू हिंसा अधिनियम 2005
- पति, ससुर, या कोई भी रिश्तेदार मारपीट करे = अपराध
- मारपीट ही नहीं — गाली देना, अपमान करना, पैसे न देना, घर से निकालना भी हिंसा है
- महिला protection order ले सकती है — पति को पास आने से रोक सकती है
- Helpline: 181 (Women Helpline) — 24 घंटे, मुफ़्त
सम्पत्ति में अधिकार
- पैतृक सम्पत्ति: Hindu Succession Act 2005 — बेटी का बेटे के बराबर हिस्सा
- पति की सम्पत्ति: विवाहित महिला को ससुराल में रहने का अधिकार
- Stridhan: शादी में मिले गहने/सामान पर सिर्फ़ महिला का हक़
कार्यस्थल पर सुरक्षा
- Sexual Harassment at Workplace Act 2013 (POSH Act)
- कोई भी अश्लील बात, छूना, इशारा = Sexual Harassment
- हर office में Internal Complaints Committee (ICC) होनी चाहिए
- Complaint कर सकती हो — बदला लेने पर boss पर कार्रवाई
अन्य ज़रूरी अधिकार
| अधिकार | क़ानून | क्या मिलता है |
| Maternity Leave | Maternity Benefit Act | 26 हफ़्ते paid छुट्टी |
| दहेज़ से सुरक्षा | Dowry Prohibition Act | दहेज़ माँगना/देना अपराध |
| Free Legal Aid | Legal Services Authority Act | महिलाओं को मुफ़्त वकील |
| FIR का अधिकार | CrPC | पुलिस FIR लिखने से मना नहीं कर सकती |
| रात में गिरफ़्तारी | CrPC Section 46 | महिला को सूर्यास्त-सूर्योदय के बीच गिरफ़्तार नहीं कर सकते |
🚨 ज़रूरी Helplines
- 181 — Women Helpline (24x7, मुफ़्त)
- 1091 — Women in Distress
- 112 — Emergency (Police/Ambulance)
- 1098 — Childline
📝 अभ्यास
- 181 नंबर अपने और अपनी बहन/बेटी के फ़ोन में save करो
- इस अध्याय की बातें अपनी परिवार की महिलाओं को बताओ
- अपने गाँव की महिला हेल्पलाइन/one-stop centre का पता लगाओ
अध्याय 7
🏗️ MGNREGA — 100 दिन का गारंटी काम
MGNREGA (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम) के तहत हर ग्रामीण परिवार को साल में 100 दिन का काम मिलना गारंटी है। यह भीख नहीं — आपका क़ानूनी अधिकार है।
MGNREGA की बुनियादी बातें
- हर ग्रामीण परिवार 100 दिन काम माँग सकता है
- काम माँगने के 15 दिन में काम मिलना चाहिए — नहीं तो बेरोज़गारी भत्ता
- मज़दूरी सीधे bank account में आती है
- पुरुष-महिला बराबर मज़दूरी
- काम की जगह 5 km के अंदर होनी चाहिए
Job Card कैसे बनवाएँ
- ग्राम पंचायत में आवेदन दो (सादे कागज़ पर)
- परिवार के सभी वयस्क सदस्यों के नाम लिखो
- Aadhaar Card + Passport size photo दो
- 15 दिन में Job Card मिलना चाहिए
- Job Card पर परिवार के सभी सदस्यों का नाम + photo होता है
काम कैसे माँगें
- Job Card लेकर ग्राम पंचायत / Gram Rozgar Sahayak (GRS) के पास जाओ
- लिखित में काम माँगो — dated receipt ज़रूर लो
- 15 दिन में काम मिलना चाहिए
- अगर 15 दिन में काम न मिले → बेरोज़गारी भत्ता माँगो (daily wage का 25%)
🚨 MGNREGA में धोखा हो तो
- अगर Job Card में फ़र्ज़ी entries हैं → RTI लगाओ
- अगर मज़दूरी कम मिल रही है → Programme Officer को शिकायत करो
- Helpline: 1800-345-22-44 (मुफ़्त)
- Online: nrega.nic.in पर अपना record देखो
📝 अभ्यास
- अगर Job Card नहीं है — पंचायत जाकर बनवाओ
- nrega.nic.in पर अपने Job Card का record देखो
- अपने गाँव में कितने दिन का काम मिला — पता लगाओ
अध्याय 8
⚖️ मुफ़्त क़ानूनी मदद — Free Legal Aid
बहुत से लोग सोचते हैं: "वकील का ख़र्चा कहाँ से आएगा?" अच्छी ख़बर: भारत में ग़रीबों को मुफ़्त वकील मिलता है! यह Legal Services Authority Act 1987 के तहत आपका अधिकार है।
मुफ़्त क़ानूनी मदद किसे मिलती है
- SC/ST वर्ग के लोग
- महिलाएँ और बच्चे
- विकलांग व्यक्ति
- जिनकी सालाना आय ₹3 लाख से कम है
- बंधुआ मज़दूर
- जेल में बंद क़ैदी
- प्राकृतिक आपदा / हिंसा के पीड़ित
कैसे लें मुफ़्त क़ानूनी मदद
- तालुका/ज़िला Legal Services Authority (DLSA) में जाओ — हर ज़िला court में office है
- Application दो — "मुझे मुफ़्त क़ानूनी मदद चाहिए"
- Income certificate (या self-declaration) + ID proof दो
- DLSA आपको मुफ़्त वकील देगा — court में case लड़ेगा
Lok Adalat — लोक अदालत
Lok Adalat एक विशेष अदालत है जहाँ मामले जल्दी और मुफ़्त में सुलझाए जाते हैं। कोई court fee नहीं, कोई वकील ज़रूरी नहीं।
- बिजली/पानी के बिल, बैंक loan, insurance claim, labour dispute — सब यहाँ सुलझ सकते हैं
- दोनों पक्ष राज़ी हों तो agreement हो जाता है — कोई appeal नहीं
- हर 2-3 महीने में Lok Adalat लगती है — DLSA से पता करो
💡 NALSA Helpline
National Legal Services Authority (NALSA) helpline: 15100 — मुफ़्त call, क़ानूनी सलाह मिलेगी।
📝 अभ्यास
- अपने ज़िले के DLSA (District Legal Services Authority) का पता लगाओ
- 15100 नंबर अपने फ़ोन में save करो
- अगली Lok Adalat कब है — पता करो
अध्याय 9
🚔 पुलिस और कोर्ट — आपके अधिकार
पुलिस से डरना ज़रूरी नहीं। पुलिस जनता की सेवक है, मालिक नहीं। आपको कुछ ज़रूरी अधिकार हैं जो हर हालत में लागू होते हैं।
FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट) के अधिकार
- पुलिस FIR लिखने से मना नहीं कर सकती — यह अपराध है
- अगर पुलिस FIR न लिखे → SP (Superintendent of Police) को शिकायत करो
- या online FIR दर्ज करो (अपने राज्य की police website पर)
- FIR की copy मुफ़्त मिलनी चाहिए
- Zero FIR: कोई भी police station FIR लिख सकता है, चाहे अपराध उनके area में न हुआ हो
गिरफ़्तारी के नियम
| अधिकार | विवरण |
| गिरफ़्तारी का कारण जानना | पुलिस बताने के लिए बाध्य है कि क्यों पकड़ रही है |
| वकील से मिलना | गिरफ़्तार होते ही वकील से मिलने का अधिकार |
| 24 घंटे में court | गिरफ़्तारी के 24 घंटे में Magistrate के सामने लाना ज़रूरी |
| मारपीट नहीं | पुलिस मार नहीं सकती — torture ग़ैर-क़ानूनी है |
| परिवार को सूचना | गिरफ़्तारी की सूचना परिवार को देना ज़रूरी |
| महिला की गिरफ़्तारी | सिर्फ़ महिला पुलिस ही गिरफ़्तार कर सकती है, रात में नहीं |
Police Complaint कैसे करें
- नज़दीकी police station जाओ
- Duty Officer से मिलो — अपनी शिकायत बताओ
- FIR लिखवाओ — Hindi में लिखवा सकते हो
- FIR की copy ज़रूर लो — number note करो
- अगर police मदद न करे → SP office, या 112 (Emergency) पर call करो
🚨 पुलिस उत्पीड़न (Harassment) हो तो
- SP (Superintendent of Police) को लिखित शिकायत दो
- National/State Human Rights Commission में शिकायत करो
- NHRC Helpline: 14433
- सबूत (video, audio, गवाह) रखो
📝 अभ्यास
- अपने नज़दीकी police station का नाम और नंबर save करो
- 112 (Emergency) number याद करो
- परिवार के सभी लोगों को बताओ: "FIR लिखवाना हमारा अधिकार है"
अध्याय 10
💪 ज्ञान ही शक्ति है — Use Your Knowledge
आपने 9 अध्यायों में बहुत कुछ सीखा। अब इस ज्ञान को इस्तेमाल करो। अधिकार जानना काफ़ी नहीं — अधिकार माँगना ज़रूरी है।
आपने क्या सीखा — Summary
| अध्याय | सीखा | Action |
| 1 | मूल अधिकार | संविधान आपकी तरफ़ है — याद रखो |
| 2 | RTI | सरकार से सवाल पूछो — ₹10 में |
| 3 | Consumer Protection | ठगी हो तो complaint करो |
| 4 | Labour Rights | Minimum wage माँगो, E-Shram card बनवाओ |
| 5 | Land Rights | ज़मीन के कागज़ जाँचो, mutation करवाओ |
| 6 | Women's Rights | 181 helpline — हर महिला को बताओ |
| 7 | MGNREGA | Job Card बनवाओ, 100 दिन काम माँगो |
| 8 | Free Legal Aid | DLSA जाओ — मुफ़्त वकील मिलेगा |
| 9 | Police & Courts | FIR लिखवाना अधिकार है |
अधिकार माँगने का सही तरीक़ा
- शांत रहो: गुस्सा करने से काम नहीं बनता — अधिकार से माँगो
- लिखित में दो: हर request, complaint लिखित में — receipt लो
- सबूत रखो: Photos, videos, documents, गवाह — सब save करो
- समूह में जाओ: अकेले मत जाओ — 5-10 लोगों का group बनाओ
- ऊपर शिकायत करो: नीचे से काम न बने तो ऊपर के officer को लिखो
🌟 बदलाव लाने वाले लोग
गाँव की अनपढ़ महिला: RTI लगाई — गाँव में टूटा हैंडपम्प 2 हफ़्ते में ठीक हो गया।
मज़दूर: E-Shram card बनवाया — दुर्घटना में ₹2 लाख मिले, परिवार बचा।
किसान: MGNREGA में धोखा पकड़ा RTI से — गाँव को ₹5 लाख का काम मिला।
दूसरों को भी जागरूक करो
आपने सीखा — अब दूसरों को सिखाओ। गाँव में बैठक करो, WhatsApp group में बताओ, बच्चों को सिखाओ। जितने ज़्यादा लोग जागरूक होंगे, उतना कम शोषण होगा।
💡 KaryoSetu पर भी फ़ायदा
जब आप अपने अधिकार जानते हो — तो KaryoSetu पर भी safe रहते हो। Consumer rights से ठगी से बचो, labour rights से fair payment पाओ।
📝 Final Challenge
- इस booklet से 3 सबसे ज़रूरी बातें चुनो — और अगले हफ़्ते में action लो
- 5 लोगों को अपने अधिकारों के बारे में बताओ
- सभी helpline numbers अपने फ़ोन में save करो
- एक RTI application लिखकर ready रखो
📋 Appendix
Templates, Helplines & Quick Reference
Appendix A
📝 RTI Application Template
📄 RTI आवेदन — तैयार Template
सेवा में,
जन सूचना अधिकारी,
[विभाग का नाम] ________________
[पता] ________________
विषय: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन
महोदय/महोदया,
मैं, ________________ (नाम), निवासी ________________ (पता), उपर्युक्त अधिनियम के तहत निम्नलिखित सूचना प्राप्त करना चाहता/चाहती हूँ:
1. ________________
2. ________________
3. ________________
सूचना का माध्यम: ☐ डाक द्वारा / ☐ व्यक्तिगत रूप से
₹10 का शुल्क ________________ (Court Fee Stamp / Postal Order / Online) द्वारा संलग्न है।
[BPL card धारक हों तो: "मैं BPL card धारक हूँ, अतः शुल्क से मुक्त हूँ।" + BPL card की copy]
दिनांक: ________________
हस्ताक्षर: ________________
नाम: ________________
पता: ________________
फ़ोन: ________________
Appendix B
🛒 Consumer Complaint Template
📄 उपभोक्ता शिकायत — Template
सेवा में,
ज़िला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग,
[ज़िला] ________________
शिकायतकर्ता: ________________ (नाम, पता, फ़ोन)
प्रतिवादी: ________________ (दुकान/Company का नाम, पता)
विषय: ________________ (सामान/सेवा) में दोष/कमी
विवरण:
दिनांक ______ को मैंने ₹______ में ________________ ख़रीदा/सेवा ली।
(Bill/Receipt संलग्न है।)
शिकायत: ________________ (क्या समस्या है, विस्तार से)
दुकानदार/Company से संपर्क: मैंने दिनांक ______ को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
माँग: ☐ सामान बदलवाना / ☐ पैसे वापसी / ☐ मुआवज़ा ₹______
संलग्न: Bill, Photos, पत्राचार की copy
दिनांक: ______
हस्ताक्षर: ______
Appendix C
🏗️ MGNREGA Job Card Guide
Job Card बनवाने के Steps
- ग्राम पंचायत में जाओ
- आवेदन दो: "मुझे MGNREGA Job Card चाहिए"
- Documents: Aadhaar Card + Passport Photo + Bank Passbook copy
- 15 दिन में Job Card मिलेगा
- Card पर परिवार के सभी वयस्कों (18+) का नाम होगा
Record Online देखो
- Website: nrega.nic.in
- अपना राज्य → ज़िला → ब्लॉक → पंचायत चुनो
- "Job Card/Employment Register" पर click करो
- अपना नाम ढूँढो — कितने दिन काम मिला, कितनी मज़दूरी — सब दिखेगा
Appendix D
📞 Helpline Numbers Directory
| Helpline | नंबर | किसके लिए |
| Emergency (Police/Ambulance/Fire) | 112 | कोई भी emergency |
| Women Helpline | 181 | महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा |
| Child Helpline | 1098 | बच्चों की सुरक्षा |
| Consumer Helpline | 1800-11-4000 | ठगी, ख़राब सामान |
| NALSA (Legal Aid) | 15100 | मुफ़्त क़ानूनी मदद |
| NHRC (Human Rights) | 14433 | मानवाधिकार उल्लंघन |
| MGNREGA | 1800-345-22-44 | NREGA शिकायत |
| Anti-Corruption | 1800-11-0031 | भ्रष्टाचार की शिकायत |
| Kisan Call Centre | 1800-180-1551 | किसान सहायता |
| Cyber Crime | 1930 | Online ठगी, हैकिंग |
Appendix E
⚖️ Free Legal Aid Contact List
| संस्था | कहाँ | कैसे संपर्क |
| DLSA (District Legal Services Authority) | हर ज़िला court में | ज़िला court जाओ, DLSA office पूछो |
| SLSA (State Legal Services Authority) | राज्य High Court में | State capital / online |
| NALSA | दिल्ली (National level) | 15100 / nalsa.gov.in |
| Legal Aid Clinic | कई law colleges में | नज़दीकी law college से पूछो |
| Lok Adalat | हर 2-3 महीने, ज़िला court | DLSA से dates पूछो |
Appendix F
📖 शब्दकोश (Glossary)
| शब्द | मतलब |
| RTI | Right to Information — सरकार से जानकारी माँगने का अधिकार |
| FIR | First Information Report — पुलिस में पहली शिकायत |
| Consumer | उपभोक्ता — सामान/सेवा ख़रीदने वाला |
| Mutation | नामांतरण — ज़मीन के record में मालिक का नाम बदलना |
| MGNREGA | महात्मा गांधी ग्रामीण रोज़गार गारंटी — 100 दिन काम |
| DLSA | District Legal Services Authority — मुफ़्त क़ानूनी मदद |
| Lok Adalat | लोक अदालत — जल्दी और मुफ़्त न्याय |
| Minimum Wage | न्यूनतम मज़दूरी — इससे कम देना ग़ैर-क़ानूनी |
| E-Shram | असंगठित मज़दूरों का registration portal |
| POSH Act | कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम क़ानून |
| PMJJBY | प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा — ₹436/साल life insurance |
| BPL | Below Poverty Line — ग़रीबी रेखा से नीचे |